घुमारवीं में शिक्षा और खेल के विकास को मिल रही नई गति
हिमाचल प्रदेश के नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, खेल और आधारभूत ढांचे के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और आधुनिक खेल अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि क्षेत्र का समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री राजेश धर्माणी पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे थे। इस प्रतियोगिता में जिलेभर के 47 विद्यालयों के लगभग 521 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
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शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर चमका हिमाचल प्रदेश
समारोह को संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के बड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय रैंकिंग में काफी पीछे यानी 21वें स्थान पर था। हालांकि, राज्य सरकार की सख्त नीतियों और शिक्षा सुधार के प्रयासों के कारण वर्ष 2024 के सर्वे में प्रदेश ने शानदार सुधार करते हुए देश भर में तीसरा स्थान हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रत्येक छात्र को उच्च स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है, जिसके तहत जनवरी 2026 में 30 अतिरिक्त राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
पीएम श्री विद्यालय के निर्माण के लिए करोड़ों की राशि जारी
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राजेश धर्माणी ने बताया कि पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि उपलब्ध कराई गई है। इस फंड के मिलने से विद्यालय का रुका हुआ निर्माण कार्य अब बहुत जल्द फिर से शुरू हो जाएगा, जिससे बच्चों को पढ़ाई के लिए अत्याधुनिक और बेहतर माहौल मिल सकेगा।
उन्होंने शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि शिक्षकों को पूरी लगन और निष्ठा के साथ बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने का प्रयास करना चाहिए।
युवाओं के लिए खेल हॉस्टल और आधुनिक स्टेडियम का निर्माण
खेलों के विकास पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि मोर सिंघी में बालिकाओं के लिए एक नया हैंडबॉल हॉस्टल अधिसूचित कर दिया गया है और इसके सुचारू संचालन के लिए जरूरी स्टाफ की भी नियुक्ति कर दी गई है। इसके अलावा घुमारवीं में 100 सीटों की क्षमता वाले आधुनिक स्पोर्ट्स हॉस्टल की भी आधिकारिक अधिसूचना जारी हो चुकी है, जिसमें पांच से छह प्रमुख खेलों की विशेष सुविधाएं मिलेंगी।
राजेश धर्माणी ने बताया कि घुमारवीं में न्यायालय के पास लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल वाला भव्य इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया जा रहा है, जिसके लिए करीब 15 करोड़ रुपये की राशि मिल चुकी है। इसके साथ ही बिलासपुर के बद्दाघाट में फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए साढ़े तीन करोड़ की लागत से फुल साइज फुटबॉल मैदान और करलोटी-भराड़ी में स्टेडियमों का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।
"विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद बेहद जरूरी हैं। हमारी सरकार घुमारवीं को खेल और शिक्षा का बड़ा हब बनाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है, जिससे ग्रामीण अंचल के युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतरीन मंच मिल सकें।" — राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, हिमाचल प्रदेश
निष्कर्ष और आगे की रूपरेखा
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश डोगरा, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष दयाराम और उप निदेशक उच्च शिक्षा नरेश चंदेल समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। सरकार की इन दूरदर्शी योजनाओं से स्पष्ट है कि आने वाले समय में घुमारवीं क्षेत्र शिक्षा और खेल के नक्शे पर एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरेगा।




