विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राज्य/दिल्ली में प्रदर्शन करने का क्या है पूरा नियम? जानिए परमिशन लेने से लेकर तय की गई लोकेशन तक की हर अहम बात
राज्यपढ़ने में समय: 3 मिनट

दिल्ली में प्रदर्शन करने का क्या है पूरा नियम? जानिए परमिशन लेने से लेकर तय की गई लोकेशन तक की हर अहम बात

दिल्ली में प्रदर्शन और धरने को लेकर 'परमिशन' और 'इंटीमेशन' पर बहस तेज हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान देता है, लेकिन इसके लिए कुछ खास नियमों और निर्धारित जगहों का पालन करना अनिवार्य है।
✍️
राज्य एवं प्रादेशिक ब्यूरो, द फ्रीलांस
प्रादेशिक एवं राज्य ब्यूरो•7 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•41
🌐Read in English →
शेयर करें:
दिल्ली में प्रदर्शन करने का क्या है पूरा नियम? जानिए परमिशन लेने से लेकर तय की गई लोकेशन तक की हर अहम बात
📷 दिल्ली में प्रदर्शन करने का क्या है पूरा नियम? जानिए परमिशन लेने से लेकर तय की गई लोकेशन तक की हर अहम बात — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • दिल्ली में किसी भी सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति लेना कानूनन अनिवार्य है।
  • भीड़ की संख्या के आधार पर दिल्ली में तीन प्रमुख प्रदर्शन स्थल—जंतर-मंतर, रामलीला मैदान और बुराड़ी ग्राउंड—तय किए गए हैं।
  • संसद और सेंट्रल विस्टा के आसपास के इलाकों जैसे इंडिया गेट और कर्तव्य पथ पर धरना-प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

दिल्ली की सियासत इन दिनों गरमाई हुई है, जहां राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शनों का दौर जारी है। किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या नागरिक समूह को प्रदर्शन करने से पहले प्रशासनिक अनुमति लेनी होती है। हालांकि संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है, लेकिन सार्वजनिक जगहों पर सभा या मार्च के लिए प्रशासन द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करना कानूनी रूप से जरूरी होता है। सुप्रीम कोर्ट भी यह स्पष्ट कर चुका है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मौलिक अधिकार आम लोगों की आवाजाही, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के साथ संतुलित होना चाहिए।

पुलिस को पहले जानकारी और अनुमति क्यों है जरूरी?

आयोजकों को पुलिस को कार्यक्रम के बारे में पहले से लिखित जानकारी देनी होती है ताकि कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जंतर-मंतर या अन्य निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले डीसीपी के पास औपचारिक आवेदन देना होता है। इस आवेदन में प्रदर्शन का उद्देश्य, समय, आयोजकों के नाम और अनुमानित भीड़ का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य है। केवल पत्र जमा कर देने भर से प्रदर्शन की मंजूरी नहीं मिल जाती, बल्कि खुफिया और स्थानीय एजेंसियां सुरक्षा जोखिमों का आकलन करने के बाद ही अनुमति पर अंतिम मुहर लगाती हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल: क्या बीजेपी से छिटक जाएगा कश्यप और पासी वोटबैंक?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल: क्या बीजेपी से छिटक जाएगा कश्यप और पासी वोटबैंक?

बवासीर के दर्द से परेशान शख्स ने नीम-हकीम के कहने पर गर्म किए पत्थर से की सिकाई, शरीर के अंदर पहुंचा डेढ़ किलो का पत्थर; डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान

बवासीर के दर्द से परेशान शख्स ने नीम-हकीम के कहने पर गर्म किए पत्थर से की सिकाई, शरीर के अंदर पहुंचा डेढ़ किलो का पत्थर; डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान

राजस्थान का यह इलाका बना दुर्लभ 'कैराकल' का सबसे बड़ा गढ़, देश के 96% हिस्से से हो चुका है गायब

राजस्थान का यह इलाका बना दुर्लभ 'कैराकल' का सबसे बड़ा गढ़, देश के 96% हिस्से से हो चुका है गायब

बिहार में किसान आंदोलन का बड़ा ऐलान, राकेश टिकैत बोले- हक के लिए लड़ना होगा

बिहार में किसान आंदोलन का बड़ा ऐलान, राकेश टिकैत बोले- हक के लिए लड़ना होगा

गैस कनेक्शन कटने के नाम पर भेजते थे खतरनाक APK फाइल, अंतरराज्यीय साइबर ठग गैंग का खुलासा

गैस कनेक्शन कटने के नाम पर भेजते थे खतरनाक APK फाइल, अंतरराज्यीय साइबर ठग गैंग का खुलासा

वीडियो: रील्स बनाते दोस्त से टूटा मोबाइल, तो पहाड़ से दे दिया धक्का! झील में डूबने की बताई झूठी कहानी, फिर ऐसे खुला राज

