विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/H-1B वीजा नियमों में बड़ा बदलाव, भारतीय आईटी कंपनियों पर शिकंजा और कड़े जुर्माने का प्रावधान
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

H-1B वीजा नियमों में बड़ा बदलाव, भारतीय आईटी कंपनियों पर शिकंजा और कड़े जुर्माने का प्रावधान

अमेरिका में एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड नियमों को लेकर बड़ी सख्ती शुरू हो गई है। टीसीएस, विप्रो और इंफोसिस जैसी दिग्गज भारतीय आईटी कंपनियों को लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर ढाई करोड़ रुपये तक का जुर्माना और दस साल का बैन लगाने का नया बिल पेश किया गया है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•9 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•37
🌐Read in English →
शेयर करें:
H-1B वीजा नियमों में बड़ा बदलाव, भारतीय आईटी कंपनियों पर शिकंजा और कड़े जुर्माने का प्रावधान
📷 H-1B वीजा नियमों में बड़ा बदलाव, भारतीय आईटी कंपनियों पर शिकंजा और कड़े जुर्माने का प्रावधान — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • अमेरिका में एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड नियमों को लेकर बड़ी सख्ती शुरू हो गई है। टीसीएस, विप्रो और इंफोसिस जैसी दिग्गज भारतीय आईटी कंपनियों को लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर ढाई करोड़ रुपये तक का जुर्माना और दस साल का बैन लगाने का नया बिल पेश किया गया है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — अमेरिका में काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय पेशेवर और देश की बड़ी आईटी कंपनियों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा घटनाक्रम में टीसीएस, विप्रो और इंफोसिस जैसी देश की दिग्गज आईटी कंपनियों को अमेरिका के लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर दिया गया है। इस कदम को भारतीय तकनीकी उद्योग के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि इससे अमेरिकी बाजार में कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी प्रोजेक्ट प्लानिंग पर सीधा असर पड़ेगा। अमेरिकी प्रशासन लगातार वीजा नियमों को कड़ा कर रहा है ताकि स्थानीय नागरिकों को रोजगार में प्राथमिकता मिल सके।

इस बीच अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा प्रणाली में हो रहे कथित फ्रॉड और शोषण को लेकर भी तीखी आवाजें उठने लगी हैं। अमेरिकी सांसदों ने देश के नीति निर्माताओं को चिट्ठी लिखकर वीजा प्रणाली में हो रही कमियों को उजागर किया है और तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है। सांसदों का कहना है कि वीजा नियमों की आड़ में बड़ी कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं जिससे विदेशी कामगारों का शोषण भी हो रहा है। इन शिकायतों के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियों ने बड़ी कंपनियों की कार्यशैली की आंतरिक जांच तेज कर दी है।

वीजा नियम तोड़ा तो लगेगा ढाई करोड़ का जुर्माना

अमेरिकी संसद में पेश किए गए नए बिल के अनुसार यदि कोई कंपनी एच-1बी वीजा के नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है तो उसे भारी आर्थिक दंड भुगतना होगा। नए प्रस्ताव में जुर्माने की राशि को बढ़ाकर सीधे ढाई करोड़ रुपये यानी करीब तीन लाख डॉलर तक करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नियमों का गंभीर उल्लंघन करने पर संबंधित कंपनियों या अधिकारियों पर दस साल तक का बैन भी लगाया जा सकता है। यह नया कानून भारतीय प्रोफेशनल्स और कंपनियों के लिए एक बड़ी चेतावनी की तरह है जो अब तक इन वीजा के जरिए आसानी से कर्मचारियों को अमेरिका भेजते रहे थे।

प्रशासनिक सख्ती की चपेट में सिर्फ भारतीय कंपनियां ही नहीं बल्कि माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी टेक दिग्गज भी आ गई हैं। खबरों के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट पर भी एच-1बी वीजा के दुरुपयोग और ग्रीन कार्ड कार्यक्रम के नियमों को ताक पर रखने के आरोप लगे हैं जिसके बाद उसे भी इस प्रक्रिया से निलंबित कर दिया गया है। दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट पर इस तरह की कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि अमेरिका अब वीजा कानूनों के पालन को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

भारतीय आईटी सेक्टर पर मंडरा रहा बड़ा संकट

अमेरिका के इन कड़े रुख से भारतीय आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर बहुत बड़ा असर पड़ रहा है। टीसीएस, विप्रो और इंफोसिस जैसी कंपनियां अपनी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियरों को अमेरिका भेजती थीं। लेकिन लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के निलंबन के बाद अब ऑन-साइट काम करने वाले कर्मचारियों के वीजा आवेदन फंस सकते हैं। इससे कंपनियों की लागत बढ़ेगी और ग्राहकों को सेवाएं देने में देरी भी हो सकती है, जिसका सीधा असर इनके मुनाफे पर पड़ना तय माना जा रहा है।

जमीनी स्तर पर काम करने वाले जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में एच-1बी वीजा मिलना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। कंपनियों को अब अमेरिकी नागरिकों और वहां पहले से मौजूद वैध कामगारों को ही नौकरी पर रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से साफ है कि अमेरिका में अप्रवासन नीतियों पर राजनीति तेज हो गई है और इसका सबसे ज्यादा असर भारत के तकनीकी क्षेत्र और वहां काम करने वाले युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।

नतीजों की चिंता में डूबे भारतीय पेशेवर

अमेरिका में रह रहे और वहां जाने की तैयारी कर रहे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स में इस नए घटनाक्रम के बाद भारी अनिश्चितता का माहौल है। जो लोग पहले से ही एच-1बी वीजा पर अमेरिका में नौकरी कर रहे हैं, वे भी अपने ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया को लेकर डरे हुए हैं। विभिन्न कंपनियों के एचआर विभाग अपने कानूनी सलाहकारों के साथ मिलकर इन नए नियमों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह के भारी जुर्माने या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

