शेयर बाजार में गिरावट के बीच NSE के शेयरों में फिसलन
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों चौतरफा बिकवाली का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर देश के सबसे बड़े वित्तीय बाजारों में शुमार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुआ NSE का स्टॉक अपने शुरुआती उत्साह के बाद अब दबाव में आ गया है। सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान एनएसई का शेयर अपने आईपीओ प्राइस से भी नीचे लुढ़क गया, जिससे निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि सुस्त कारोबारी माहौल और वैश्विक संकेतों के कारण यह गिरावट आई है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसे एक अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
कारोबारी सत्र के दौरान एनएसई का शेयर बीएसई पर 1,786 रुपये के आसपास खुला था, लेकिन बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई और भाव तेजी से गिरते हुए 1,761 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गए। याद दिला दें कि एक्सचेंज ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था, और अंतिम ऑफर प्राइस 1,785 रुपये रखा गया था। लिस्टिंग के दिन इस शेयर ने निवेशकों को जरूर थोड़ा प्रीमियम दिया था और यह 1,800 रुपये पर डेब्यू करते हुए 1,878 रुपये के उच्च स्तर तक गया था, लेकिन मौजूदा मंदी ने इस पर ब्रेक लगा दिया है।
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मार्केट कैपिटालाइजेशन में आई भारी गिरावट
शेयर के भाव टूटने से कंपनी के कुल बाजार मूल्यांकन यानी मार्केट कैप पर भी असर पड़ा है। लिस्टिंग के पहले दिन जब स्टॉक ने उच्च स्तर छुआ था, तब एनएसई का कुल मार्केट कैप करीब 4,49,955 करोड़ रुपये पहुंच गया था। इस वैल्यूएशन के साथ यह देश की शीर्ष लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो गया था और कई दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया था। हालांकि, सोमवार को भाव में आई गिरावट के बाद इसका मार्केट कैपिटालाइजेशन घटकर 4,37,580 करोड़ रुपये के आसपास रह गया, जिससे एक ही सत्र में निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की उतार-चढ़ाव भरी स्थिति किसी भी नए लिस्टेड शेयर के लिए आम होती है, खासकर तब जब पूरा शेयर बाजार ही भारी दबाव में हो। सेंसेक्स और निफ्टी में आई जोरदार गिरावट के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली करना बेहतर समझा, जिसका असर इस काउंटर पर भी साफ तौर पर दिखाई दिया। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेशकों को घबराने के बजाय कंपनी के बुनियादी फंडामेंटल्स पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि एनएसई देश की वित्तीय रीढ़ की हड्डी जैसा है और इसका व्यापार मॉडल बेहद मजबूत है।
ब्रोकरेज फर्मों ने दी खरीदारी की सलाह और तय किए टारगेट
बाजार में जारी इस सुस्ती के बावजूद कई प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों का रुख एनएसई के शेयरों को लेकर काफी सकारात्मक बना हुआ है। पीएल कैपिटल (PL Capital), मैक्वायरी (Macquarie) और एमके ग्लोबल (MK Global) जैसी नामचीन ब्रोकरेज फर्मों ने इस शेयर में निवेश जारी रखने या गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह दी है। इन फर्मों ने निवेशकों को मौजूदा भाव से लगभग 15 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलने की उम्मीद जताई है और तदनुसार अपने प्राइस टारगेट भी तय किए हैं।
"मौजूदा बाजार की कमजोरी भले ही निवेशकों को डरा रही हो, लेकिन एनएसई जैसी मोनोपोली और मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों के शेयरों में ऐसी गिरावट लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बेहतरीन मौका साबित हो सकती है। इसे पोर्टफोलियो स्टॉक के रूप में रखना समझदारी होगी।"— अरुण केजरीवाल, संस्थापक, केजरीवाल रिसर्च एंड इन्वेस्टमेंट सर्विसेज
विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि निवेशकों को अपने निवेश का फैसला लेते समय अपने वित्तीय सलाहकारों से चर्चा जरूर करनी चाहिए। स्टॉक मार्केट में निवेश हमेशा जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए किसी भी शेयर को खरीदने से पहले उसके तकनीकी और फंडामेंटल पहलुओं का गहराई से अध्ययन करना बेहद आवश्यक है ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
आगे की क्या है चाल और निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
मौजूदा तकनीकी चार्ट को देखें तो एनएसई का शेयर 1,785 रुपये के आसपास के स्तर पर एक अहम दौर से गुजर रहा है। यदि यह शेयर इस स्तर के नीचे लगातार टिकता है, तो आने वाले सत्रों में निवेशकों को कुछ और सतर्कता बरतनी पड़ सकती है। वहीं, जानकारों ने इसके लिए एक निश्चित स्टॉपलॉस का सुझाव भी दिया है ताकि किसी भी बड़ी गिरावट से निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके।
कुल मिलाकर, भले ही इस समय शेयर बाजार का मिजाज ठंडा है और एनएसई का स्टॉक अपने इश्यू प्राइस से थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा है, लेकिन इसकी बाजार में स्थिति और बिजनेस मॉडल को देखते हुए इसे लेकर भविष्य की संभावनाएं अभी भी उज्जवल मानी जा रही हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे शॉर्ट टर्म उठापटक से घबराने के बजाय अपनी निवेश रणनीति लंबी अवधि के नजरिए से ही तय करें।







