नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजधानी में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल तकनीक और उसके फायदों पर खुलकर बात की। उन्होंने देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत में तकनीक हर आम आदमी की पहुंच तक पहुंच चुकी है। पहले जिन लोगों की मुफ्त की कमाई चलती थी और जो बिचौलिए गरीबों का हक मारते थे, आज उनका यह धंधा पूरी तरह बंद हो चुका है। सरकार की डिजिटल नीतियों की वजह से देश के आम नागरिकों को सीधा फायदा मिल रहा है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश बहुत हद तक कम हो गई है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि आज देश का बैंकिंग सिस्टम और स्वास्थ्य सेवाएं मोबाइल फोन की स्क्रीन पर उपलब्ध हैं। गांव का एक सामान्य मजदूर भी अपने फोन से बैंक खाते का इस्तेमाल कर पा रहा है। इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे असली हकदार के खाते में पहुंच रहा है। पीएम मोदी ने दावा किया कि इस पूरी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की वजह से करीब पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं। यह रकम पहले बिचौलियों और भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ जाती थी, लेकिन अब यह देश के विकास और जनता के पास सुरक्षित है।
यूपीआई पेमेंट और फेस्टिव सीजन को लेकर बड़ी राहत
दूसरी तरफ, देश के डिजिटल पेमेंट सिस्टम यानी यूपीआई को लेकर भी बाजार में नए अपडेट सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूपीआई ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने का नया नियम अभी दो महीने के लिए टल सकता है। पहले यह नियम पंद्रह अक्टूबर से लागू होने की चर्चा थी, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे आगे बढ़ाया गया है। इसका मतलब यह है कि फेस्टिव सीजन में आम जनता यूपीआई के जरिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के खुलकर पेमेंट कर सकेगी। छोटे दुकानदारों और ग्राहकों के लिए यह राहत भरी खबर है क्योंकि इससे त्योहारी खरीदारी में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।
बाजार में चल रही चर्चाओं के मुताबिक, दो हजार रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने के नियम पर अभी विचार चल रहा है। लेकिन आम लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सरकार और नियामक संस्थाएं यह सुनिश्चित कर रही हैं कि डिजिटल भुगतान का चलन कम न हो। त्योहारी सीजन के दौरान लोग ऑनलाइन पेमेंट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में चार्ज लगने की खबर से जो असमंजस बना हुआ था, उस पर स्थिति साफ होने से खरीदारों को बड़ी राहत मिली है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
मस्क के आरोपों पर सरकार का स्पष्ट रुख और बाजार के हाल
टेक्नोलॉजी और बिजनेस जगत की अन्य खबरों पर नजर डालें तो स्टारलिंक को लेकर भी सरकार की तरफ से स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है। सरकार ने एलन मस्क के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि देश के कुछ बड़े व्यापारी स्टारलिंक की एंट्री को रोक रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि भारत में नियम सभी कंपनियों के लिए एक समान हैं और किसी खास बिजनेसमैन के दबाव में कोई फैसला नहीं लिया जाता है। सैटेलाइट इंटरनेट के नियमों को पूरा करने वाली हर कंपनी को बाजार में काम करने की पूरी अनुमति मिलेगी।
इसके अलावा, आम उपभोक्ता बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। त्योहारी मांग के बीच सोने और चांदी के दामों में हल्की नरमी देखने को मिली है। सर्राफा बाजार के आंकड़ों के अनुसार सोना थोड़ा सस्ता हुआ है और चांदी के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि आम लोग अभी भी अपने जरूरी कामों और डिजिटल भुगतानों पर ही ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि देश में तकनीक का दायरा जितनी तेजी से बढ़ रहा है, आम आदमी की जिंदगी उतनी ही आसान होती जा रही है।