अमेरिका में बड़ा एक्शन: Infosys, TCS और Wipro समेत कई आईटी कंपनियों पर ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से बैन, मची खलबली

अमेरिका में बड़ा एक्शन: Infosys, TCS और Wipro समेत कई आईटी कंपनियों पर ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से बैन, मची खलबली

अमेरिका ने टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो समेत कई बड़ी टेक कंपनियों को वीजा प्रोग्राम से किया बाहर, जानिए भारतीयों पर क्या होगा असर

अमेरिका ने टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो समेत कई बड़ी टेक कंपनियों को वीजा प्रोग्राम से किया बाहर, जानिए भारतीयों पर क्या होगा असर

अमेरिका में बड़ा झटका: टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो समेत 8 आईटी कंपनियों का ग्रीन कार्ड प्रोग्राम सस्पेंड

अमेरिका में बड़ा झटका: टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो समेत 8 आईटी कंपनियों का ग्रीन कार्ड प्रोग्राम सस्पेंड

आईपीएल नीलामी से पहले पंजाब किंग्स के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव, क्या है इसके पीछे की असली वजह

आईपीएल नीलामी से पहले पंजाब किंग्स के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव, क्या है इसके पीछे की असली वजह

रूस में अभी कितने भारतीय हैं, प्लेग के बीच क्या बोली भारत सरकार

रूस में अभी कितने भारतीय हैं, प्लेग के बीच क्या बोली भारत सरकार

जंतर-मंतर पर कॉकरोच प्रदर्शन के दावे और दिल्ली में बढ़ते तनाव के पीछे की सच्चाई क्या है?

जंतर-मंतर पर कॉकरोच प्रदर्शन के दावे और दिल्ली में बढ़ते तनाव के पीछे की सच्चाई क्या है?

ईरान-अमेरिका जंग में आए दो बड़े मोड़, न्यूक्लियर पर ईरान का बड़ा ऐलान और ट्रंप ने तीन नवंबर तक रोका बारूद

ईरान-अमेरिका जंग में आए दो बड़े मोड़, न्यूक्लियर पर ईरान का बड़ा ऐलान और ट्रंप ने तीन नवंबर तक रोका बारूद

सुपर अल नीनो का खतरा: तापमान 3 डिग्री पार, देश में कड़ाके की ठंड गायब और 4.5 लाख मौतों की चेतावनी

सुपर अल नीनो का खतरा: तापमान 3 डिग्री पार, देश में कड़ाके की ठंड गायब और 4.5 लाख मौतों की चेतावनी

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘h1b visa’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

अमेरिका में बड़ा एक्शन: Infosys, TCS और Wipro समेत कई आईटी कंपनियों पर ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से बैन, मची खलबलीNATIONAL

अमेरिका में बड़ा एक्शन: Infosys, TCS और Wipro समेत कई आईटी कंपनियों पर ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से बैन, मची खलबली

9 अक्टू॰43
अमेरिका ने टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो समेत कई बड़ी टेक कंपनियों को वीजा प्रोग्राम से किया बाहर, जानिए भारतीयों पर क्या होगा असरNATIONAL

अमेरिका ने टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो समेत कई बड़ी टेक कंपनियों को वीजा प्रोग्राम से किया बाहर, जानिए भारतीयों पर क्या होगा असर

9 अक्टू॰37
अमेरिका में बड़ा झटका: टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो समेत 8 आईटी कंपनियों का ग्रीन कार्ड प्रोग्राम सस्पेंडNATIONAL

अमेरिका में बड़ा झटका: टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो समेत 8 आईटी कंपनियों का ग्रीन कार्ड प्रोग्राम सस्पेंड

9 अक्टू॰49
आईपीएल नीलामी से पहले पंजाब किंग्स के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव, क्या है इसके पीछे की असली वजहNATIONAL

आईपीएल नीलामी से पहले पंजाब किंग्स के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव, क्या है इसके पीछे की असली वजह

9 अक्टू॰42
रूस में अभी कितने भारतीय हैं, प्लेग के बीच क्या बोली भारत सरकारNATIONAL

रूस में अभी कितने भारतीय हैं, प्लेग के बीच क्या बोली भारत सरकार

8 अक्टू॰31
जंतर-मंतर पर कॉकरोच प्रदर्शन के दावे और दिल्ली में बढ़ते तनाव के पीछे की सच्चाई क्या है?NATIONAL

जंतर-मंतर पर कॉकरोच प्रदर्शन के दावे और दिल्ली में बढ़ते तनाव के पीछे की सच्चाई क्या है?

9 अक्टू॰34
ईरान-अमेरिका जंग में आए दो बड़े मोड़, न्यूक्लियर पर ईरान का बड़ा ऐलान और ट्रंप ने तीन नवंबर तक रोका बारूदNATIONAL

ईरान-अमेरिका जंग में आए दो बड़े मोड़, न्यूक्लियर पर ईरान का बड़ा ऐलान और ट्रंप ने तीन नवंबर तक रोका बारूद

9 अक्टू॰25
सुपर अल नीनो का खतरा: तापमान 3 डिग्री पार, देश में कड़ाके की ठंड गायब और 4.5 लाख मौतों की चेतावनीNATIONAL

सुपर अल नीनो का खतरा: तापमान 3 डिग्री पार, देश में कड़ाके की ठंड गायब और 4.5 लाख मौतों की चेतावनी

9 अक्टू॰38
विज्ञापन • ADVERTISEMENT