लखनऊ/ग्राउंड ब्यूरो — उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने राज्य के कई हिस्सों में आगामी घंटों के लिए भारी बारिश और आंधी का नया अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में आसमान में बादल छाने और झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। हमारे फील्ड रिपोर्टर के अनुसार, सुबह से चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है, लेकिन किसानों और आम जनता के लिए यह बदलाव कुछ मुश्किलें भी ला सकता है।
मौसम विभाग से मिले ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के लगभग 15 से अधिक पश्चिमी जिलों में बादलों का डेरा रहेगा। इन इलाकों में 50 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात यानी बिजली गिरने का भी खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
पश्चिमी यूपी के इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
मौसम के इस ताजा मिजाज का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों पर दिखाई देगा। गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली और अलीगढ़ समेत करीब 15 जिलों में बारिश का यह दौर शुरू हो चुका है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई जा रही है, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक होने वाली इस बारिश से तापमान में तो गिरावट आएगी, लेकिन खेतों में तैयार खड़ी पकी हुई फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी एक कमजोर चक्रवाती हवाओं का घेरा बनता नजर आ रहा है, जिसका असर दिल्ली से लेकर देहरादून तक के मैदानी और पहाड़ी इलाकों पर पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। आने वाले दो से तीन दिनों तक मौसम का यह तेवर ऐसा ही बना रह सकता है और सुबह-शाम हल्की सर्दी का अहसास भी बढ़ सकता है।
प्रशासन की चेतावनी और किसानों के लिए जरूरी निर्देश
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया है। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम और स्थानीय निकायों को निर्देश जारी किए गए हैं। बिजली आपूर्ति विभाग को भी एहतियात बरतने को कहा गया है ताकि आंधी-तूफान के दौरान किसी बड़े हादसे को तुरंत रोका जा सके। आम नागरिकों से कहा गया है कि वे सफर के दौरान मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
किसानों के लिए मौसम विभाग ने विशेष सलाह जारी की है। जिन किसानों की फसलें कटकर खेतों में सूखने के लिए रखी हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ढंकने की सलाह दी गई है। द फ्रीलान्स की टीम लगातार जमीनी हालात पर नजर बनाए हुए है और पल-पल के अपडेट आप तक पहुंचा रही है। स्थानीय लोग प्रशासन के हेल्पलाइन नंबरों पर किसी भी आपात स्थिति में संपर्क कर सकते हैं ताकि समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके।
दूरी और तापमान पर पड़ेगा सीधा असर
इस अचानक हुई बारिश और आंधी के बाद उत्तर प्रदेश के अधिकांश शहरों के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को इस बदलाव से बड़ी राहत मिलती दिख रही है। हालांकि, वायु प्रदूषण के स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि तेज हवाएं और बारिश हवा में घुले धूल के कणों को साफ कर देंगी।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश का मौसम अब पूरी तरह से बदल चुका है और सर्दी की आहट धीरे-धीरे महसूस होने लगी है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें क्योंकि मौसम के इस उतार-चढ़ाव से सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। हमारी यह ग्राउंड रिपोर्ट राज्य के सभी प्रमुख मौसम केंद्रों से मिले इनपुट पर आधारित है, जो आपको हर पल की सटीक जानकारी देती है।





