होम/व्यापार/एनपीएस हेल्थ स्कीम का ऐलान: पेंशन के साथ मिलेगा 30 लाख तक का हेल्थ कवर, जानें नियम और फायदे
व्यापारपढ़ने में समय: 6 मिनट

एनपीएस हेल्थ स्कीम का ऐलान: पेंशन के साथ मिलेगा 30 लाख तक का हेल्थ कवर, जानें नियम और फायदे

केंद्र सरकार जल्द ही पेंशन के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाली नई 'एनपीएस हेल्थ' योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत खाताधारकों को 30 लाख रुपये तक का कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस और इलाज के लिए 25% तक की आंशिक निकासी की सुविधा मिलेगी।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
21 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
एनपीएस हेल्थ स्कीम का ऐलान: पेंशन के साथ मिलेगा 30 लाख तक का हेल्थ कवर, जानें नियम और फायदे
📷 एनपीएस हेल्थ स्कीम का ऐलान: पेंशन के साथ मिलेगा 30 लाख तक का हेल्थ कवर, जानें नियम और फायदे — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • 18 से 70 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक इस नई योजना के तहत खाता खुलवा सकेंगे और 85 वर्ष तक इसका बीमा नवीनीकरण करा सकेंगे।
  • खाताधारकों को इलाज की जरूरत पड़ने पर अपने निवेश का 25 प्रतिशत हिस्सा निकालने की पूरी छूट होगी, जिसकी कोई सीमा तय नहीं है।
  • अस्पताल से जुड़े खर्चों के लिए कैशलेस इलाज की मंजूरी महज एक घंटे के भीतर मिलने का प्रावधान किया गया है।

पेंशन और हेल्थ सिक्योरिटी का नया संगम: क्या है एनपीएस हेल्थ योजना?

आम नागरिक के बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य खर्चों की चिंता को दूर करने के लिए सरकार ने एक बेहद अहम कदम उठाया है। आने वाले अक्टूबर महीने में 'एनपीएस हेल्थ' (NPS Health) योजना को आधिकारिक तौर पर शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। यह योजना मौजूदा सामान्य एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) खाते से पूरी तरह अलग होगी। इसके तहत खाताधारकों को रिटायरमेंट फंड के साथ-साथ अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जाएगा, जिससे मेडिकल इमरजेंसी के वक्त पैसों की तंगी का सामना न करना पड़े।

वित्तीय जानकारों का मानना है कि देश में बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की लागत को देखते हुए यह योजना आम आदमी के लिए बेहद मददगार साबित होगी। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें निवेश और स्वास्थ्य बीमा दोनों को एक ही मंच पर लाया गया है, लेकिन कानूनी रूप से दोनों हिस्से अलग-अलग सुरक्षित रहेंगे। पेंशन फंड कंपनियों के माध्यम से इस अनूठी योजना को बाजार में उतारा जाएगा, जिससे ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर विकल्प चुनने की पूरी आजादी मिलेगी।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

सस्ता घर खरीदने का शानदार मौका: देश के ये बड़े बैंक दे रहे हैं कम ब्याज दरों पर होम लोन

सस्ता घर खरीदने का शानदार मौका: देश के ये बड़े बैंक दे रहे हैं कम ब्याज दरों पर होम लोन

एसआईपी या पीपीएफ: हर महीने 10 हजार के निवेश पर 15 साल बाद कहां मिलेगा छप्परफाड़ रिटर्न?

एसआईपी या पीपीएफ: हर महीने 10 हजार के निवेश पर 15 साल बाद कहां मिलेगा छप्परफाड़ रिटर्न?

वीडियो: क्या सचमुच 600 रुपये सस्ता मिल रहा है गैस सिलेंडर? सोशल मीडिया के वायरल दावों की पूरी सच्चाई आई सामने

वीडियो: क्या सचमुच 600 रुपये सस्ता मिल रहा है गैस सिलेंडर? सोशल मीडिया के वायरल दावों की पूरी सच्चाई आई सामने

क्विक कॉमर्स में ‘श्रिंकफ्लेशन’ का खेल: पैकेट का साइज वही, ग्राम घटे—उपभोक्ता फोरम और सरकार की नजर

क्विक कॉमर्स में ‘श्रिंकफ्लेशन’ का खेल: पैकेट का साइज वही, ग्राम घटे—उपभोक्ता फोरम और सरकार की नजर

बड़ा प्रशासनिक एक्शन: लाखों नए लोगों को मिलेगा सरकारी राशन का फायदा, सरकार ने तय किया नया टारगेट

बड़ा प्रशासनिक एक्शन: लाखों नए लोगों को मिलेगा सरकारी राशन का फायदा, सरकार ने तय किया नया टारगेट

