नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — अमेरिका के शेयर बाजार इन दिनों पूरी दुनिया के निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से डॉव जोन्स और नैस्डैक में लगातार तेजी बनी हुई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह तेजी तब देखने को मिल रही है जब बॉन्ड यील्ड चौबीस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। इसके बावजूद अमेरिकी सूचकांकों की रफ्तार कम नहीं हुई है और लगातार नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में नैस्डैक ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए इंट्राडे में सत्ताईस हजार सात सौ बाइस का नया उच्च स्तर छुआ। नैस्डैक एक सौ बाईस अंक चढ़कर पहली बार सत्ताईस हजार छह सौ के पास बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, डॉव जोन्स और एसएंडपी पांच सौ भी लगातार मजबूत बने हुए हैं और लगातार चौथे दिन बढ़त के साथ बंद हुए हैं। इस वैश्विक तेजी का असर अब एशियाई बाजारों और भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ नजर आ रहा है।
सीपीआई डेटा और तिमाही नतीजों पर टिकी निवेशकों की निगाहें
अमेरिकी शेयर बाजार में इस समय सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह तेजी कब तक टिकेगी। बाजार के बड़े निवेशक और विश्लेषक इस समय आगामी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई डेटा का इंतजार कर रहे हैं। इस डेटा से यह साफ हो जाएगा कि अमेरिका में महंगाई की स्थिति कैसी है और केंद्रीय बैंक आगे ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाएगा। इसके साथ ही कंपनियां अपने तीसरे यानी क्यू थ्री के नतीजे भी जारी करने वाली हैं।
इन नतीजों से यह तय होगा कि बड़ी कंपनियों का मुनाफा कैसा रहा है और आने वाले महीनों में बाजार की चाल कैसी रहेगी। कई वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई के आंकड़े अगर उम्मीद के मुताबिक रहे तो बाजार में यह जोश और भी आगे तक जा सकता है। लेकिन अगर आंकड़े खराब आए तो अचानक बिकवाली का दबाव भी देखने को मिल सकता है, जिससे छोटे निवेशकों को संभलकर रहने की जरूरत है।
एसएंडपी और एचकेईएक्स की नई साझेदारी का बाजार पर असर
इस बीच एसएंडपी डॉव जोन्स इंडाइसेस ने हांगकांग एक्सचेंज यानी एचकेईएक्स के साथ मिलकर एक नया इंडेक्स लॉन्च किया है। इस साझेदारी को वैश्विक वित्तीय बाजारों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एशियाई बाजारों के लिहाज से यह पहल काफी अहम है क्योंकि इससे निवेशकों को निवेश के नए विकल्प मिलेंगे। हालांकि एशियाई बाजारों में अभी मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है, लेकिन वैश्विक संकेतों की वजह से कारोबारी हर छोटी खबर पर बारीक नजर रख रहे हैं।
भारतीय बाजार की बात करें तो गिफ्ट निफ्टी से आज सुबह सकारात्मक संकेत मिले हैं। हालांकि एशियाई बाजारों से कुछ कमजोरी के रुझान भी आ रहे हैं, जिससे बाजार की शुरुआत मिले-जुले माहौल में होने की उम्मीद है। जानकारों का कहना है कि भारतीय निवेशकों को भी अमेरिकी बाजार के इन आंकड़ों और वैश्विक रुख को ध्यान में रखकर ही अपने सौदे बनाने चाहिए।
बाजार में निवेश से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल और वित्तीय विश्लेषकों से बातचीत के बाद यह साफ है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव हो सकता है। एक तरफ जहां अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ब्याज दरों और महंगाई का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। ऐसे में किसी भी कंपनी के शेयरों में पैसा लगाने से पहले उसके पुराने रिकॉर्ड और फंडामेंटल की जांच जरूर कर लें।
विशेष सलाह यही दी जा रही है कि निवेशक एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करें। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट की हर हलचल पर नजर रखें ताकि किसी भी अचानक आने वाले बदलाव से बचा जा सके। बाजार की यह तेजी निश्चित रूप से उत्साह बढ़ाने वाली है, लेकिन समझदारी और सावधानी ही निवेशकों की सबसे बड़ी पूंजी साबित होगी।












