निसान मोटर इंडिया के लिए सितंबर 2026 साबित हुआ टर्निंग पॉइंट
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लगातार हो रहे बदलावों के बीच वाहन निर्माताओं के लिए सितंबर का महीना खुशियों की सौगात लेकर आया है। देश और दुनिया में अपनी खास पहचान रखने वाली प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी निसान मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सितंबर 2026 के अपने बिक्री आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के लिए बीता महीना बेहद शानदार रहा है और पिछले तीन महीनों से लगातार उसकी बिक्री में सालाना आधार पर जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस तेजी ने ऑटो इंडस्ट्री में एक नई ऊर्जा भर दी है।
कंपनी की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सितंबर महीने में निसान ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को मिलाकर कुल 10,025 वाहनों की थोक बिक्री की है। यह आंकड़ा इस बात का गवाह है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय बाजार में निर्मित वाहनों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। कंपनी की इस सफलता के पीछे उसकी सोची-समझी रणनीति, नए वाहनों का लॉन्च और मजबूत डीलर नेटवर्क का अहम हाथ माना जा रहा है।
संबंधित खबरें
घरेलू बाजार में दोगुनी हुई बिक्री, टेकटॉन एसयूवी ने बदला गणित
निसान इंडिया के लिए सबसे बड़ी राहत और खुशी की बात यह रही कि उसने भारतीय घरेलू बाजार में अपनी सेल्स को सीधे दोगुना कर दिया है। पिछले साल यानी सितंबर 2025 में कंपनी ने देश के भीतर सिर्फ 1,652 कारें बेची थीं, जबकि इस साल सितंबर 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर सीधे 3,300 यूनिट्स पर पहुंच गया है। इस तरह घरेलू मोर्चे पर कंपनी की सालाना ग्रोथ सीधे 100 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो किसी भी ऑटो ब्रांड के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
घरेलू बाजार में इस शानदार उछाल के पीछे हाल ही में लॉन्च की गई निसान टेकटॉन (Nissan Tekton) एसयूवी का बहुत बड़ा योगदान है। इस 5-सीटर दमदार एसयूवी को रेनो डस्टर के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है और इसे बाजार में दो शानदार इंजन विकल्पों (1-लीटर टर्बो पेट्रोल और 1.3-लीटर टर्बो पेट्रोल) के साथ उतारा गया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 10.49 लाख रुपये से शुरू होकर 18.59 लाख रुपये तक जाती है। इसके अलावा निसान के पोर्टफोलियो में पहले से मौजूद मैग्नाइट और ग्रेवाइट जैसी गाड़ियों ने भी ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
निर्यात के मोर्चे पर भी कायम रहा दबदबा, दो-तिहाई हिस्सा एक्सपोर्ट से
भले ही घरेलू बाजार में निसान की बिक्री दोगुनी हुई हो, लेकिन कंपनी के कुल बिजनेस का बड़ा हिस्सा अभी भी विदेशों में होने वाले निर्यात से ही आ रहा है। सितंबर 2026 के दौरान कंपनी ने कुल 10,025 कारों में से 6,725 यूनिट्स का सफलतापूर्वक एक्सपोर्ट किया है। इसका मतलब यह है कि कंपनी की कुल बिक्री का लगभग दो-तिहाई हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजारों की सप्लाई से आ रहा है। निसान की 'वन कार. वन वर्ल्ड.' की ग्लोबल स्ट्रैटजी के तहत भारत में बने वाहनों को दुनिया के कई देशों में भेजा जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर ब्रांड की पकड़ और अधिक मजबूत हो रही है।
कंपनी के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि भारतीय विनिर्माण संयंत्रों की गुणवत्ता वैश्विक मानकों पर खरी उतरती है, यही वजह है कि विदेशी बाजारों में भी निसान की गाड़ियों की मांग कम होने का नाम नहीं ले रही है। अंतरराष्ट्रीय डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के मजबूत नेटवर्क की बदौलत ही कंपनी अपने एक्सपोर्ट के इस शानदार मोमेंटम को लगातार बनाए रखने में कामयाब हो रही है।
प्रबंधन की रणनीति और भविष्य की उम्मीदें
निसान मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक सौरभ वत्स ने कंपनी के इस प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि घरेलू बाजार में यह मजबूत वॉल्यूम उनकी दूरदर्शी उत्पाद-केंद्रित रणनीति, बेहतरीन डीलर नेटवर्क की ताकत और बिजनेस पार्टनर्स के मिलेजुले सहयोग का नतीजा है। उन्होंने भारतीय ग्राहकों द्वारा निसान ब्रांड पर लगातार दिखाए जा रहे भरोसे का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।
"घरेलू मार्केट में हमारी बिक्री का दोगुना होना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय उपभोक्ता हमारे नए उत्पादों को बेहद पसंद कर रहे हैं। हम भारत में भविष्य के अवसरों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं और देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" — सौरभ वत्स, मैनेजिंग डायरेक्टर, निसान मोटर इंडिया
ऑटोमोबाइल जानकारों का मानना है कि आने वाले फेस्टिव सीजन यानी नवरात्रि और दिवाली के दौरान ऑटो सेक्टर में बूम और ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसे में निसान जैसी कंपनियों के लिए यह समय अपनी गाड़ियों की डिलीवरी को सुगम बनाने और ग्राहकों तक अपनी पहुंच को और अधिक विस्तार देने का बेहतरीन अवसर साबित होगा।