आज डीजल का रेट: प्रमुख शहरों में डीजल की ताजा कीमतें (24 सितंबर 2026)

आज डीजल का रेट: प्रमुख शहरों में डीजल की ताजा कीमतें (24 सितंबर 2026)

आज पेट्रोल का रेट: जानिए दिल्ली, मुंबई, पटना सहित प्रमुख शहरों में ताजा दाम (24 सितंबर 2026)

आज पेट्रोल का रेट: जानिए दिल्ली, मुंबई, पटना सहित प्रमुख शहरों में ताजा दाम (24 सितंबर 2026)

आज का चांदी का भाव: प्रमुख शहरों में प्रति किलो चांदी की ताजा कीमत (24 सितंबर 2026)

आज का चांदी का भाव: प्रमुख शहरों में प्रति किलो चांदी की ताजा कीमत (24 सितंबर 2026)

दो हिस्सों में बंटा होगा खाता: निवेश और सुपर टॉप-अप बीमा

एनपीएस हेल्थ योजना की संरचना को बेहद वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से तैयार किया गया है। इस नए खाते के मुख्य रूप से दो हिस्से होंगे—पहला निवेश खाता और दूसरा सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा। इस योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा लेना पूरी तरह अनिवार्य होगा। हालांकि, अच्छी बात यह है कि एनपीएस खाता और बीमा पॉलिसी कानूनी तौर पर एक-दूसरे से अलग रहेंगे, ताकि किसी एक हिस्से में बदलाव या समस्या आने पर दूसरे पर कोई बुरा असर न पड़े।

जिन नागरिकों के पास पहले से ही सामान्य एनपीएस खाता मौजूद है, उन्हें अपना पुराना खाता बंद करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी। वे अपने मौजूदा खाते को बिना छेड़े ही अलग से एक नया एनपीएस हेल्थ खाता खुलवा सकेंगे। नए स्वास्थ्य खाते में पुराने एनपीएस खाते से कुछ चुनिंदा रकम ट्रांसफर करने की भी सुविधा दी जाएगी, ताकि बीमा प्लान के शुरुआती खर्चों यानी डिडक्टिबल को आसानी से पूरा किया जा सके।

इलाज के लिए पैसे निकालने की होगी पूरी छूट, नहीं रुकेगी निवेश की गाड़ी

अक्सर देखा जाता है कि मेडिकल इमरजेंसी के समय लोगों को अपनी जीवनभर की जमा पूंजी या निवेश को मजबूरी में बहुत कम कीमत पर बेचना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एनपीएस हेल्थ योजना में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) का एक शानदार प्रावधान जोड़ा गया है। खाताधारक ओपीडी और अस्पताल में भर्ती होने से जुड़े जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए अपने एनपीएस स्वास्थ्य खाते से 25 फीसदी तक की रकम बिना किसी झंझट के निकाल सकेंगे।

खास बात यह है कि इस प्रकार की निकासी की संख्या पर सरकार या फंड मैनेजर की तरफ से कोई रोक नहीं लगाई गई है। यदि किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में इलाज का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और 25% की सीमा कम पड़ जाती है, तो निर्धारित विशेष परिस्थितियों में खाते में जमा पूरी एनपीएस हेल्थ राशि का उपयोग अस्पताल का बिल चुकाने के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, जो पैसा इलाज में खर्च नहीं होगा, वह सुरक्षित रहेगा और उस पर बाजार के नियमानुसार लगातार रिटर्न मिलता रहेगा।

कैशलेस इलाज और क्लेम की प्रक्रिया होगी बेहद आसान

आम जनता को अस्पतालों में बिल भुगतान और रीइंबर्समेंट के चक्कर से बचाने के लिए इस योजना में पूरी तरह कैशलेस व्यवस्था पर जोर दिया गया है। अस्पताल से जरूरी दस्तावेज और जानकारी मिलने के महज एक घंटे के भीतर कैशलेस इलाज को मंजूरी देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, अस्पताल से मरीज की छुट्टी (Discharge) की प्रक्रिया को भी सुगम बनाते हुए लगभग तीन घंटे के भीतर अंतिम मंजूरी देने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.

"एनपीएस हेल्थ योजना देश के मध्यम वर्ग और बुजुर्गों के लिए एक वरदान साबित होगी, क्योंकि इसमें निवेश और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों का बेहतरीन संतुलन बनाया गया है जिससे मेडिकल इमरजेंसी में किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।" — आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ

स्वास्थ्य लाभ प्रशासक और चुनिंदा बीमा कंपनियों के जरिए टॉप-अप बीमा की पूरी राशि सीधे अस्पताल के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इससे मरीज और उनके परिजनों को अलग-अलग दफ्तरों या एजेंटों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी। बीमा कंपनियों ने सामान्य बीमारियों के लिए 30 दिन की शुरुआती प्रतीक्षा अवधि और पहले से चली आ रही गंभीर बीमारियों के लिए 12 महीने की वेटिंग पीरियड तय किया है।

कौन ले सकता है इस योजना का लाभ और क्या हैं जरूरी शर्तें?

