कुरारा में गूंजे 'नमो सेवा' के बोल, नुक्कड़ नाटक से दी गई योजनाओं की जानकारी
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे में जन जागरूकता और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को लेकर एक अनूठी पहल देखने को मिली है। यहाँ रविवार को 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत विशेष नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनमानस तक सरल और सहज भाषा में पहुंचाना था, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
बेरी तिराहा पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय कला मंच के कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। 'नमो सेवा—अनकही कहानियां' शीर्षक के तहत प्रस्तुत किए गए इस नाटक में कला के माध्यम से समाज सुधार और आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाओं के सकारात्मक प्रभावों को जीवंत किया गया। कलाकारों ने अभिनय के जरिए यह समझाने का प्रयास किया कि कैसे सरकार की नीतियां धरातल पर आम आदमी के जीवन में बदलाव ला रही हैं।
संबंधित खबरें
बेटी बचाओ, उज्ज्वला और किसान सम्मान निधि का दिखा असर
नाटक की पटकथा में मुख्य रूप से उन योजनाओं को केंद्र में रखा गया, जिनका सीधा संबंध सीधे तौर पर महिलाओं, किसानों और आम परिवारों से है। इसमें 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के जरिए कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया गया। इसके अलावा, महिलाओं के जीवन को धुएं से मुक्त करने वाली प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और देश के अन्नदाताओं की आर्थिक रीढ़ मजबूत करने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के फायदों को बेहद रोचक तरीके से मंच पर दिखाया गया।
कलाकारों ने अपने संवादों और अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की तस्वीर बदली है। दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों का मानना है कि जटिल सरकारी प्रक्रियाओं और योजनाओं की जानकारी जब कला और संस्कृति के माध्यम से दी जाती है, तो वह आम जनता के दिल और दिमाग में आसानी से उतर जाती है।
बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ और स्थानीय लोगों की सहभागिता
इस नुक्कड़ नाटक को देखने के लिए कुरारा कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों से भारी संख्या में लोग बेरी तिराहा पर जुटे। नाटक के दौरान जिस तरह से आम जीवन की समस्याओं और उनके सरकारी समाधानों को चित्रित किया गया, उसने उपस्थित दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। महिलाओं और युवाओं की मौजूदगी इस बात का प्रमाण थी कि लोग इस तरह के रचनात्मक आयोजनों में खासी रुचि ले रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और इस प्रकार के आयोजनों को समय की मांग बताया। आयोजकों ने बताया कि नुक्कड़ नाटक संवाद का एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो बिना किसी औपचारिकता के सीधे जनता से जुड़ता है। यही कारण है कि इस आयोजन ने कम समय में ही स्थानीय स्तर पर एक बड़ा संदेश देने का काम किया है।
राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की रही विशेष मौजूदगी
इस सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी अहम योगदान रहा। इस अवसर पर हमीरपुर विधानसभा सह-संयोजक इंद्रप्रकाश बाजपेई, मंडल संयोजक रामविलास श्रीवास, मंडल अध्यक्ष मोहन कुशवाहा, मंडल उपाध्यक्ष अनुज द्विवेदी और प्रभात श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना पार्टी का मुख्य लक्ष्य है।
इसके साथ ही कार्यक्रम में मंडल मंत्री रेनू सिंह, मंडल कोषाध्यक्ष दीपक पांडेय, शक्ति केंद्र संयोजक कुरारा-ए आशु द्विवेदी, बूथ अध्यक्ष रामसनेही प्रजापति और विनय कुमार वर्मा जैसे जमीनी कार्यकर्ता भी पूरी तन्मयता के साथ मौजूद रहे। नगर और क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित तथा सम्मानित नागरिकों ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया और इस पहल को सराहनीय कदम बताया।
"जनता तक सरकार की योजनाओं का संदेश पहुंचाने का यह सबसे बेहतरीन और प्रभावी तरीका है। कला के माध्यम से जब बातें कही जाती हैं, तो वे सीधे दिल पर असर करती हैं। आने वाले दिनों में ऐसे और भी अभियान चलाए जाएंगे ताकि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।" — इंद्रप्रकाश बाजपेई, विधानसभा सह-संयोजक
सेवा संकल्प अभियान का आगामी विस्तार और उद्देश्य
आयोजकों के अनुसार, 'सेवा संकल्प अभियान' केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक व्यापक अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। आने वाले हफ्तों में हमीरपुर जिले के अन्य ग्रामीण और शहरी मंडलों में भी इस तरह के नुक्कड़ नाटकों और जागरूकता शिविरों का आयोजन किए जाने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी के अभाव में केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं से वंचित न रह जाए।
अंत में, इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि पारंपरिक माध्यमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार आज भी बेहद प्रासंगिक और असरदार है। कुरारा में हुए इस आयोजन की चर्चा अब पूरे हमीरपुर जिले में हो रही है और इसे स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क का एक सफल मॉडल माना जा रहा है।






