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देशपढ़ने में समय: 3 मिनट

पीएम मोदी ने सेवा के 25 साल पूरे होने पर कहा- आदिवासियों की सेवा की, पहाड़ों में रहा, मेरा क्या होगा सोचा ही नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर एक भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा आदिवासियों और गरीबों की सेवा को प्राथमिकता दी और पहाड़ों में रहकर काम किया, लेकिन कभी अपने बारे में नहीं सोचा। इस मौके पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण का संकल्प भी दोहराया।
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नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•7 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•35
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पीएम मोदी ने सेवा के 25 साल पूरे होने पर कहा- आदिवासियों की सेवा की, पहाड़ों में रहा, मेरा क्या होगा सोचा ही नहीं
📷 पीएम मोदी ने सेवा के 25 साल पूरे होने पर कहा- आदिवासियों की सेवा की, पहाड़ों में रहा, मेरा क्या होगा सोचा ही नहीं — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर एक भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा आदिवासियों और गरीबों की सेवा को प्राथमिकता दी और पहाड़ों में रहकर काम किया, लेकिन कभी अपने बारे में नहीं सोचा। इस मौके पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण का संकल्प भी दोहराया।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के पूरे 25 साल होने पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने सफर को याद करते हुए कहा कि मैंने हमेशा देश के दूर-दराज के इलाकों में जाकर काम किया। मैंने आदिवासियों की सेवा की और पहाड़ों की कठिन परिस्थितियों में भी वक्त बिताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दौरान मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मेरा क्या होगा या मेरा निजी भविष्य कैसा रहेगा। देश की सेवा ही मेरा एकमात्र लक्ष्य और संकल्प रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में सरकार के कामकाज और नीतियों पर लगातार चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर विकसित भारत के संकल्प को एक बार फिर से दोहराया और 'वी विल डू इट' का नारा दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने की एक बड़ी कोशिश है। प्रधानमंत्री ने अपने शुरुआती दिनों और संगठन में किए गए संघर्षों को भी याद किया, जिससे आम लोगों में एक मजबूत संदेश गया है।

पहाड़ों के दिनों से लेकर देश के नेतृत्व तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में उन दिनों को याद किया जब वे पार्टी के संगठन में काम करते थे। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में यात्राएं कीं। उस समय के हालात आज जितने आसान नहीं थे। संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ रहकर उनकी समस्याओं को समझा। आदिम जातियों और पिछड़ों के बीच रहकर काम करने का उनका अनुभव उनके आज के फैसलों में साफ झलकता है।

स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह अंदाज उन्हें आम जनता के करीब लाता है। जब देश का मुखिया यह कहता है कि उसने अपने निजी जीवन या भविष्य की परवाह नहीं की, तो इससे जनता में एक अलग तरह का भरोसा पैदा होता है। हालांकि, विपक्षी दल इन बयानों को केवल राजनीतिक रणनीति बताते हैं। उनका कहना है कि पिछले 25 सालों में देश की असल जमीनी समस्याओं पर कितना काम हुआ, यह देखना ज्यादा जरूरी है।

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विकसित भारत का संकल्प और आगे की चुनौतियां

सेवा के 25 साल पूरे होने के इस जश्न में प्रधानमंत्री ने आने वाले सालों के लिए बड़ा रोडमैप पेश किया है। उन्होंने देश के युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को केंद्र में रखकर नीतियां बनाने पर जोर दिया। उनका कहना है कि साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए हर नागरिक को मिलकर काम करना होगा। सरकार का दावा है कि पिछले ढाई दशकों में देश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।

मैदान पर काम करने वाले हमारे रिपोर्टर्स ने पाया कि आम जनता इन बातों को उम्मीद की नजर से देख रही है। महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दों पर लोगों के मन में सवाल जरूर हैं, लेकिन नेतृत्व की प्रतिबद्धता पर उनका भरोसा कायम है। प्रधानमंत्री का यह बयान एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक और सामाजिक दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जो तय करेंगे कि देश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

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