विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/अज़रबैजान के स्कूलों में हिजाब बैन से तुर्की के साथ तनातनी तेज
राजनीतिपढ़ने में समय: 4 मिनट

अज़रबैजान के स्कूलों में हिजाब बैन से तुर्की के साथ तनातनी तेज

अज़रबैजान के स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के बाद तुर्की के साथ कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। अस्सी प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाले इस देश में इस फैसले के बाद सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और रोती हुई छात्राओं के वीडियो सामने आ रहे हैं।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•41
🌐Read in English →
शेयर करें:
अज़रबैजान के स्कूलों में हिजाब बैन से तुर्की के साथ तनातनी तेज
📷 अज़रबैजान के स्कूलों में हिजाब बैन से तुर्की के साथ तनातनी तेज — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • अज़रबैजान के स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के बाद तुर्की के साथ कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। अस्सी प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाले इस देश में इस फैसले के बाद सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और रोती हुई छात्राओं के वीडियो सामने आ रहे हैं।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/बाकू — अज़रबैजान के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद इस्लामिक दुनिया में एक नया भूचाल आ गया है। अज़रबैजान की सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने पर पाबंदी लगा दी है। इस फैसले के बाद देश की राजधानी बाकू समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि इसका असर अब पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक रिश्तों पर भी साफ दिखने लगा है।

इस पूरे मामले पर तुर्की के तेवर काफी सख्त नजर आ रहे हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन की सरकार ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। तुर्की का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ हैं और इससे मुस्लिम समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचती है। दूसरी ओर अज़रबैजान की सरकार अपने इस फैसले को धर्मनिरपेक्षता और देश के कानूनों की रक्षा के नाम पर पूरी तरह सही ठहरा रही है।

मुस्लिम बहुल देश में छात्राओं का छलका दर्द

अज़रबैजान की आबादी में बहुसंख्यक मुस्लिम हैं, लेकिन देश का संविधान पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर चलता है। नए नियमों के लागू होने के बाद कई शिक्षण संस्थानों के बाहर से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जहां छात्राओं को कक्षाओं के बाहर रोका जा रहा है। रोती हुई और परेशान छात्राएं अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए गुहार लगा रही हैं। इन वीडियो के सोशल मीडिया पर आने के बाद दुनियाभर के मानवाधिकार संगठनों और धार्मिक समूहों में तीखी बहस छिड़ गई है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशासन का कहना है कि स्कूलों में एक समान ड्रेस कोड होना जरूरी है। अधिकारियों का तर्क है कि शैक्षणिक परिसरों में धार्मिक पहचान को बढ़ावा देने से समाज में दूरियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, प्रभावित छात्राओं और उनके परिवारों का साफ कहना है कि पढ़ाई उनका हक है और उनके धार्मिक पहनावे से किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस दोतरफा खींचतान ने आम नागरिकों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

पाकिस्तान के दो करीबी देशों के बीच बढ़ी कूटनीतिक दूरी

इस पूरे घटनाक्रम का एक बड़ा भू-राजनीतिक पहलू पाकिस्तान के साथ भी जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि अज़रबैजान और तुर्की दोनों ही पाकिस्तान के बहुत करीबी दोस्त माने जाते हैं। लेकिन हिजाब के मुद्दे पर इन दोनों देशों के आमने-सामने आने से इस्लामाबाद के लिए कूटनीतिक रूप से असहज स्थिति पैदा हो गई है। पाकिस्तान के ये दोनों ही मित्र देश अब आपसी बयानबाजी में उलझते जा रहे हैं।

तुर्की के लगातार विरोध जताने पर अज़रबैजान के राजनीतिक हलकों से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अज़रबैजान के कई नेताओं ने तुर्की को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे देश के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी बंद करें। जानकारों का कहना है कि क्षेत्रीय राजनीति और प्रभाव की इस लड़ाई में आने वाले दिनों में यह तनाव और ज्यादा गहरा सकता है।

