उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के मोर्चे पर एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि आगामी छह महीनों के भीतर राज्य के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से एक खास कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत हर हफ्ते एक बड़ा भर्ती इवेंट आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को बिना किसी देरी और पूरी पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसर मिल सकें।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और पुलिस बल में नए नियुक्ति पत्र
राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने सभी नवनियुक्त युवाओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जब किसी योग्य अभ्यर्थी का चयन पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के माध्यम से होता है, तो यह केवल उस परिवार की सफलता नहीं होती, बल्कि पूरे शासन व्यवस्था के प्रति आम जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बन जाती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 2017 में सत्ता में आने के बाद से ही भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में क्रांतिकारी सुधार किए हैं, जिससे आज हर योग्य युवा को उसकी मेहनत का पूरा फल मिल रहा है।
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2017 से पहले की व्यवस्था पर तीखा प्रहार
विपक्ष पर कड़ा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग अपने कार्यकाल में व्यवस्था को सुधार नहीं पाए, वे आज बेबुनियाद बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपनी अकर्मण्यता और अक्षमता के कारण उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया था, उन्हें आज यूपी पुलिस या प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष केवल आंकड़े गिनता रहे, हमारी सरकार युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरियां देती जाएगी और प्रदेश को लगातार आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं में भारी विसंगतियां थीं, जिसके कारण नौजवानों में भारी निराशा और हताशा का माहौल था। भाई-भतीजावाद ने पूरे सिस्टम को इस तरह जकड़ रखा था कि सामान्य और गरीब परिवार के योग्य युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाना एक असंभव सपना बन गया था। लेकिन मौजूदा सरकार ने आते ही लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और पुलिस भर्ती बोर्ड की पूरी कार्यप्रणाली को बदलकर रख दिया।
"जो कर नहीं पाए, वे हमेशा बोलेंगे। जिन्होंने अपनी अकर्मण्यता और अक्षमता से उत्तर प्रदेश को बीमारू बनाया, उनके निकम्मेपन और निठल्लेपन को यूपी और देश देख चुका है। विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी।" — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
सुरक्षित माहौल और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश एक कर्फ्यू-मुक्त और माफिया-मुक्त राज्य बन चुका है। कभी जिन इलाकों में आए दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू लगा रहता था, आज वहां उत्सव जैसा माहौल रहता है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में अपराधी और माफिया आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बने हुए थे, लेकिन आज कोई भी उपद्रवी खुली जीप में असलहा लहराने का दुस्साहस नहीं कर सकता। कानून का खौफ ऐसा है कि हर नागरिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कभी राज्य में 10 हजार महिला पुलिसकर्मी भी नहीं हुआ करती थीं, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 44 हजार से अधिक हो चुकी है। चालू भर्ती प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद इस वर्ष के अंत तक महिला पुलिसकर्मियों की यह संख्या 50 हजार के आंकड़े को पार कर जाएगी। इसके अलावा, राज्य के हर जिले में साइबर थाने और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित कर स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा दिया गया है।
साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को मिला रोजगार का अवसर
सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक सरकारी क्षेत्र में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को नौकरियां दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में भी भारी पैमाने पर निवेश आया है, जिससे लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जिनकी अर्थव्यवस्था और प्रति पिछले नौ-साढ़े नौ वर्षों में तीन गुना तक बढ़ चुकी है।
उन्होंने यह भी बताया कि पेपर लीक जैसी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ देश का सबसे कड़ा कानून उत्तर प्रदेश में बनाया गया है, जिसमें आजीवन कारावास और अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने तक का प्रावधान शामिल है। अब पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है और हर रेंज में फॉरेंसिक लैब की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। राज्य सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि उत्तर प्रदेश का युवा देश और दुनिया में अपनी मेहनत के दम पर एक नई पहचान बनाए।







