राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा पूरी तरह से चढ़ चुका है। INDIA ब्लॉक के तमाम घटक दलों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), CPI, CPI(M), RJD, NCP और RSP समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह पूरा विरोध प्रदर्शन वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित वोट चोरी के खिलाफ आयोजित किया गया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और SIR के जरिए मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कश्मीरी गेट और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है, और पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया है।
नेताओं के तीखे तेवर और 'वोट चोरी' के आरोप
आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सिंधी अकादमी से CEO दफ्तर की ओर मार्च कर रहे थे। आप विधायक संजीव झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में वोट चोरी के जरिए सरकारें बनाई जा रही हैं और फॉर्म-6 में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ रहा है।
वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और आरजेडी सांसद मनोज झा ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार चाहे जितनी एफआईआर दर्ज कर ले, लोकतंत्र की रक्षा की इस लड़ाई से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पंचकुइयाँ मार्ग से कनॉट प्लेस तक विरोध मार्च निकाला, जिसके दौरान कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
INDIA ब्लॉक की आगे की रणनीति और राजनीतिक हलचल
संसद और सड़क दोनों ही जगहों पर विपक्षी दल सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों के लिए एक विशेष लंच का भी आयोजन किया, जिसमें TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन सहित कई वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल हुए। लंच के दौरान संसद के भीतर और बाहर की रणनीतियों पर मंथन किया गया।
विपक्षी दलों का कहना है कि जब तक चुनाव आयोग पारदर्शी तरीके से काम करने का भरोसा नहीं दिलाता और इस विवादित प्रक्रिया को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन देशव्यापी स्तर पर जारी रहेगा। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं।
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