बिहार की सियासत में इन दिनों एक बड़ा बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। राजनीति के गलियारों में अक्सर यह सवाल तैरता रहता है कि क्या अब राज्य में नेतृत्व की पीढ़ी बदल रही है यानी जनरेशन शिफ्ट हो रहा है? इसी0 बड़े सवाल के जवाब तलाशने के लिए पटना में आयोजित प्रतिष्ठित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम के मंच पर बिहार सरकार के तीन प्रमुख और युवा मंत्रियों को खास तौर पर आमंत्रित किया गया था। इस सत्र में राजनीतिक गलियारों की गर्मागर्म चर्चाओं पर खुलकर बात हुई।
पंचायत आजतक मंच पर मंत्रियों ने दिए तीखे सवालों के जवाब
कार्यक्रम के 'सबका साथ, सबका विकास' नामक विशेष सत्र में बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष सुमन, पंचायत राज मंत्री दीपक प्रकाश और गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार पासवान ने शिरकत की। एंकर साहिल जोशी के तीखे और दो टूक सवालों के सामने इन तीनों युवा मंत्रियों ने सरकार की नीतियों, कामकाज और भविष्य के राजनीतिक एजेंडे को बेहद बेबाकी से रखा। सत्र के दौरान मंत्रियों ने यह भी बताया कि किस तरह से सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं को पहुंचाने का काम कर रही है।
"हम सब मिलकर बिहार के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। जनता ने हम पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरना हमारी पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता है।" — संतोष सुमन, लघु जल संसाधन मंत्री, बिहार सरकार
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युवा चेहरों के हाथों में बिहार की कमान और जनता की उम्मीदें
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ सालों में युवा नेताओं को आगे आने का मौका मिला है। इस बदलाव को विश्लेषक एक बड़े जनरेशन शिफ्ट के रूप में देख रहे हैं। जब मंत्रियों से यह पूछा गया कि क्या यह बदलाव केवल चेहरों का है या सोच का भी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की राजनीति में काम बोलता है। जनता अब सिर्फ वादों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिख रहे विकास कार्यों के आधार पर अपना फैसला सुनाती है।
विपक्ष के हमलों पर मंत्रियों का पलटवार
सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और बयानों पर भी मंत्रियों ने तीखा पलटवार किया। मंत्रियों का कहना था कि विपक्ष के पास आज के समय में कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे सिर्फ बयानबाजी की राजनीति कर रहे हैं। बिहार की जनता सब जानती है और समय आने पर वे ऐसे लोगों को पूरी तरह से नकार देती है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि यह युवा नेतृत्व बिहार की राजनीतिक दशा और दिशा को किस तरह से आगे लेकर जाता है।




