एशियन गेम्स 2026: भारत के खाते में आए कई अहम पदक
जापान के आइची-नागोया शहर में आयोजित हो रहे महामुकाबले यानी एशियन गेम्स 2026 के दूसरे दिन भी भारतीय खिलाड़ियों का जोश और उत्साह सातवें आसमान पर नजर आया। खेल के इस महाकुंभ में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत बेहद आक्रामक और शानदार अंदाज में की है। हालांकि देश के खेल प्रेमियों की निगाहें अभी भी अपने पहले गोल्ड मेडल पर टिकी हुई हैं, लेकिन शुरुआती दो दिनों में ही भारतीय एथलीटों ने कुल छह पदक अपने नाम कर यह साबित कर दिया है कि वे इस बार पोडियम पर तिरंगा फहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
शूटिंग रेंज से लेकर रिंग और मैदान तक, हर जगह भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और प्रतिभा का लोहा मनवाया है। खासकर निशानेबाजी में भारत का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला है, जहां सटीक निशानों ने देश को कई पोडियम फिनिश दिलाए। इसके अलावा टीम खेलों और कॉम्बैट स्पोर्ट्स में भी भारतीय दल ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए अपने इरादे साफ जाहिर कर दिए हैं।
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निशानेबाजी में चमके भारतीय निशानेबाज, मिले चार सिल्वर मेडल
एशियन गेम्स के दूसरे दिन भारतीय निशानेबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में भारतीय निशानेबाजों ने अपनी सटीकता का शानदार नमूना पेश किया और सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। इस टीम स्पर्धा के बाद व्यक्तिगत वर्ग में भी भारत को शानदार सफलता हाथ लगी। युवा निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल की व्यक्तिगत स्पर्धा में बेहतरीन एकाग्रता दिखाते हुए देश के लिए एक और सिल्वर मेडल जीता।
वहीं, इस स्पर्धा में पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल ने भी अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) अपने नाम किया। शुरुआती दो दिनों में भारत ने अपने सभी चार सिल्वर मेडल शूटिंग स्पर्धाओं में ही हासिल किए हैं, जो इस खेल में भारत की लगातार मजबूत होती स्थिति को बयां करता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में शूटिंग रेंज से देश को और भी कई बड़े मेडल मिलने की पूरी उम्मीद है।
एमएमए और हॉकी में भी भारत का परचम, महिलाओं ने दिखाया दम
सिर्फ शूटिंग ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों में भी भारत के जांबाज पीछे नहीं रहे हैं। महिला ट्रेडिशनल 60 किग्रा मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) इवेंट में सुचिका तारियाल ने अद्भुत जुझारूपन का परिचय दिया। सुचिका ने सिंगापुर की खिलाड़ी टियो हुई हून के खिलाफ कड़े मुकाबले में जीत हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यह भारत के लिए कॉम्बैट स्पोर्ट्स में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दूसरी ओर, हॉकी के मैदान पर भारतीय महिला टीम ने अपने आक्रामक खेल से तहलका मचा दिया। ड्रैग फ्लिकर दीपिका, फॉरवर्ड रूतुजा पिसाल और स्टार खिलाड़ी नवनीत कौर की शानदार हैट्रिक के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने इंडोनेशिया को 17-1 के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी। एशियाई खेलों के पूल बी में यह भारत की लगातार दूसरी बड़ी जीत है, जिससे टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है।
कबड्डी और मुक्केबाजी में भी शानदार आगाज
एशियाई खेलों में भारत के पारंपरिक खेलों का जलवा हमेशा से कायम रहा है। गत चैंपियन भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने सोमवार को अपने अभियान की शुरुआत बेहद धमाकेदार अंदाज में की। टीम ने मेजबान जापान को 49-24 के बड़े अंतर से रौंदकर अपने खिताब की रक्षा के अभियान का शानदार आगाज किया। कोर्ट पर भारतीय खिलाड़ियों की रेड और टैकल ने जापानी टीम को उबरने का कोई मौका नहीं दिया।
इसके अलावा मुक्केबाजी रिंग में भी भारत की शुरुआत बेहतरीन रही। सुमित कुंडू ने 70 किग्रा भार वर्ग के शुरुआती दौर में थाईलैंड के मजबूत मुक्केबाज बुनजोंग सिनसिरी को सर्वसम्मत फैसले से मात दी। इस शानदार जीत के साथ ही सुमित ने प्री-क्वांट्र फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टेबल टेनिस कोर्ट पर भी भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को 3-0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की, जिसमें सुतीर्था मुखर्जी, 17 वर्षीय सिंड्रेला दास और श्रीजा अकुला ने बेहतरीन खेल दिखाया।
श्रीहरि नटराज मेडल से चूके, तैराकी में कड़ी चुनौती
एक तरफ जहां देश के कई एथलीटों ने पदक जीते, वहीं तैराकी (Swimming) के पूल से थोड़ी निराशा भी हाथ लगी। भारत के स्टार तैराक श्रीहरि नटराज पुरुषों के 50 मीटर बैकस्ट्रोक फाइनल में मेडल की दौड़ से चूक गए। उन्होंने इस रेस को पूरा करने के लिए 25.52 सेकंड का समय निकाला और वे 10वें स्थान पर रहे। इस स्पर्धा में चीन के जियाओ जू ने 24.04 सेकंड का नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनके हमवतन जिचेंग वांग ने सिल्वर और दक्षिण कोरिया के जिहवान यून ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। हालांकि, भारतीय तैराकों का यह सफर अभी खत्म नहीं हुआ है और आगामी स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
"हमारे खिलाड़ियों ने शुरुआती दिनों में ही जिस तरह का जज्बा दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले मुकाबलों में भारत का स्वर्ण पदक का सूखा भी समाप्त होगा और देश की झोली में कई और बड़े मेडल आएंगे।" — खेल विशेषज्ञ एवं विश्लेषक





