उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल लगातार एक्टिव हो रहे हैं। इसी कड़ी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने भी आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपनी रणनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। राजधानी लखनऊ के कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी पार्टी कार्यालय में रविवार को शिवसेना यूबीटी उत्तर प्रदेश कार्यसमिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए, जहां पार्टी के विस्तार और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नवंबर से शुरू होगा जिलों का सघन दौरा, कार्यकर्ताओं से होगा सीधा संवाद
पार्टी के राष्ट्रीय संघटक और नवनियुक्त संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि संगठन को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे धरातल पर मजबूत करने के लिए नवंबर महीने से प्रदेश के विभिन्न जनपदों का सघन दौरा किया जाएगा। इस दौरान पार्टी के बड़े नेता जिलों में जाकर स्थानीय पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बूथ और जिला स्तर पर संगठन की कमियों को दूर करना और नई नियुक्तियां करना है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा नहीं होगा, तब तक चुनावी मैदान में बेहतर परिणाम हासिल करना मुश्किल है। जिलों में सीधे संवाद से स्थानीय मुद्दों को समझने में भी मदद मिलेगी।
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महाराष्ट्र और यूपी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर
बैठक में मुख्य रूप से पार्टी की राष्ट्रीय कार्यप्रणाली और उत्तर प्रदेश इकाई के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर बात हुई। अशोक तिवारी के संपर्क प्रमुख बनने से महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की इकाइयों के बीच संवाद का रास्ता और अधिक सुगम हो गया है। इससे प्रदेश के कार्यकर्ताओं की बात सीधे पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक आसानी से पहुंच सकेगी।
पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपनी जमीन तलाशने के लिए शिवसेना (UBT) को लगातार जनता के बीच रहना होगा और स्थानीय मुद्दों को आक्रामकता के साथ उठाना होगा।
आपसी मतभेद भुलाकर पूरी निष्ठा से काम करने की अपील
प्रदेश प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह ने बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और शिवसैनिकों से साफ शब्दों में कहा कि अब समय व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर संगठनहित में काम करने का है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात को लेकर बेहद गंभीर है और पार्टी राज्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
"राष्ट्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश संगठन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अशोक तिवारी के संपर्क प्रमुख बनने से महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत होगी।" — ठाकुर अनिल सिंह, प्रदेश प्रमुख, शिवसेना (UBT)
ठाकुर अनिल सिंह ने आगे कहा कि आने वाले दिनों में संगठन की गतिविधियों में तेजी लाई जाएगी और हर जिले में पार्टी के जनादेश को आगे बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिवसैनिकों से आह्वान किया गया कि वे जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरें और जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करें।
आगामी चुनावों को लेकर तैयार हो रही है खास रणनीति
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए शिवसेना (UBT) अपने समीकरण साधने में जुटी है। हालांकि राज्य में पार्टी का मुख्य आधार महाराष्ट्र जैसा बड़ा नहीं है, फिर भी पार्टी अपनी हिंदुत्ववादी छवि और स्थानीय मुद्दों के जरिए अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। कानपुर की इस बैठक में चुनावी तैयारियों को लेकर एक शुरुआती ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है, जिसके आधार पर नवंबर के दौरों की रूपरेखा तय होगी।
बैठक के अंत में सभी नेताओं ने एक स्वर में संगठन को और अधिक गतिशील बनाने का संकल्प लिया। अब देखना यह होगा कि नवंबर से शुरू होने वाला यह दौरा शिवसेना (UBT) के लिए उत्तर प्रदेश की सियासी जमीन पर कितना कारगर साबित होता है और पार्टी जनता के बीच अपनी कितनी पकड़ बना पाती है।


