राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त और तेज हो गई जब नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस स्थित प्रतिष्ठित सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए पूरी तरह बंद करने का आदेश जारी कर दिया। यह फैसला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उस बहुप्रचारित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के ठीक पहले आया है, जिसका ऐलान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा किया गया था।
NDMC का आदेश और प्रशासनिक कारण
एनडीएमसी द्वारा 15 अक्टूबर को जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम जनता के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह आदेश एनडीएमसी के निदेशक स्तर के अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
हाईकोर्ट में याचिका और CJP का रुख
इससे पहले, गुरुवार को इस मामले में नया मोड़ तब आया जब दिल्ली हाईकोर्ट में कनॉट प्लेस के पालिका बाजार के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और दुकानदारों की ओर से एक याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि सेंट्रल पार्क कोई राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन का स्थल नहीं है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग और सुरक्षा पाबंदियों से स्थानीय व्यापारियों, पैदल यात्रियों और सुचारू यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा, जिससे उनकी आजीविका और व्यावसायिक गतिविधियों में भारी बाधा आएगी। हालांकि, अदालत ने इस मार्च पर पूर्ण रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
'लहरा दो तिरंगा' मार्च के पीछे के मुद्दे
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची (voter list) से कथित तौर पर नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस मार्च का आह्वान किया है। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिपके ने देश के नागरिकों, राजनीतिक दलों और सिविल सोसाइटी के लोगों से अपील की थी कि वे इस तिरंगा मार्च में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा था कि तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है और देश के झंडे से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न रिपोर्टों के आधार पर तैयार इस खबर के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि करता है। यह पूरा घटनाक्रम राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
राज्य एवं प्रादेशिक ब्यूरो, द फ्रीलांस
सत्यापित संपादकीय डेस्कउत्तर प्रदेश व प्रादेशिक विकास रिपोर्टिंग टीम
द फ्रीलांस का प्रादेशिक ब्यूरो उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के जमीनी मुद्दों, विकास योजनाओं, प्रशासनिक कार्रवाइयों और ग्रामीण-शहरी समस्याओं की निष्पक्ष और वास्तविक रिपोर्टिंग करता है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।
नवरात्रि को लेकर MCD का सख्त आदेश, मंदिरों के आसपास मांस की दुकानें बंद रखने के निर्देश
अगली खबरत्योहारों से पहले व्यापारियों की बड़ी मांग, गृह मंत्री को पत्र लिखकर दिवाली तक धरना-प्रदर्शन रोकने की गुहार
संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

नए स्मार्टफोन महंगे होने से डिमांड में रिफर्बिश्ड फोन, 13 पर्सेंट तक बढ़ी डिमांड

Off-Season Travel in India: कम भीड़, सस्ते होटल और ज्यादा मजा! ऑफ सीजन में घूमें भारत की 5 खूबसूरत जगहें

दृश्यम 3 बनेगी साल की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म? जानें- बॉर्डर 2 को मात देने के लिए

कार डिजाइनिंग में AI का बोलबाला, 57% भारतीय ऑटो कंपनियां कर रहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल
‘delhi news’ व राज्य से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें
STATESनवरात्रि को लेकर MCD का सख्त आदेश, मंदिरों के आसपास मांस की दुकानें बंद रखने के निर्देश
STATESत्योहारों से पहले व्यापारियों की बड़ी मांग, गृह मंत्री को पत्र लिखकर दिवाली तक धरना-प्रदर्शन रोकने की गुहार
STATESफाइव-स्टार होटल की पार्किंग में खूनी संघर्ष, नागालैंड की युवती के अपहरण के प्रयास और मारपीट के आरोपों से मचा हड़कंप
STATESयूनिवर्सिटी कैंपस में उग्र प्रदर्शन और हाथापाई के बाद प्रशासन का कड़ा रुख, 10 छात्रों को किया सस्पेंड; जांच शुरू
STATESवीडियो: दीवाली और दशहरे पर ग्रीन पटाखों से बैन हटाने की उठी मांग, व्यापारियों ने सरकार के सामने रखी ये बड़ी बात
STATESवीडियो: एक दिन, तीन राज्य और गोलियों की गड़गड़ाहट... चार सनसनीखेज वारदातों ने दहलाया देश
STATESजंतर-मंतर बनेगा इतिहास? छात्र आंदोलनों से शुरू हुई इस जगह को धरना स्थलों की सूची से हटाने की तैयारी
STATES