आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या ऑफिस के काम तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि लोग अपनी रोजमर्रा की कानूनी और प्रशासनिक मुश्किलों को आसान बनाने के लिए भी इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। बेंगलुरु के एक स्टार्टअप फाउंडर का हालिया अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां उन्होंने AI की मदद से पुलिस शिकायत का ड्राफ्ट तैयार किया और मामले को सुलझाया।
AI ने तैयार किया शिकायत का सटीक ड्राफ्ट
भारतएग्री के संस्थापक और सीईओ सिद्धार्थ डायलानी को एक सड़क घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करानी थी। शिकायत कैसे लिखें, उसमें क्या-क्या जानकारी दें और जमा करने के बाद क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, यह सब खुद तलाशने के बजाय उन्होंने AI की मदद ली। AI ने न केवल उनके लिए एक पेशेवर भाषा में शिकायत का ड्राफ्ट तैयार किया, बल्कि यह भी सलाह दी कि शिकायत जमा करने के बाद उसकी लिखित रिसीविंग जरूर लें।
इस शुरुआती मदद ने सिद्धार्थ का काफी समय बचा लिया और उन्हें औपचारिक कानूनी प्रक्रिया को समझने में आसानी हुई। इसके बाद, उनकी कार के डैशकैम में रिकॉर्ड हुई वीडियो फुटेज और बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर सबसे बड़ा सबूत साबित हुआ। पुलिस ने इसी नंबर के आधार पर आरोपी बाइक सवार को ट्रेस कर थाने बुलाया।
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माफी और मुआवजे पर खत्म हुआ विवाद
शुरुआत में बाइक सवार ने अपना अलग पक्ष रखा, लेकिन जब पुलिस के सामने डैशकैम के पुख्ता सबूत और एफआईआर की कानूनी कार्रवाई का जिक्र आया, तो उसने नरमी दिखाई। इसके बाद आरोपी ने अपनी गलती मानते हुए लिखित माफी मांगी और कार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए पैसे दिए। इस पूरे वाकये के बाद सिद्धार्थ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि AI अब उनका वकील बन गया है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि AI ने केवल ड्राफ्टिंग और प्रक्रिया को समझने में मदद की, जबकि असली और अंतिम कार्रवाई कानून व पुलिस प्रशासन द्वारा ही की गई।
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