होम/राज्य/जम्मू से बेदखल होने के बाद अब देश के दूसरे राज्यों में पैर पसारने की फिराक में रोहिंग्या, सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी नींद
राज्यपढ़ने में समय: 4 मिनट

जम्मू से बेदखल होने के बाद अब देश के दूसरे राज्यों में पैर पसारने की फिराक में रोहिंग्या, सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी नींद

जम्मू के नरवाल इलाके से हटाए जाने के बाद अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या अब देश के अन्य राज्यों में छिपकर बसने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले 18 वर्षों में स्थानीय संस्कृति में घुल-मिल चुके ये लोग सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
18 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
जम्मू से बेदखल होने के बाद अब देश के दूसरे राज्यों में पैर पसारने की फिराक में रोहिंग्या, सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी नींद
📷 जम्मू से बेदखल होने के बाद अब देश के दूसरे राज्यों में पैर पसारने की फिराक में रोहिंग्या, सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी नींद — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • जम्मू के नरवाल इलाके से रोहिंग्याओं को बेदखल किए जाने के बाद देश के कई राज्यों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।
  • पहचान छिपाने और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए ये लोग सहानुभूति का कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • पंजाब, हरियाणा के नूंह, हैदराबाद और बेंगलुरु तक इन लोगों के फैलने का षड्यंत्र सामने आया है।

देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक बार फिर से बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। जम्मू के नरवाल इलाके से अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं को हटाए जाने के बाद अब वे देश के अन्य हिस्सों में नए ठिकाने तलाशने में जुट गए हैं। पिछले 18 सालों से जम्मू-कश्मीर में रह रहे ये लोग स्थानीय संस्कृति, बोलचाल और तौर-तरीकों में पूरी तरह ढल चुके हैं, जिसके कारण इनकी पहचान करना और भी मुश्किल होता जा रहा है।

जम्मू से निकलने के बाद कहां जा रहे हैं रोहिंग्या

खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के पास जो इनपुट आए हैं, उनके मुताबिक जम्मू से बेदखल होने के बाद ये लोग अचानक गायब हो गए हैं। ये गुपचुप तरीके से देश के अलग-अलग राज्यों में सफर कर रहे हैं और वहां स्थानीय लोगों के बीच छिपकर रहने की साजिश रच रहे हैं। इनकी कोशिश ऐसे इलाकों में बसने की है जहां पहले से ही कुछ बाहरी लोग रहते हों ताकि किसी का शक इन पर न जाए।

सूत्रों का कहना है कि इन लोगों ने देश के कई संवेदनशील इलाकों को अपने नए ठिकाने के रूप में चुनना शुरू कर दिया है। इनमें पंजाब के कुछ जिले, हरियाणा का नूंह इलाका, दक्षिण भारत के हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहर शामिल हैं। इन महानगरों और संवेदनशील जिलों में बड़ी आबादी होने के कारण पहचान छिपाना आसान होता है, जिसका फायदा ये उठाने की फिराक में हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

वीडियो: बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने की जिद पड़ी भारी, ट्रैक पर फंसी गाड़ी और फिर मची अफरा-तफरी

वीडियो: बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने की जिद पड़ी भारी, ट्रैक पर फंसी गाड़ी और फिर मची अफरा-तफरी

एक पूर्व कर्मचारी की हरकत और महिला सुरक्षा का हवाला देकर सीईओ ने इन 4 राज्यों के लोगों को नौकरी देने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

एक पूर्व कर्मचारी की हरकत और महिला सुरक्षा का हवाला देकर सीईओ ने इन 4 राज्यों के लोगों को नौकरी देने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो: 'इन 4 राज्यों के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी', टेक कंपनी के सीईओ के अजीबोगरीब ऐलान पर मचा भारी बवाल

वीडियो: 'इन 4 राज्यों के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी', टेक कंपनी के सीईओ के अजीबोगरीब ऐलान पर मचा भारी बवाल

वीडियो: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... सफाई के दौरान सड़क पर दिखा कचरे का ऐसा अंबार, नजारा देख उड़ जाएंगे होश

वीडियो: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... सफाई के दौरान सड़क पर दिखा कचरे का ऐसा अंबार, नजारा देख उड़ जाएंगे होश

वीडियो: तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह गया था नन्हा हाथी, मछुआरों और वन विभाग की टीम ने ऐसे बचाई जान

वीडियो: तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह गया था नन्हा हाथी, मछुआरों और वन विभाग की टीम ने ऐसे बचाई जान

वीडियो: नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' पहुंचे देश की राजधानी, महज साढ़े 4 घंटे में हटा दिया 585 किलो कचरा

वीडियो: नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' पहुंचे देश की राजधानी, महज साढ़े 4 घंटे में हटा दिया 585 किलो कचरा

वीडियो: साड़ी पहनकर बाइक लेकर निकली महिला, पुरुषों ने ट्रैफिक के बीच ऐसे बनाया रास्ता, लोग बोले- 'सभी मर्द...'