देश का कोई भी सामान्य नागरिक जिसकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच है, वह इस नई एनपीएस हेल्थ योजना के तहत अपना नया खाता खुलवा सकता है। इस योजना के तहत बीमा का नवीनीकरण (Renewal) 85 वर्ष की उम्र तक कराया जा सकेगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि रिन्यूअल के वक्त आमतौर पर दोबारा जोखिम की जांच (Medical Underwriting) नहीं किए जाने का प्रावधान रखा गया है, जिससे बुजुर्गों को बीमा जारी रखने में आसानी होगी।

खाता खुलवाते वक्त ग्राहकों को एक साथ तीन तरह के भुगतान करने होंगे—पहले साल की बीमा पॉलिसी का प्रीमियम, 200 रुपये का रख-रखाव (Maintenance) शुल्क, और निवेश खाते में शुरुआती जमा के रूप में न्यूनतम 1,000 रुपये। एक बार खाता सफलतापूर्वक सक्रिय हो जाने के बाद, कोई भी नागरिक मात्र 10 रुपये की न्यूनतम राशि से भी आगे का नियमित अंशदान जमा कर सकेगा। यदि भविष्य में कभी कोई व्यक्ति प्रीमियम भरने में असमर्थ रहता है और पॉलिसी बंद हो जाती है, तो उसका यह खाता स्वतः सामान्य एनपीएस खाते में बदल जाएगा और उसकी सारी जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित बनी रहेगी।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

सस्ता घर खरीदने का शानदार मौका: देश के ये बड़े बैंक दे रहे हैं कम ब्याज दरों पर होम लोनNATIONAL

सस्ता घर खरीदने का शानदार मौका: देश के ये बड़े बैंक दे रहे हैं कम ब्याज दरों पर होम लोन

24 सित॰
एसआईपी या पीपीएफ: हर महीने 10 हजार के निवेश पर 15 साल बाद कहां मिलेगा छप्परफाड़ रिटर्न?NATIONAL

एसआईपी या पीपीएफ: हर महीने 10 हजार के निवेश पर 15 साल बाद कहां मिलेगा छप्परफाड़ रिटर्न?

24 सित॰
वीडियो: क्या सचमुच 600 रुपये सस्ता मिल रहा है गैस सिलेंडर? सोशल मीडिया के वायरल दावों की पूरी सच्चाई आई सामनेBUSINESS

वीडियो: क्या सचमुच 600 रुपये सस्ता मिल रहा है गैस सिलेंडर? सोशल मीडिया के वायरल दावों की पूरी सच्चाई आई सामने

24 सित॰
क्विक कॉमर्स में ‘श्रिंकफ्लेशन’ का खेल: पैकेट का साइज वही, ग्राम घटे—उपभोक्ता फोरम और सरकार की नजरBUSINESS

क्विक कॉमर्स में ‘श्रिंकफ्लेशन’ का खेल: पैकेट का साइज वही, ग्राम घटे—उपभोक्ता फोरम और सरकार की नजर

24 सित॰
बड़ा प्रशासनिक एक्शन: लाखों नए लोगों को मिलेगा सरकारी राशन का फायदा, सरकार ने तय किया नया टारगेटBUSINESS

बड़ा प्रशासनिक एक्शन: लाखों नए लोगों को मिलेगा सरकारी राशन का फायदा, सरकार ने तय किया नया टारगेट

24 सित॰
आज डीजल का रेट: प्रमुख शहरों में डीजल की ताजा कीमतें (24 सितंबर 2026)BUSINESS

आज डीजल का रेट: प्रमुख शहरों में डीजल की ताजा कीमतें (24 सितंबर 2026)

24 सित॰
आज पेट्रोल का रेट: जानिए दिल्ली, मुंबई, पटना सहित प्रमुख शहरों में ताजा दाम (24 सितंबर 2026)BUSINESS

आज पेट्रोल का रेट: जानिए दिल्ली, मुंबई, पटना सहित प्रमुख शहरों में ताजा दाम (24 सितंबर 2026)

24 सित॰
आज का चांदी का भाव: प्रमुख शहरों में प्रति किलो चांदी की ताजा कीमत (24 सितंबर 2026)BUSINESS

आज का चांदी का भाव: प्रमुख शहरों में प्रति किलो चांदी की ताजा कीमत (24 सितंबर 2026)

24 सित॰