फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करने के बाद अगर किसी वजह से ऑर्डर कैंसिल हो जाए तो एक सवाल अक्सर मन में आता है- आखिर उस खाने का क्या होता है? क्या डिलीवरी पार्टनर उसे अपने पास रख सकता है, क्या खाना रेस्टोरेंट को वापस जाता है या फिर किसी दूसरे ग्राहक को बेच दिया जाता है?
रेडिट पर ऐसे अनुभव सामने आते रहे हैं। हाल में एक यूजर ने जोमैटो के 'फूड रेस्क्यू' फीचर के जरिए कैंसिल हुआ ऑर्डर खरीदा और इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया। हालांकि, किसी एक यूजर के अनुभव को कंपनी की सामान्य नीति नहीं माना जा सकता। असली तस्वीर जोमैटो और स्विगी की आधिकारिक नीतियों से समझी जा सकती है।
कैंसिल खाना दूसरे ग्राहक तक कैसे पहुंचता है?
जोमैटो ने नवंबर 2024 में 'फूड रेस्क्यू' सुविधा शुरू की थी। कंपनी के मुताबिक हर महीने करीब 4 लाख ऐसे ऑर्डर कैंसिल होते थे, जो उस समय भी खाने लायक होते थे। इन्हें बर्बाद होने से बचाने के लिए कंपनी ने आसपास मौजूद दूसरे ग्राहकों को ऐसे ऑर्डर खरीदने का विकल्प दिया। इस व्यवस्था में योग्य कैंसिल ऑर्डर आसपास के ग्राहकों को दिखाई दे सकता है। नया ग्राहक उसे कम कीमत पर खरीद सकता है और वही डिलीवरी पार्टनर खाना नए ग्राहक तक पहुंचाता है। हालांकि हर कैंसिल ऑर्डर इस सुविधा के लिए योग्य नहीं होता।
कंपनी के मुताबिक आइसक्रीम, शेक और स्मूदी जैसे कुछ आइटम, जिनकी गुणवत्ता तापमान और दूरी से जल्दी प्रभावित हो सकती है, फूड रेस्क्यू में शामिल नहीं किए जाते।
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डिलीवरी पार्टनर और रेस्टोरेंट को क्या मिलता है?
जोमैटो के मुताबिक फूड रेस्क्यू के मामले में डिलीवरी पार्टनर को रेस्टोरेंट से खाना लेने से लेकर नए ग्राहक तक पहुंचाने की पूरी यात्रा के लिए भुगतान किया जाता है। वहीं रेस्टोरेंट पार्टनर को मूल कैंसिल ऑर्डर के लिए मुआवजा मिलता है। अगर दूसरा ग्राहक फूड रेस्क्यू के जरिए वही खाना खरीदता है तो रेस्टोरेंट को उस बिक्री से भी हिस्सा मिलता है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि कैंसिल होते ही खाना अपने आप डिलीवरी पार्टनर का हो जाता है।
स्विगी पर कैंसिलेशन का क्या नियम है?
स्विगी की आधिकारिक रिफंड और कैंसिलेशन नीति के मुताबिक ग्राहक द्वारा ऑर्डर करने के बाद उसे कैंसिल करने पर कंपनी ऑर्डर की पूरी राशि तक कैंसिलेशन शुल्क ले सकती है। कंपनी के अनुसार यह शुल्क रेस्टोरेंट और डिलीवरी पार्टनर को हुए संभावित नुकसान की भरपाई के लिए लिया जा सकता है। हालांकि अगर ऑर्डर स्विगी, रेस्टोरेंट या डिलीवरी पार्टनर से जुड़ी वजह से कैंसिल होता है तो स्थिति अलग हो सकती है। ऐसे मामलों में ग्राहक से कैंसिलेशन शुल्क नहीं लिया जाने और पात्र होने पर भुगतान वापस किए जाने का प्रावधान है।
पैसा वापस न मिले तो क्या करें?
अगर ऑर्डर कैंसिल होने के बाद रिफंड को लेकर समस्या आती है तो सबसे पहले संबंधित ऐप के ग्राहक सहायता केंद्र पर शिकायत की जा सकती है। समाधान नहीं मिलने पर भारत सरकार की राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज की जा सकती है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के लिए 1915 और 1800-11-4000 नंबर उपलब्ध हैं। ग्राहक वेबसाइट और व्हाट्सऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
तो कैंसिल ऑर्डर का खाना आखिर किसका होता है? इसका कोई एक जवाब नहीं है। यह ऑर्डर कैंसिल होने की वजह, उसकी स्थिति और संबंधित प्लेटफॉर्म की नीति पर निर्भर करता है।
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