वीडियो: साड़ी पहनकर बाइक लेकर निकली महिला, पुरुषों ने ट्रैफिक के बीच ऐसे बनाया रास्ता, लोग बोले- 'सभी मर्द...'

सच्ची इंसानियत की मिसाल: पिछले 8 सालों से हर रविवार भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को दे रहे नई उम्मीद

सच्ची इंसानियत की मिसाल: पिछले 8 सालों से हर रविवार भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को दे रहे नई उम्मीद

पहचान छिपाने के लिए अपनाए जा रहे हैं नए पैंतरे

सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई से बचने के लिए इन रोहिंग्याओं ने अपने तौर-तरीके पूरी तरह बदल लिए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए ये लोग स्थानीय पहचान पत्र बनवाने और सहानुभूति बटोरने का सहारा ले रहे हैं। कई मामलों में यह भी देखा गया है कि ये लोग खुद को पीड़ित बताकर स्थानीय लोगों और संगठनों से मदद हासिल करने की कोशिश करते हैं।

पिछले डेढ़ दशक में इन्होंने न केवल कश्मीरी और डोगरी संस्कृति को समझा है, बल्कि यहां की स्थानीय भाषाओं में भी अच्छी खासी पकड़ बना ली है। यही वजह है कि आम लोगों के बीच इनकी पहचान करना बेहद कठिन हो गया है। स्थानीय लोगों को भी यह पता नहीं चल पाता कि उनके आस-पास रहने वाला व्यक्ति असल में कौन है और कहां से आया है।

"राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अवैध घुसपैठियों और देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।" — वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी, गृह मंत्रालय

तीन राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस हाई अलर्ट पर

इस ताजा घटनाक्रम के सामने आने के बाद देश के तीन प्रमुख राज्यों में पुलिस और खुफिया तंत्र को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। सीमावर्ती राज्यों से लेकर दक्षिण भारत के महानगरों तक की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। किराए पर मकान देने वाले मकान मालिकों को भी किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

खुफिया एजेंसियां उन रास्तों और एजेंटों की भी तलाश कर रही हैं जो इन रोहिंग्याओं को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने और फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में देश के कई बड़े शहरों में किराएदारों और बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए बड़े पैमाने पर विशेष अभियान चलाए जाने की संभावना है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

वीडियो: बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने की जिद पड़ी भारी, ट्रैक पर फंसी गाड़ी और फिर मची अफरा-तफरीSTATES

वीडियो: बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करने की जिद पड़ी भारी, ट्रैक पर फंसी गाड़ी और फिर मची अफरा-तफरी

24 सित॰
एक पूर्व कर्मचारी की हरकत और महिला सुरक्षा का हवाला देकर सीईओ ने इन 4 राज्यों के लोगों को नौकरी देने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसSTATES

एक पूर्व कर्मचारी की हरकत और महिला सुरक्षा का हवाला देकर सीईओ ने इन 4 राज्यों के लोगों को नौकरी देने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

24 सित॰
वीडियो: 'इन 4 राज्यों के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी', टेक कंपनी के सीईओ के अजीबोगरीब ऐलान पर मचा भारी बवालSTATES

वीडियो: 'इन 4 राज्यों के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी', टेक कंपनी के सीईओ के अजीबोगरीब ऐलान पर मचा भारी बवाल

24 सित॰
वीडियो: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... सफाई के दौरान सड़क पर दिखा कचरे का ऐसा अंबार, नजारा देख उड़ जाएंगे होशSTATES

वीडियो: 'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... सफाई के दौरान सड़क पर दिखा कचरे का ऐसा अंबार, नजारा देख उड़ जाएंगे होश

23 सित॰
वीडियो: तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह गया था नन्हा हाथी, मछुआरों और वन विभाग की टीम ने ऐसे बचाई जानSTATES

वीडियो: तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह गया था नन्हा हाथी, मछुआरों और वन विभाग की टीम ने ऐसे बचाई जान

23 सित॰
वीडियो: नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' पहुंचे देश की राजधानी, महज साढ़े 4 घंटे में हटा दिया 585 किलो कचराSTATES

वीडियो: नदी की सफाई करने वाले 'बिट्टू तबाही' पहुंचे देश की राजधानी, महज साढ़े 4 घंटे में हटा दिया 585 किलो कचरा

22 सित॰
वीडियो: साड़ी पहनकर बाइक लेकर निकली महिला, पुरुषों ने ट्रैफिक के बीच ऐसे बनाया रास्ता, लोग बोले- 'सभी मर्द...'STATES

वीडियो: साड़ी पहनकर बाइक लेकर निकली महिला, पुरुषों ने ट्रैफिक के बीच ऐसे बनाया रास्ता, लोग बोले- 'सभी मर्द...'

21 सित॰
सच्ची इंसानियत की मिसाल: पिछले 8 सालों से हर रविवार भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को दे रहे नई उम्मीदSTATES

सच्ची इंसानियत की मिसाल: पिछले 8 सालों से हर रविवार भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को दे रहे नई उम्मीद

21 सित॰