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एपल पे ने भारत में दी दस्तक: बिना पिन और ओटीपी के होगा पेमेंट, जानिए क्या है इस्तेमाल का पूरा तरीका

अमेरिका में एक दशक पहले शुरू हुई एपल की डिजिटल पेमेंट सर्विस आखिरकार भारत में भी आ गई है। आईफोन और एपल वॉच यूजर्स अब अपने क्रेडिट कार्ड को वॉलेट से जोड़कर सीधे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकेंगे।
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टेक एवं ऑटोमोबाइल डेस्क, द फ्रीलांस
तकनीक व ऑटोमोबाइल डेस्क•30 सितंबर 2026 • अपडेटेड•37
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एपल पे ने भारत में दी दस्तक: बिना पिन और ओटीपी के होगा पेमेंट, जानिए क्या है इस्तेमाल का पूरा तरीका
📷 एपल पे ने भारत में दी दस्तक: बिना पिन और ओटीपी के होगा पेमेंट, जानिए क्या है इस्तेमाल का पूरा तरीका — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • अमेरिका में साल 2014 में लॉन्च होने के पूरे 10 साल बाद एपल पे ने भारतीय बाजार में आधिकारिक तौर पर कदम रख दिया है।
  • फिलहाल यह सुविधा सिर्फ एक्सिस बैंक के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए ही उपलब्ध कराई गई है।
  • दुकानों पर भुगतान के दौरान हर बार पिन, ओटीपी या कार्ड नंबर दर्ज करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

भारत में आईफोन यूजर्स के लिए डिजिटल पेमेंट का नया विकल्प

देशभर के आईफोन और स्मार्ट डिवाइस प्रेमियों के लिए एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है। तकनीकी दिग्गज कंपनी एपल ने अपनी चर्चित डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को आखिरकार भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। इस सेवा के शुरू होने के बाद अब देश में मौजूद आईफोन, आईपैड और एपल वॉच के उपभोक्ता अपने योग्य कार्ड्स को सीधे एपल वॉलेट में जोड़ सकेंगे। इसके जरिए वे रिटेल स्टोर्स, मोबाइल ऐप्स और चुनिंदा वेबसाइट्स पर बेहद आसानी से भुगतान करने में सक्षम होंगे। हालांकि, मैक उपयोगकर्ताओं के लिए यह सपोर्ट आने वाले समय में जारी किया जाएगा।

गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर यह सेवा साल 2014 से ही अमेरिकी बाजार और अन्य देशों में सक्रिय थी। भारत में डिजिटल भुगतान का एक बड़ा इकोसिस्टम पहले से ही यूपीआई के मजबूत कंधों पर खड़ा है। ऐसे में जब सामान्य नागरिक क्यूआर कोड स्कैन करके चंद सेकेंड में पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं, तब एपल पे का आना तकनीक प्रेमियों के लिए एक नया अनुभव लेकर आया है। यह सीधे तौर पर आपके भौतिक कार्ड को डिजिटल रूप में मोबाइल के अंदर सुरक्षित रखने और बिना कार्ड जेब से निकाले भुगतान करने की आधुनिक सुविधा प्रदान करता है.

एक्सिस बैंक बना पहला बैंकिंग पार्टनर, किन कार्ड्स को मिलेगा सपोर्ट

भारतीय बाजार में अपनी इस नई सेवा की शुरुआत करने के लिए एपल ने चुनिंदा वित्तीय संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है। फिलहाल लॉन्चिंग के शुरुआती चरण में एक्सिस बैंक इसका आधिकारिक बैंकिंग पार्टनर बनकर सामने आया है। वर्तमान में इस सुविधा का लाभ केवल वे ग्राहक उठा सकते हैं जिनके पास एक्सिस बैंक द्वारा जारी किए गए वीजा या मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड मौजूद हैं।

