दुबई से अमृतसर पहुंची फ्लाइट में हुआ बड़ा एक्शन
एविएशन सेक्टर से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। एअर इंडिया एक्सप्रेस के आठ क्रू मेंबर को सीधे तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई की चपेट में आने वालों में चार पायलट और चार केबिन क्रू मेंबर शामिल हैं। मामला 2 अगस्त 2026 का है, जब दुबई से चली एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट ने अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की थी।
फ्लाइट के अमृतसर पहुंचने के बाद सभी क्रू सदस्यों को विमानन नियामक डीजीसीए के तय नियमों के तहत अपनी ड्यूप्टी पूरी करनी थी। लेकिन एक छोटी सी लापरवाही इन सभी पर भारी पड़ गई। तय समय पर पोस्ट-फ्लाइट अल्कोहल टेस्ट न कराने की वजह से एयरलाइन को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर एविएशन इंडस्ट्री में सुरक्षा नियमों की सख्ती को उजागर कर दिया है।
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क्या कहता है डीजीसीए का कड़ा नियम?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए के सुरक्षा नियम बेहद सख्त हैं। नियमों के मुताबिक, जब भी कोई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट ऑपरेट करने वाली भारतीय एयरलाइन का क्रू भारत में लैंड करता है, तो उसे लैंडिंग के ठीक दो घंटे के अंदर पोस्ट-फ्लाइट अल्कोहल टेस्ट यानी ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराना अनिवार्य होता है। यह नियम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा सके।
लेकिन इस मामले में फ्लाइट AX-192 के आठों क्रू मेंबर तय समय सीमा का पालन करने में असफल रहे। एयरलाइन की फ्लाइट सुबह ठीक 9:50 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरी थी। कायदे से क्रू को नियमों के मुताबिक समय पर अपना टेस्ट पूरा करवा लेना चाहिए था, लेकिन वे इसमें चूक गए।
क्यों हुई थी टेस्ट कराने में 35 मिनट की देरी?
सवाल उठता है कि आखिर क्रू मेंबर समय पर टेस्ट क्यों नहीं करवा पाए? सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट की लैंडिंग के बाद अचानक एक क्रू मेंबर की तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी। इसके बाद सभी क्रू मेंबर जरूरी पोस्ट-अराइवल औपचारिकताएं पूरी करके अपने तय होटल के लिए रवाना हो गए और बाद में टेस्ट कराने के लिए एयरपोर्ट लौटे।
जब ये सभी क्रू मेंबर दोबारा एयरपोर्ट पहुंचकर टेस्ट के लिए पहुंचे, तब तक फ्लाइट लैंड होने के बाद दो घंटे और 35 मिनट बीत चुके थे। यानी निर्धारित दो घंटे के समय से ठीक 35 मिनट की देरी हो चुकी थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि जब बाद में उनका टेस्ट हुआ, तो सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके बावजूद समय सीमा का उल्लंघन होने के कारण नियम अपना काम कर चुके थे।
एयरलाइन ने खुद दी डीजीसीए को पूरे मामले की जानकारी
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने इस पूरी घटना की जानकारी पारदर्शिता बरतते हुए तुरंत डीजीसीए को दे दी। एयरलाइन ने साफ किया कि सुरक्षा नियमों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। एयरलाइन के इंटरनल नियमों और डीजीसीए की गाइडलाइंस का पालन करते हुए तुरंत इन सभी आठों क्रू मेंबर को ड्यूटी से हटा दिया गया और उन्हें तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया।
"एविएशन इंडस्ट्री में सुरक्षा और नियमों का पालन सर्वोपरि है। थोड़ी सी भी कोताही या तय समय सीमा का उल्लंघन सीधे तौर पर अनुशासनहीनता माना जाता है, जिस पर हमारी नीति बिल्कुल जीरो टॉलरेंस की है।" — वरिष्ठ विमानन अधिकारी, एअर इंडिया एक्सप्रेस
फिलहाल सस्पेंड किए गए इन चारों पायलटों और चारों केबिन क्रू मेंबर्स की पहचान उजागर नहीं की गई है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद से एविएशन स्टाफ के बीच हड़कंप जरूर मच गया है। एयरलाइंस कंपनियां अब हर छोटी-बड़ी प्रक्रिया को लेकर और ज्यादा सतर्क हो गई हैं ताकि किसी भी तरह के नियम टूटने से बचा जा सके।