द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और आगे का रुख

द फ्रीलान्स की टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, इस मामले पर फिलहाल दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, अज़रबैजान सरकार ने अभी तक अपने फैसले में किसी भी तरह के बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं। स्कूल और कॉलेज परिसरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या तुर्की का दबाव अज़रबैजान की सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर पाता है या नहीं। फिलहाल इस विवाद ने मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के राजनीतिक समीकरणों में एक नई हलचल पैदा कर दी है, जिस पर पूरी दुनिया की पैनी नजर बनी हुई है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

ईरान पर अगले हमले में अमेरिका गिराएगा 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब', बन गई है योजना

ईरान पर अगले हमले में अमेरिका गिराएगा 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब', बन गई है योजना

यूपी में लगातार तीन दिन सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान, स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

यूपी में लगातार तीन दिन सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान, स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

केरल में मानसून की दस्तक और कर्नाटक में बारिश का हाल, जानिए मौसम विभाग का नया अनुमान

केरल में मानसून की दस्तक और कर्नाटक में बारिश का हाल, जानिए मौसम विभाग का नया अनुमान

यमन में हूतियों का बड़ा हमला, राष्ट्रपति महल पर किया मिसाइल अटैक; 2 सुरक्षाकर्मियों की मौत, 6 घायल

यमन में हूतियों का बड़ा हमला, राष्ट्रपति महल पर किया मिसाइल अटैक; 2 सुरक्षाकर्मियों की मौत, 6 घायल

चीन में एक ही नाम वाले कपल की शादी, हर जगह हो रही गड़बड़ियां, लोग बोले- किस्मत का खेल!

चीन में एक ही नाम वाले कपल की शादी, हर जगह हो रही गड़बड़ियां, लोग बोले- किस्मत का खेल!

क्या है सर्वशक्तिमान बम MOAB? जिसे ईरान पर गिराने की फिराक में डोनाल्ड ट्रंप; ISIS से भी है कनेक्शन

क्या है सर्वशक्तिमान बम MOAB? जिसे ईरान पर गिराने की फिराक में डोनाल्ड ट्रंप; ISIS से भी है कनेक्शन

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘अज़रबैजान’ व राजनीति से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोपPOLITICS

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

16 अक्टू॰51
यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेताPOLITICS

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

16 अक्टू॰39
ईरान पर अगले हमले में अमेरिका गिराएगा 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब', बन गई है योजनाPOLITICS

ईरान पर अगले हमले में अमेरिका गिराएगा 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब', बन गई है योजना

16 अक्टू॰27
यूपी में लगातार तीन दिन सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान, स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंदPOLITICS

यूपी में लगातार तीन दिन सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान, स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

16 अक्टू॰41
केरल में मानसून की दस्तक और कर्नाटक में बारिश का हाल, जानिए मौसम विभाग का नया अनुमानPOLITICS

केरल में मानसून की दस्तक और कर्नाटक में बारिश का हाल, जानिए मौसम विभाग का नया अनुमान

16 अक्टू॰48
यमन में हूतियों का बड़ा हमला, राष्ट्रपति महल पर किया मिसाइल अटैक; 2 सुरक्षाकर्मियों की मौत, 6 घायलPOLITICS

यमन में हूतियों का बड़ा हमला, राष्ट्रपति महल पर किया मिसाइल अटैक; 2 सुरक्षाकर्मियों की मौत, 6 घायल

16 अक्टू॰38
चीन में एक ही नाम वाले कपल की शादी, हर जगह हो रही गड़बड़ियां, लोग बोले- किस्मत का खेल!POLITICS

चीन में एक ही नाम वाले कपल की शादी, हर जगह हो रही गड़बड़ियां, लोग बोले- किस्मत का खेल!

16 अक्टू॰45
क्या है सर्वशक्तिमान बम MOAB? जिसे ईरान पर गिराने की फिराक में डोनाल्ड ट्रंप; ISIS से भी है कनेक्शनPOLITICS

क्या है सर्वशक्तिमान बम MOAB? जिसे ईरान पर गिराने की फिराक में डोनाल्ड ट्रंप; ISIS से भी है कनेक्शन

16 अक्टू॰42
विज्ञापन • ADVERTISEMENT