अखिलेश यादव का ऐलान: रिमोट सेंसिंग तकनीक से होगी फेक एनकाउंटरों की जांच
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और एनकाउंटरों का मुद्दा गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साल 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर राज्य में हुए कथित फर्जी एनकाउंटरों की विशेष जांच कराई जाएगी। इस जांच के लिए आधुनिक रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय गाड़ियां कैसे पलटीं और रास्ते में क्या-क्या बदलाव किए गए थे।
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह की वैज्ञानिक जांच के लिए जितना भी वित्तीय खर्च आएगा, राज्य सरकार उसकी पूरी व्यवस्था करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीकों और डिजिटल एप्लीकेशंस का इस्तेमाल केवल पुलिस या प्रशासन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सबसे ज्यादा उपयोग खेती-किसानी, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में किया जाएगा ताकि आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।
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मिशन 2027 की रणनीति: हर विधानसभा में बढ़ाए जाएंगे 27 हजार वोट
आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी ने अभी से ही जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव ने पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मिशन-2027 को ध्यान में रखते हुए पार्टी का लक्ष्य हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 27 हजार वोट बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मेहनत करनी होगी ताकि भाजपा के वोट बैंक को चुनौती दी जा सके और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) बस्तियों तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाया जा सके।
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के बीच जाकर मौजूदा सरकार की नाकामियों को उजागर करेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव नजदीक आते-आते पीडीए समाज से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को जानबूझकर महत्वहीन पदों पर भेजा जा सकता है, जिसके प्रति पार्टी और कार्यकर्ता पूरी तरह सतर्क हैं।
बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाएं टूटने की घटनाओं पर सरकार को घेरा
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के 72 जिलों में 151 से अधिक स्थानों पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़ी गई हैं। उन्होंने विशेष रूप से बलिया जिले का जिक्र किया जहां इस तरह की सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आईं। लेकिन प्रशासन की लचर कार्यशैली का नतीजा यह रहा कि इनमें से केवल 14 मामलों में ही गिरफ्तारियां की जा सकेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में दलितों, पिछड़ों और समाज के कमजोर वर्गों की भावनाओं को आहत किया जा रहा है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के तमाम दावों के बावजूद ज़मीनी हकीकत यह है कि सामाजिक न्याय के प्रतीकों की सुरक्षा करने में भी प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है।
भ्रष्टाचार, पेपरलीक और एक्सप्रेसवे निर्माण में घोटाले के गंभीर आरोप
राज्य के विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में एक्सप्रेसवे के नाम पर केवल चुनिंदा लोगों की जेबें भरी गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बनाई गई सड़कों में कुछ ही समय में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनकी वजह से आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा एथेनाल के नाम पर मिलावटखोरी का खेल चल रहा है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए रिकॉर्ड पेपरलीक के मामले सामने आए हैं।
"भाजपा सरकार में जब भी कोई नई नौकरी की प्रक्रिया शुरू होती है, तो सबसे पहले आरक्षण का हक मारा जाता है। उत्तर प्रदेश पेपरलीक के मामलों में देश भर में सबसे आगे निकल गया है और युवाओं के सपने टूट रहे हैं।" — अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के तमाम दावों के बावजूद प्रदेश में अपेक्षित औद्योगिक निवेश नहीं आ पाया है। निवेश के नाम पर कागजी दावे किए जा रहे हैं जबकि ज़मीनें खाली पड़ी हैं। किसानों को उनकी जमीनों का उचित मुआवजा और बढ़ा हुआ सर्किल रेट नहीं दिया जा रहा है।
अयोध्या से वाराणसी सड़क निर्माण और अन्य मुद्दों पर तीखे तंज
अयोध्या और धार्मिक स्थलों के विकास के नाम पर चल रहे कार्यों पर भी अखिलेश यादव ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में पहले बड़े पैमाने पर ज़मीन के घोटाले किए गए और बाद में चंदा चोरी के प्रकरण सामने आए। इसके अलावा अयोध्या से वाराणसी के बीच बनाए जा रहे सड़क मार्ग के निर्माण में भी भारी वित्तीय घोटाले का आरोप लगाया।
गोंडा प्रकरण से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही इस मामले में दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। महिलाओं को वित्तीय सहायता देने की योजना पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिन बैंकों के माध्यम से यह सरकार महिलाओं को एक लाख रुपये देने की बात कर रही है, हमारी सरकार आने पर हम उन्हीं बैंकों से व्यवस्था करवाकर महिलाओं को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देंगे।
राजनीतिक बयानों और छात्र संघ चुनावों पर प्रतिक्रिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में समाजवादी पार्टी के छात्र उम्मीदवार की हार के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि अगर चुनाव में किसी तरह की धांधली या प्रशासनिक दबाव न डाला जाता, तो उनका उम्मीदवार भारी अंतर से जीत दर्ज करता। उन्होंने मीडिया और राजनीतिक विरोधियों के हर सवाल का बेबाकी से जवाब देते हुए अपनी पार्टी की आगामी राजनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।





