नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — दिल्ली में प्राइमरी टीचर बनने का सपना देख रहे हजारों युवाओं की धड़कनें तेज हैं। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड यानी डीएसएसएसबी की पीआरटी भर्ती परीक्षा 2026 का रिजल्ट अभी तक घोषित नहीं हुआ है। परीक्षा देने वाले छात्र पिछले कई हफ्तों से लगातार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए बैठे हैं। लेकिन परिणाम घोषित होने की बजाय हर दिन एक नया पेंच सामने आ रहा है। ग्राउंड जीरो पर हमारी टीम ने जब इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि भर्ती प्रक्रिया कानूनी पचड़ों में फंस चुकी है।
कुछ समय पहले बोर्ड ने इस परीक्षा की फाइनल आंसर की अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी थी। आंसर की आने के बाद छात्रों ने अपने नंबर मिलाए और उन्हें उम्मीद जगी कि अब कुछ ही दिनों में फाइनल रिजल्ट भी आ जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आंसर की के बाद परिणाम आने की प्रक्रिया अचानक धीमी पड़ गई। छात्रों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब उत्तर कुंजी आ चुकी है, तो फिर रिजल्ट जारी करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है।
कोर्ट केस और कानूनी उलझन में फंसी भर्ती
इस पूरी देरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अदालती मामले यानी कोर्ट केस बताए जा रहे हैं। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परीक्षा के कुछ सवालों और नियमों को लेकर कुछ अभ्यर्थी अदालत पहुंच गए हैं। जब तक अदालत से इस मामले में कोई स्पष्ट फैसला या हरी झंडी नहीं मिल जाती, तब तक बोर्ड परिणाम घोषित करने से बच रहा है। कानूनी जानकारों का मानना है कि सरकारी नौकरियों में अदालती मुकदमे प्रक्रिया को महीनों पीछे धकेल देते हैं। यही वजह है कि इस बार भी पीआरटी भर्ती का ऊंट किस करवट बैठेगा, यह कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर करता है。
उधर दूसरी तरफ सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर भी इसको लेकर छात्रों का गुस्सा फूट रहा है। यूट्यूब और अन्य स्टडी चैनलों पर छात्र लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी में अपनी रातें एक कर दी थीं। लेकिन परीक्षा होने के इतने महीने बाद भी हाथ में सिर्फ तारीखें और तारीखें ही आ रही हैं। छात्रों का यह भी कहना है कि फाइनल आंसर की देखने के बाद उनके अंकों में उतार-चढ़ाव तो हुआ है, लेकिन असल परिणाम न आने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
छात्रों का इंतजार और बोर्ड की चुप्पी
दिल्ली के कई कोचिंग संस्थानों के बाहर और सोशल मीडिया पर छात्र संघ लगातार बोर्ड से यह मांग कर रहे हैं कि वह कोर्ट में चल रहे मामलों की पैरवी तेजी से करे। छात्रों का कहना है कि बोर्ड को कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखकर इस भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। बार-बार रिजल्ट टलने से उन युवाओं की उम्र सीमा भी निकलती जा रही है जो सिर्फ इसी परीक्षा के भरोसे बैठे थे। प्राथमिक शिक्षक के इन पदों पर नौकरी पाने की आस में बैठे युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है।
दूसरी तरफ, बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि वे कानूनी नियमों के दायरे में रहकर ही काम कर रहे हैं। जैसे ही अदालती मामलों का निपटारा होगा, रिजल्ट घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। हालांकि बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई पक्की तारीख नहीं बताई गई है कि रिजल्ट कब तक आएगा। ऐसे में छात्रों के लिए केवल इंतजार करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है।
आगे क्या कदम उठा सकते हैं अभ्यर्थी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शिक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्रों को अपनी पढ़ाई से ध्यान नहीं हटाना चाहिए। साथ ही उन्हें संयम बनाए रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर गलत अफवाहों पर ध्यान देने से बेहतर है कि वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें। 'द फ्रीलान्स' की इस जमीनी पड़ताल से साफ है कि जब तक कानूनी अड़चनें दूर नहीं होतीं, तब तक डीएसएसएसबी पीआरटी 2026 के रिजल्ट के लिए छात्रों को थोड़ा और इंतजार करना होगा।



