भारतीय कप्तान शुभमन गिल के प्रदर्शन पर वसीम जाफर की बड़ी टिप्पणी
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और प्रतिभाशाली कप्तान शुभमन गिल इन दिनों अपने खेल के दम पर लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में उन्होंने अपनी शानदार शतकीय पारी से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए इस मुकाबले में गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए यह साबित कर दिया कि वह खेल के लंबे और सीमित ओवरों के प्रारूप में लंबी रेस के घोड़े हैं। इस बीच, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने शुभमन गिल को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जो खेल गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
वसीम जाफर ने एक चर्चा के दौरान कहा कि शुभमन गिल एक ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी हैं, लेकिन मौजूदा समय में भारतीय टी20 टीम का संतुलन और बेंच स्ट्रेंथ इतनी मजबूत है कि वहां उनकी जगह बनना बेहद कठिन हो गया है। जाफर के अनुसार, यदि गिल किसी अन्य देश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का हिस्सा होते, तो उन्हें उस देश की टी20 टीम में प्लेइंग इलेवन में शामिल होने के लिए कभी संघर्ष नहीं करना पड़ता और वह स्वतः ही पहली पसंद बन जाते। भारतीय टीम के भीतर इस वक्त युवा खिलाड़ियों की जिस तरह की फौज तैयार हो चुकी है, उसने टीम चयन को बेहद पेचीदा बना दिया है।
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टी20 प्रारूप में क्यों नहीं मिल पा रही है शुभमन गिल को जगह
शुभमन गिल ने अब तक भारत के लिए कुल 36 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके बल्ले से 28.03 की औसत से 869 रन निकले हैं। इस दौरान उनके नाम एक शतक और तीन अर्धशतक भी दर्ज हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से उन्हें भारतीय टी20 टीम में निरंतर मौके नहीं मिल पा रहे हैं। दिसंबर के आखिर में उन्होंने अपना आखिरी टी20 मैच खेला था, जिसके बाद से खराब फॉर्म और टीम कॉम्बिनेशन के समीकरणों के कारण उन्हें बाहर बैठना पड़ा है।
मौजूदा समय में भारतीय टी20 सेटअप में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी जैसे धाकड़ खिलाड़ी शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। इन खिलाड़ियों के आक्रामक तेवर और लगातार बेहतर प्रदर्शन ने शुभमन गिल की टी20 टीम में वापसी के रास्ते बेहद मुश्किल कर दिए हैं। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के लिए यह सिरदर्द बन गया है कि वे किस खिलाड़ी को बाहर करें और किसे अंदर लाएं। यही वजह है कि वसीम जाफर ने माना कि भारतीय टीम की यह बेंच स्ट्रेंथ दुनिया की किसी भी टीम के मुकाबले सबसे ज्यादा खौफनाक और मजबूत है।
विराट कोहली की लेगेसी को आगे बढ़ाने का माद्दा रखते हैं गिल
वनडे क्रिकेट में शुभमन गिल का बल्ला जिस तरह से गरज रहा है, उससे दिग्गजों को उसमें भविष्य का बड़ा सुपरस्टार नजर आने लगा है। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वसीम जाफर ने तो यहां तक कह दिया है कि वनडे फॉर्मेट में विराट कोहली आने वाले समय में जो लेगेसी छोड़कर जाएंगे, उसे आगे बढ़ाने की पूरी क्षमता शुभमन गिल के पास है। कम उम्र में मैदान पर दिखाई जाने वाली परिपक्वता और दबाव की स्थिति में शांत रहकर रन बनाने की कला गिल को बाकी खिलाड़ियों से अलग खड़ा करती है।
वनडे मुकाबलों में गिल के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि वह इस प्रारूप के कितने बड़े खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती 67 पारियों में ही 50 से अधिक रनों का स्कोर बनाने के मामले में दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज हाशिम अमला की बराबरी कर ली है। गिल अब तक अपने वनडे करियर में 10 शानदार शतक और 20 अर्धशतक जड़ चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम वनडे में उन्होंने विराट कोहली के साथ मिलकर जिस तरह से भारतीय पारी को संभाला और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया, उसने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया।
कप्तानी की जिम्मेदारी और भविष्य की उम्मीदें
जब से शुभमन गिल को भारतीय टीम की कमान सौंपी गई है, उनकी बल्लेबाजी में जिम्मेदारी का एक नया स्तर देखने को मिला है। कप्तान के रूप में मैदान पर उनके रणनीतिक फैसले और जरूरत पड़ने पर खुद आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करना यह दिखाता है कि वह भविष्य के लिए एक तैयार लीडर हैं। तिरुवनंतपुरम मैच में विराट कोहली ने नाबाद 139 रनों की पारी खेली, तो वहीं गिल ने भी 108 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि भारतीय बल्लेबाजी की अगली पीढ़ी सुरक्षित हाथों में है।
"शुभमन गिल एक कमाल के खिलाड़ी हैं। वह एक ऑल-फॉर्मेट प्लेयर हैं। हमारी टी20 टीम इस वक्त इतनी मजबूत है कि शुभमन जैसी प्रतिभा के लिए वहां जगह बनाना मुश्किल हो रहा है। यदि वह किसी अन्य देश की तरफ से खेलते, तो वह बिना किसी परेशानी के टी20 टीम में भी अपनी जगह पक्की कर लेते।" — वसीम जाफर, पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज
आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट कैलेंडर काफी व्यस्त रहने वाला है और टीम इंडिया को कई महत्वपूर्ण सीरीज खेलनी हैं। ऐसे में शुभमन गिल का यह फॉर्म और उनकी कप्तानी कौशल टीम मैनेजमेंट के लिए राहत की सांस लेकर आया है। भले ही फिलहाल उन्हें टी20 प्रारूप से दूर रहना पड़ रहा हो, लेकिन टेस्ट और वनडे में उनका जलवा बदस्तूर जारी है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि गिल इसी निरंतरता के साथ खेलते रहे, तो आने वाले दशक में वह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े स्तंभों में से एक होंगे।

