नई दिल्ली और गुवाहाटी — देश के करोड़ों किसानों का इंतजार अब बस कुछ ही घंटों में खत्म होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल असम के गुवाहाटी शहर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की बाईसवीं किस्त देश के अन्नदाताओं को समर्पित करेंगे। इस योजना के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जाती है। सरकार का यह कदम देश के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। पिछले कई हफ्तों से किसान इस नई किस्त के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब आधिकारिक घोषणा के बाद किसानों के चेहरों पर साफ राहत और खुशी देखी जा सकती है।
कृषि मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार भी देश के करोड़ों किसानों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। जिन किसानों ने अपने खाते की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है और जिनके दस्तावेज बिल्कुल सही हैं, उनके खातों में पैसे अपने आप पहुंच जाएंगे। सरकार ने तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी किसान को भुगतान मिलने में कोई दिक्कत न आए। जिला स्तर पर कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों की हर संभव मदद करें। यदि किसी किसान के खाते में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जा सके।
गुवाहाटी से देश के नाम प्रधानमंत्री का बड़ा संदेश
पूर्वोत्तर के प्रमुख शहर गुवाहाटी से इस राष्ट्रीय योजना की अगली किस्त जारी होना अपने आप में एक बड़ा संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के दौरान देश भर के किसानों से सीधे संवाद भी कर सकते हैं। वे खेती-किसानी की आधुनिक तकनीकों और प्राकृतिक खेती के फायदों पर भी अपनी बात रख सकते हैं। सरकार लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदनी को बढ़ाएं। इस बड़े कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता और कृषि मंत्री भी मौजूद रहेंगे। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस योजना के तहत हर साल किसानों को सरकार की तरफ से कुल छह हजार रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। यह राशि सीधे डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है। बिचौलियों के खत्म होने से यह पूरा पैसा पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे किसानों तक पहुंचता है। देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह राशि खाद, बीज और कीटनाशक खरीदने में बहुत मददगार साबित होती है। खासकर बुवाई के इस सीजन में मिलने वाली यह आर्थिक मदद किसानों के लिए किसी बड़े सहारे से कम नहीं है।
खाते में पैसे आए या नहीं, ऐसे करें घर बैठे जांच
जैसे ही कल प्रधानमंत्री गुवाहाटी से बटन दबाकर पैसे ट्रांसफर करेंगे, किसानों के मोबाइल फोन पर बैंक का मैसेज आना शुरू हो जाएगा। जिन किसानों के पास मोबाइल मैसेज की सुविधा नहीं है, वे पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाने के बाद लाभार्थी सूची में अपना नाम या आधार नंबर डालकर यह आसानी से देखा जा सकता है कि किस्त का पैसा ट्रांसफर हुआ है या नहीं। इसके अलावा स्थानीय डाकघर या बैंक शाखा में जाकर भी अपना खाता बैलेंस चेक किया जा सकता है। कृषि विभाग ने यह भी सलाह दी है कि किसान किसी भी फर्जी फोन कॉल या संदेश से सावधान रहें और अपनी बैंक की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
जमीनी स्तर पर हमारी फील्ड टीम ने जब कुछ किसानों से बात की, तो उन्होंने सरकार के इस फैसले पर खुशी जताई। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई किसानों का कहना है कि यह पैसा समय पर मिल जाने से उन्हें अगली फसल की तैयारी में बहुत मदद मिलेगी। पिछले कुछ महीनों में मौसम की मार झेलने वाले अन्नदाताओं के लिए यह राहत किसी संजीवनी जैसी है। सरकार की कोशिश है कि देश का कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। कल होने वाले इस बड़े कार्यक्रम पर पूरे देश के किसानों की निगाहें टिकी हुई हैं।
भविष्य की योजनाएं और किसानों के लिए जरूरी निर्देश
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सीधी आर्थिक मदद से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी तेजी आती है। जब किसानों के हाथ में पैसा आता है, तो वे स्थानीय बाजारों से खरीदारी करते हैं जिससे व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है। सरकार आने वाले समय में इस योजना के दायरे को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए डिजिटल कदम उठा रही है। पोर्टल पर चेहरा पहचानने वाली तकनीक और उन्नत डेटाबेस का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि केवल असली किसानों को ही इसका लाभ मिले। कल गुवाहाटी में होने वाले मुख्य आयोजन का सीधा प्रसारण देश भर के कई टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफार्म्स पर दिखाया जाएगा ताकि हर किसान इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बन सके।








