दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनाव का रोमांच, आ रहे हैं परिणाम
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रसंघ चुनाव के लिए सरगर्मी अपने चरम पर है। दक्षिण दिल्ली के कॉलेजों से लेकर नॉर्थ कैंपस तक मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वोटों की गिनती और परिणामों का दौर जारी है। हर कॉलेज में छात्र नेताओं की जीत और हार को लेकर जबरदस्त उत्साह और तनाव का माहौल देखा जा रहा है। सुबह से ही परिसरों में छात्रों की भारी भीड़ जुटी हुई थी।
इस बार के चुनाव में विभिन्न छात्र संगठनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। कई प्रमुख कॉलेजों में छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद के लिए उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर ली है। शुरुआती रुझानों और नतीजों से साफ है कि चुनावी मैदान में छात्र पूरी ताकत से अपने पसंदीदा उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं।
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कई कॉलेजों में एबीवीपी का रहा दबदबा, भारती महाविद्यालय में क्लीन स्वीप
चुनाव परिणामों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। अदिति महाविद्यालय और अरविंदो कॉलेज मॉर्निंग में एबीवीपी समर्थित छात्रों ने भारी मतों से जीत हासिल की है। इसके अलावा भारती महाविद्यालय में तो एबीवीपी समर्थित पैनल ने सभी आठों पदों पर कब्जा जमाकर ऐतिहासिक क्लीन स्वीप किया है।
विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों में जीत का जश्न साफ तौर पर देखा जा सकता है। जगह-जगह ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया जा रहा है और छात्र नेता अपनी जीत का श्रेय छात्रों के समर्थन को दे रहे हैं। कॉलेज परिसरों के बाहर समर्थक अपने प्रत्याशियों की जीत पर आतिशबाजी करते हुए भी नजर आए।
मिरांडा हाउस और महिला कॉलेजों में दिखा खासा उत्साह
डूसू चुनाव 2026 में छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई। मिरांडा हाउस में लगभग 32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जहां प्राचार्या प्रो. बिजयालक्ष्मी नंदा की देखरेख में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। छात्राओं ने खेल सुविधाओं, बेहतर पुस्तकालयों और स्वच्छ परिसरों की मांग को प्रमुखता से उठाया।
"छात्रों ने इस बार के चुनाव में शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर खुलकर मतदान किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे।" — कॉलेज प्राचार्या
नियमों की अनदेखी और छिटपुट विवाद
हाई कोर्ट की कड़ी चेतावनियों के बावजूद कई जगहों पर चुनावी आचार संहिता की धज्जियां उड़ती हुई दिखीं। श्यालाल कॉलेज और अन्य परिसरों के बाहर सड़कें पर्चियों से पटी नजर आईं। कई जगहों पर समर्थकों द्वारा आतिशबाजी करने और नियमों का उल्लंघन करने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
दयाल सिंह कॉलेज के पास एनएसयूआई के एक बागी निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा एबीवीपी के नाम से गलत पर्चियां छपवाकर बांटने का गंभीर मामला भी सामने आया है। इस मामले पर छात्र संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है और चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आए।




