त्योहारी सीजन के मुहाने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़े दाम
देशभर में अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जेब पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने एलपीजी गैस की कीमतों में बड़ा फेरबदल किया है। हालांकि राहत की खबर यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम पूरी तरह स्थिर रखे गए हैं, लेकिन होटलों, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। इस बढ़ोतरी से व्यावसायिक गतिविधियों की लागत पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) के आधिकारिक आंकड़ों और बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर के पहले दिन से विभिन्न शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए रेट लागू हो चुके हैं। पिछले महीने सितंबर में भी कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद अब अक्टूबर की शुरुआत में एक बार फिर कीमतों में इजाफा किया गया है। जानकारों का मानना है कि त्योहारी महीनों में खान-पान और कैटरिंग का कारोबार बढ़ने के दौरान कमर्शियल सिलेंडर के महंगे होने से खाद्य पदार्थों की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों के रुख और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों के आधार पर तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी के नए दाम तय करती हैं। इस बार भी इन्हीं वैश्विक मानकों और पिछले महीने के औसत बेंचमार्क के आधार पर नई दरें तय की गई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में परिवहन लागत और स्थानीय करों के कारण कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग स्तर पर वृद्धि देखने को मिली है।
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प्रमुख महानगरों और शहरों में क्या है कमर्शियल सिलेंडर का नया रेट
देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में सीधा इजाफा किया गया है। दिल्ली में यह सिलेंडर पिछले महीने के मुकाबले 62.50 रुपये महंगा होकर अब 2810 रुपये का हो गया है, जबकि सितंबर में इसकी कीमत 2747.50 रुपये थी। आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां कमर्शियल सिलेंडर 63 रुपये महंगा होकर 2764 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जो पहले 2701 रुपये में मिल रहा था।
दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत बढ़कर 2983 रुपये हो गई है, जबकि पिछले महीने यहां इसके दाम 2916.50 रुपये दर्ज किए गए थे। वहीं, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के विभिन्न शहरों में भी इसी तर्ज पर कमर्शियल गैस के दाम बढ़ाए गए हैं। उदाहरण के लिए, लखनऊ में कमर्शियल सिलेंडर अब 2932.50 रुपये का मिल रहा है, जिसमें 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
देश के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में एलपीजी की ढुलाई और परिवहन लागत अधिक होने के कारण कीमतें हमेशा से ऊंची रहती हैं। इस बार भी लेह से लेकर अरुणाचल प्रदेश के तवांग तक कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। लेह में यह सिलेंडर सबसे महंगा बिक रहा है, जहां इसकी कीमत बढ़कर 3450 रुपये हो गई है। इसी तरह तवांग में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3073.50 रुपये के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।
घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को मिली राहत
जहां एक तरफ कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से कारोबारियों की चिंता बढ़ी है, वहीं आम गृहिणियों के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942 रुपये पर स्थिर है, जबकि मुंबई में यह 941.50 रुपये में मिल रहा है। भोपाल, लखनऊ, पटना और अन्य महानगरों में भी घरेलू रसोई गैस के दाम पिछले महीने के स्तर पर ही बने हुए हैं।
तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के बजट को सुरक्षित रखने के लिए सरकार और कंपनियों ने घरेलू गैस के दाम नहीं बढ़ाए हैं। हालांकि, रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से तेल कंपनियों को प्रति घरेलू सिलेंडर पर अभी भी लगभग 300 रुपये का घाटा (under-recovery) उठाना पड़ रहा है, जिसे सरकार विभिन्न माध्यमों से संतुलित करती है।
"वैश्विक ऊर्जा बाजारों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है, जिसका असर फ्यूल प्राइसिंग पर पड़ता है। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रसोई गैस के दामों को नियंत्रित रखा है, ताकि आम परिवारों का रसोई बजट न बिगड़े।" — ऊर्जा विशेषज्ञ एवं विश्लेषक
एलपीजी सब्सिडी और बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन के जरूरी नियम
रसोई गैस की कीमतों के अलावा उपभोक्ताओं के लिए यह जानना भी बेहद जरूरी है कि सब्सिडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा कड़े नियम लागू किए गए हैं। एलपीजी सब्सिडी का लाभ पाने के लिए ग्राहकों को अपने गैस कनेक्शन से जुड़े सभी जरूरी वेरिफिकेशन समय पर पूरे करने होते हैं। बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन और केवाईसी जैसी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, ताकि केवल पात्र और सक्रिय उपभोक्ताओं तक ही सब्सिडी का पैसा पहुंच सके।
इसके साथ ही, गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग से जुड़े नियमों में भी समय-समय पर बदलाव किए जाते हैं। नए नियमों के अनुसार उपभोक्ता अपनी पिछली बुकिंग के तय दिनों के अंतराल के बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकते हैं, जिससे कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण पर रोक लगाई जा सके। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सभी गैस उपभोक्ताओं को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आधार लिंकेज की स्थिति समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए, ताकि सब्सिडी मिलने में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।








