दिल्ली के सीमापुरी इलाके से इस वक्त एक बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। यहां एक भारी-भरकम पांच मंजिला इमारत अचानक से ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर नीचे गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को दी। शुरुआती रिपोर्ट्स में इस इमारत के तीन या चार मंजिला होने की बात कही जा रही थी, लेकिन बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन ने इसकी पुष्टि की कि यह पांच मंजिला इमारत थी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है और चीख-पुकार मची हुई है। मलबे के नीचे आठ से दस लोगों के दबे होने की गहरी आशंका जताई जा रही है। ठंड और अंधेरे के बीच राहत और बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की अन्य कमजोर इमारतों को भी खाली कराना शुरू कर दिया है ताकि किसी और बड़े हादसे को टाला जा सके।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन
घटनास्थल पर इस वक्त राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और दिल्ली दमकल सेवा की कई गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। जेसीबी मशीनों और गैस कटर की मदद से मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। बचाव दल के कर्मचारी बेहद सावधानी के साथ कंक्रीट के बड़े-बड़े स्लैब हटा रहे हैं ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। अब तक एक व्यक्ति के हताहत होने की खबर सामने आ रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में नियमों को ताक पर रखकर लगातार अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। घनी आबादी वाले इन इलाकों में बिना किसी नक्शे या इंजीनियर की देखरेख के पुरानी इमारतों पर अतिरिक्त मंजिलें खड़ी कर दी जाती हैं। सीमापुरी की यह गिरी हुई इमारत भी काफी पुरानी बताई जा रही है जो कमजोर नींव के चलते अचानक बैठ गई। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस इमारत के निर्माण में किस तरह की लापरवाही बरती गई थी।
प्रशासन की शुरुआती कार्रवाई और घायलों को अस्पताल भेजने की तैयारी
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के तमाम बड़े नुमाइंदे मौके पर कैंप किए हुए हैं। मलबे से निकाले जा रहे घायलों को तुरंत पास के सरकारी और निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। अस्पतालों में भी डॉक्टरों की विशेष टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि इमरजेंसी में तुरंत इलाज शुरू किया जा सके। मुख्यमंत्री कार्यालय और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लगातार इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।
दिल्ली के इन घनी बस्तियों में इस तरह के हादसे पहले भी कई बार जानमाल का बड़ा नुकसान कर चुके हैं। संकीर्ण गलियों के कारण दमकल और बचाव दल की गाड़ियां समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाती हैं। सीमापुरी में हुए इस ताजा हादसे ने एक बार फिर राजधानी की अवैध निर्माण और लचर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। द फ्रीलान्स की टीम लगातार मौके पर मौजूद है और इस हादसे से जुड़े हर नए अपडेट पर हमारी नजर बनी हुई है।



