चेन्नई/ग्राउंड ब्यूरो — तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से राजनेता बने तमिळगा वेत्री कळघम (TVK) के नेता और मुख्यमंत्री विजय का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में हुए विभिन्न घटनाक्रमों ने उन्हें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया के केंद्र में ला दिया है। त्रिची और अन्य इलाकों में उनके रोड शो के दौरान उमड़ी भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी राजनीतिक जमीन बेहद तेजी से मजबूत कर रहे हैं। राज्य की जनता के बीच उनकी सीधी पहुंच और उनका आक्रामक चुनाव प्रचार विपक्षी दलों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में बच्चों के साथ बैठकर नाश्ता किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस जनहितैषी कदम से जहां एक तरफ आम जनता और स्कूली बच्चों के बीच उनकी लोकप्रियता में इजाफा हुआ है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के जमीनी कार्यक्रम उन्हें जनता के ज्यादा करीब ला रहे हैं और उनके राजनीतिक कद को और ऊंचा कर रहे हैं।
पोटनिवडणुकी प्रचार और उम्मीदवारी पर सियासी संग्राम
पोटनिवडणुकी के माहौल में सीएम विजय ने TVK की उम्मीदवार पी. सत्यभामा के समर्थन में जोरदार रोड शो किया और जनसभाओं को संबोधित किया। उनके इस प्रचार अभियान ने चुनाव का पूरा समीकरण ही बदल दिया है और सभी राजनीतिक दलों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। चुनावी मैदान में उतरकर सीधे मतदाताओं से जुड़ने की उनकी शैली ने पारंपरिक राजनेताओं को भी हैरान कर दिया है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में उनके समर्थकों का उत्साह देखते ही बनता है, जो पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ ही उन पर राजनीतिक हमले भी तेज हो गए हैं। हाल ही में फिल्म अभिनेता विजय सेतुपति ने एक रियलिटी शो के दौरान बिना किसी का नाम लिए नेतृत्व और लीडरशिप को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं, जिसे लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर काफी अटकलें लगाई गईं। इन बयानों के बाद शो के मेकर्स को भी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी, जिससे यह साबित होता है कि विजय का नाम आज की तारीख में किसी भी चर्चा के केंद्र में रहने के लिए काफी है।
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विदेशी दौरे पर विवाद और राजनीतिक बयानबाजी
मुख्यमंत्री विजय के हालिया विदेश दौरे को लेकर भी तमिलनाडु की राजनीति में घमासान मच गया है। विपक्षी पार्टी AIADMK ने उनके इस दौरे पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि नोएडा मुख्यालय वाली एक निजी कंपनी के सिलसिले में उन्हें यूनाइटेड किंगडम (यूके) जाने की क्या जरूरत थी। इस तरह के सवालों ने राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और विपक्षी दल इसे लेकर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
दूसरी तरफ, TVK समर्थकों का कहना है कि ये दौरे और व्यावसायिक या प्रशासनिक संपर्क राज्य के विकास और औद्योगिक प्रगति के लिए बेहद जरूरी हैं। विपक्षी दल केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए इन मुद्दों को तूल दे रहे हैं। जैसे-जैसे तमिलनाडु में आगामी राजनीतिक चुनौतियां नजदीक आ रही हैं, मुख्यमंत्री विजय के हर कदम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तीखी नजर बनी हुई है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी नजर बनाए रखेगी।