कंपनी के अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में देश के अन्य बड़े बैंकों और विभिन्न कार्ड नेटवर्क्स को भी इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। फिलहाल रूपे कार्ड और यूपीआई आधारित पेमेंट का सीधा समर्थन इस प्लेटफॉर्म पर नहीं दिया गया है। इसलिए जो लोग दैनिक जरूरतों के लिए पूरी तरह यूपीआई पर निर्भर हैं, उनके लिए यह अभी पारंपरिक यूपीआई का विकल्प नहीं बनेगा, बल्कि यह मुख्य रूप से क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए एक बेहतरीन कॉन्टैक्टलेस समाधान के रूप में काम करेगा।

बिना पिन और ओटीपी के ऐसे काम करेगी यह कॉन्टैक्टलेस तकनीक

दुकानों या शॉपिंग मॉल में खरीदारी के दौरान इस सेवा का इस्तेमाल बेहद आसान और सुरक्षित माना जा रहा है। यदि आपके पास समर्थित कार्ड मौजूद है और व्यापारी के पास एनएफसी यानी नियर फील्ड कम्युनिकेशन तकनीक वाली स्वाइप मशीन उपलब्ध है, तो आपको पारंपरिक तरीके से पर्स से कार्ड निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बजाय आपको केवल अपना आईफोन या एपल वॉच मशीन के करीब ले जाना होगा।

एपल पे और एपल वॉलेट की वाइस प्रेसिडेंट जेनिफर बेली ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य रोजमर्रा के लेनदेन को अधिक सुरक्षित, तेज और गोपनीय बनाना है। इसके माध्यम से भुगतान करते समय हर बार पिन या ओटीपी बताने की झंझट खत्म हो जाती है।

"एपल पे हमारे दैनिक भुगतान के तरीके को पूरी तरह बदल देता है। यह बिना किसी अतिरिक्त ऐप या पासवर्ड के स्टोर पर सिर्फ एक टैप से सुरक्षित भुगतान का अनुभव कराता है।" — जेनिफर बेली, वाइस प्रेसिडेंट, एपल पे

सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर कंपनी का बड़ा दावा

डिजिटल दुनिया में सबसे बड़ा सवाल हमेशा यूजर के डाटा और पैसों की सुरक्षा को लेकर होता है। एपल का दावा है कि इस सेवा का इस्तेमाल करते समय ग्राहकों की निजी जानकारी अत्यधिक सुरक्षित रहती है। जब कोई यूजर अपने आईफोन के साइड बटन को दो बार दबाकर फेस आईडी या पासकोड के जरिए अपनी पहचान पुख्ता करता है, तब ट्रांजैक्शन पूरा होता है।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आपका वास्तविक कार्ड नंबर मर्चेंट के साथ साझा नहीं किया जाता है, बल्कि एक यूनीक डिजिटल टोकन का उपयोग किया जाता है। इससे फाइनेंशियल फ्रॉड का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। साथ ही, कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स और अन्य बैंक ऑफर्स का लाभ भी ग्राहकों को पहले की तरह ही मिलता रहेगा।

भविष्य की संभावनाएं और उपभोक्ताओं के लिए निर्देश

चूंकि भारत में डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में क्यूआर कोड और यूपीआई का दबदबा सबसे ऊपर है, ऐसे में प्रीमियम सेगमेंट के स्मार्टफोन यूजर्स के बीच एपल पे की यह एंट्री काफी दिलचस्प मानी जा रही है। शुरुआती दौर में सीमित बैंकों का समर्थन होने के बावजूद आने वाले समय में इसका दायरा बढ़ने की पूरी उम्मीद है।

यदि आप भी इस सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको अपने आईफोन में मौजूद एपल वॉलेट ऐप को खोलना होगा और प्लस के निशान पर टैप करके अपने योग्य एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज करनी होगी। एक बार सेटअप पूरा होने के बाद आप देश के हजारों समर्थित मर्चेंट आउटलेट्स पर बिना किसी कागजी कार्रवाई या ओटीपी के आसानी से भुगतान कर पाएंगे।

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