देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक बार फिर गहमागहमी का माहौल देखने को मिला है। हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किए गए प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए CJP नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य सदस्यों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा हंगामा उस वक्त शुरू हुआ जब CJP के कार्यकर्ता और नेता अचानक जंतर-मंतर पर जा पहुंचे। खास बात यह है कि इस क्षेत्र को हाल ही में आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया गया है। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरे को दरकिनार करते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) दफ्तर के पास स्थित गेट को फांदकर अंदर प्रवेश किया और जमकर नारेबाजी की।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना था। जेडीयू कार्यालय के करीब स्थित गेट को फांदकर अंदर दाखिल होने के बाद इन नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आए और मौके से लगभग 11 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस कार्रवाई को जंतर-मंतर को दोबारा अपने अधिकार में लेने का एक आंदोलन करार दिया है।
नया प्रदर्शन नीति विवाद और पूर्व की गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी नए आदेशों के तहत रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को ही धरने-प्रदर्शन के लिए अधिकृत किया गया है। सीजेपी का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे पहले शनिवार को भी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए इन्हीं नेताओं को हिरासत में लिया था और एक साल तक शांति भंग न करने की शर्त पर छोड़ा था, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।
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