वीडियो: रील्स बनाते दोस्त से टूटा मोबाइल, तो पहाड़ से दे दिया धक्का! झील में डूबने की बताई झूठी कहानी, फिर ऐसे खुला राज

भीड़ के हिसाब से तय हैं प्रदर्शन की तीन लोकेशन

राष्ट्रीय राजधानी में भीड़ की क्षमता के आधार पर प्रदर्शन स्थलों का स्पष्ट वर्गीकरण किया गया है। 1,000 तक की सीमित संख्या वाले प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर को चिह्नित किया गया है। यदि किसी आंदोलन में 1,000 से 50,000 तक लोग शामिल होने वाले हों, तो उसके लिए सेंट्रल दिल्ली का रामलीला मैदान तय किया गया है। वहीं, 50,000 से अधिक की विशाल जनसभा या प्रदर्शन के लिए बाहरी दिल्ली स्थित बुराड़ी ग्राउंड को निर्धारित स्थल माना गया है। इसके अलावा, संसद और सेंट्रल विस्टा के आसपास के संवेदनशील इलाकों—जैसे इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, मानसिंह रोड और जनपथ—पर हर तरह के धरना-प्रदर्शन और पैदल मार्च पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर क्या हो सकता है एक्शन?

यदि कोई संगठन पूर्व सूचना और औपचारिक अनुमति के बिना प्रदर्शन करता है, तो पुलिस के पास उसे रोकने के पूरे कानूनी अधिकार होते हैं। ऐसे मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की जा सकती है। अनुमति के बिना जुटने वाली भीड़ को गैर-कानूनी घोषित कर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा सकता है और आयोजकों पर सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जा सकता है। राजधानी की संवेदनशीलता को देखते हुए यह प्रक्रिया शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

डिस्क्लेमर एवं साभार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और रिपोर्टों पर आधारित इस जानकारी के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि करता है। यह विषय सार्वजनिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जानकारी साभार: संबंधित प्रशासनिक दिशानिर्देश और मीडिया रिपोर्ट्स।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

राज्य एवं प्रादेशिक ब्यूरो, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

उत्तर प्रदेश व प्रादेशिक विकास रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस का प्रादेशिक ब्यूरो उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के जमीनी मुद्दों, विकास योजनाओं, प्रशासनिक कार्रवाइयों और ग्रामीण-शहरी समस्याओं की निष्पक्ष और वास्तविक रिपोर्टिंग करता है।

❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

संबंधित खबरें (Related Articles)

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल: क्या बीजेपी से छिटक जाएगा कश्यप और पासी वोटबैंक?STATES

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल: क्या बीजेपी से छिटक जाएगा कश्यप और पासी वोटबैंक?

7 अक्टू॰40
बवासीर के दर्द से परेशान शख्स ने नीम-हकीम के कहने पर गर्म किए पत्थर से की सिकाई, शरीर के अंदर पहुंचा डेढ़ किलो का पत्थर; डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जानSTATES

बवासीर के दर्द से परेशान शख्स ने नीम-हकीम के कहने पर गर्म किए पत्थर से की सिकाई, शरीर के अंदर पहुंचा डेढ़ किलो का पत्थर; डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान

7 अक्टू॰29
राजस्थान का यह इलाका बना दुर्लभ 'कैराकल' का सबसे बड़ा गढ़, देश के 96% हिस्से से हो चुका है गायबSTATES

राजस्थान का यह इलाका बना दुर्लभ 'कैराकल' का सबसे बड़ा गढ़, देश के 96% हिस्से से हो चुका है गायब

7 अक्टू॰36
बिहार में किसान आंदोलन का बड़ा ऐलान, राकेश टिकैत बोले- हक के लिए लड़ना होगाSTATES

बिहार में किसान आंदोलन का बड़ा ऐलान, राकेश टिकैत बोले- हक के लिए लड़ना होगा

7 अक्टू॰37
गैस कनेक्शन कटने के नाम पर भेजते थे खतरनाक APK फाइल, अंतरराज्यीय साइबर ठग गैंग का खुलासाSTATES

गैस कनेक्शन कटने के नाम पर भेजते थे खतरनाक APK फाइल, अंतरराज्यीय साइबर ठग गैंग का खुलासा

7 अक्टू॰38
वीडियो: रील्स बनाते दोस्त से टूटा मोबाइल, तो पहाड़ से दे दिया धक्का! झील में डूबने की बताई झूठी कहानी, फिर ऐसे खुला राजSTATES

वीडियो: रील्स बनाते दोस्त से टूटा मोबाइल, तो पहाड़ से दे दिया धक्का! झील में डूबने की बताई झूठी कहानी, फिर ऐसे खुला राज

7 अक्टू॰27
विज्ञापन • ADVERTISEMENT