राजस्थान में पांच साल बाद हो रही है SI परीक्षा
राजस्थान में पुलिस सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर युवाओं का लंबा इंतजार आखिरकार आज खत्म हो गया है। साल 2021 में आयोजित हुई इस भर्ती परीक्षा को पेपर लीक और बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों के चलते रद्द कर दिया गया था। अब लगभग पांच साल बाद राज्य सरकार और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) एक बार फिर से इस परीक्षा का आयोजन कर रहे हैं। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में जहां एक तरफ उत्साह है, वहीं दूसरी तरफ पुराने अनुभवों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है।
इस बार की परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राज्य के 11 प्रमुख जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा का संचालन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है ताकि योग्य और मेहनती युवाओं के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो सके।
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दो लाख से अधिक अभ्यर्थी आजमा रहे हैं किस्मत
इस बहुप्रतीक्षित परीक्षा में भाग लेने के लिए दो लाख 18 हजार 131 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने के कारण राज्य के परीक्षा केंद्रों पर भारी भीड़ और गहमागहमी का माहौल देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा 187 केंद्र अकेले राजधानी जयपुर में बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तय की गई है, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। सुरक्षा के कड़े नियमों के तहत परीक्षा केंद्रों के गेट परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले बंद कर दिए गए ताकि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अनियंत्रित स्थिति से बचा जा सके।
कड़ी सुरक्षा और तीन लेयर में हो रही है चेकिंग
पेपर लीक जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों की तीन लेयर में चेकिंग की जा रही है। कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों के जूते-मोजे और फुल स्लीव की शर्ट तक उतरवाकर उनकी तलाशी ली गई है। इसके अलावा महिला और युवतियों के हाथ में बंधे धागे और अन्य आभूषणों को भी खुलवाकर देखा जा रहा है ताकि किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या नकलची सामग्री को अंदर जाने से रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास के 300 मीटर के दायरे में विशेष प्रतिबंध लागू किए हैं। इस दायरे में आने वाली फोटो स्टेट की दुकानें, साइबर कैफे और ई-मित्र सेंटर पूरी तरह से बंद रखे गए हैं। पुलिस के आला अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं और खुफिया एजेंसियों को भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
ओएमआर शीट में जोड़ा गया है पांचवां विकल्प
इस बार की परीक्षा की एक और खास बात यह है कि इसमें पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक नया नियम जोड़ा गया है। परीक्षा इतिहास में यह पहला मौका है जब अभ्यर्थियों को किसी सवाल के चार पारंपरिक विकल्पों के साथ ही अनुत्तरित या अनसुलझे सवाल के लिए पांचवां सर्किल (गोला) भी ओएमआर शीट पर दिया गया है। यदि किसी अभ्यर्थी को किसी सवाल का जवाब नहीं आता है, तो उसे पांचवें गोले को भरना अनिवार्य किया गया है ताकि बाद में ओएमआर शीट में किसी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव की संभावना को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में किए गए इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया में धांधली की गुंजाइश काफी हद तक कम हो जाएगी। सरकार और आयोग का यह कदम पूरी चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है, जिसकी सराहना प्रतियोगी छात्र भी कर रहे हैं।
क्यों रद्द हुई थी साल 2021 की भर्ती परीक्षा?
आपको बता दें कि साल 2021 में यह सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा कुल 859 पदों के लिए आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद परिणाम घोषित हुए और चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर विभिन्न पदों पर कार्यभार भी संभाल लिया था। कई अभ्यर्थी तो पिछले कुछ समय से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं भी दे रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पेपर लीक और बड़े पैमाने पर हुई धांधली के पुख्ता सबूत सामने आने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने पिछले साल अगस्त के महीने में इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच और देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने भी सिंगल बेंच के इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी, जिसके बाद इस दोबारा परीक्षा का रास्ता साफ हुआ।
गिरफ्तारियों और कानूनी कार्रवाई का दौर
इस बहुचर्चित पेपर लीक कांड में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान 70 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों सहित कुल 130 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस पूरे गिरोह के तार कितने गहरे थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (RPSC) के दो पूर्व सदस्य भी शामिल पाए गए थे, जिन्हें पुलिस ने कानून के शिकंजे में लिया।
"पेपर लीक मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और यह परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जा रही है।" — प्रशासनिक अधिकारी, राजस्थान सरकार
निष्कर्ष और आगे की राह
राजस्थान में पांच साल बाद हो रही यह एसआई भर्ती परीक्षा न केवल प्रशासनिक अमले के लिए बल्कि राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए भी एक बड़ी अग्निपरीक्षा है। पिछले सालों में पेपर लीक के कारण टूटे युवाओं के भरोसे को बहाल करने की यह एक बड़ी कोशिश है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस परीक्षा को बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक पूरा कराने में कितना सफल होता है।




