नई दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे पिछले कई दिनों से बनी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली है। सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग यानी आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे प्रशासन और आम लोग एहतियात बरत रहे हैं।
नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर में धूल भरी आंधी के साथ मौसम सुहाना हो गया है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बढ़ रहे प्रदूषण और खराब हवा की गुणवत्ता से परेशान लोगों को इस बदलाव से बड़ी राहत मिलती दिख रही है। अक्टूबर का महीना पिछले दो सालों में सबसे गर्म दर्ज किया गया था, और वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई भी इस सीजन में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। इस बारिश और तेज हवा से हवा में फैले प्रदूषण के कणों के साफ होने की उम्मीद है।
मौसम में इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर मैदानी इलाकों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के बाद अब मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं। इसी वजह से दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। चंडीगढ़ और आसपास के ट्राईसिटी क्षेत्र में भी बारिश के बाद तापमान में छह डिग्री तक की भारी गिरावट आई है, जिससे वहां ठंड का अहसास बढ़ गया है।
आईएमडी ने साफ किया है कि आने वाले अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की और कमी आ सकती है। सुबह और शाम के वक्त हल्की धुंध के साथ अब सिहरन भरी ठंड की शुरुआत हो चुकी है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बदलते मौसम के अनुसार अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, खासकर बच्चे और बुजुर्ग सुबह-शाम बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें।
यातायात और उड़ानों पर असर की आशंका
मौसम के इस रुख को देखते हुए यातायात विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। अचानक तेज बारिश और धूल भरी आंधी के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने जलभराव वाले इलाकों में पानी निकालने के लिए अपनी टीमों को तैनात कर दिया है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी उड़ानों के संचालन पर नजर रखी जा रही है ताकि खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।
प्रदूषण के मोर्चे पर बात करें तो पिछले कई दिनों से दिल्ली का एक्यूआई गंभीर श्रेणी के आसपास मंडरा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश के बाद हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषक तत्व तितर-बितर होंगे और एक्यूआई में सुधार दर्ज किया जाएगा। हालांकि, बारिश थमने के बाद नमी बढ़ने से ठंड में तेजी से इजाफा होने की पूरी संभावना है। अब देखना यह होगा कि यह बदलाव दिल्लीवालों को लंबे समय तक प्रदूषण से राहत दिला पाता है या नहीं।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा ठंड का हाल
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने पाया है कि बाजारों में भी अब सर्दियों के कपड़ों की खरीदारी तेज हो गई है। लोग घरों में हल्के गर्म कपड़ों और कंबल को बाहर निकालने लगे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे हफ्ते से ठंड अपनी पूरी रफ्तार पकड़ लेगी। किसानों के लिए भी यह बारिश मिली-जुली खबर लेकर आई है, क्योंकि रबी की फसलों की बुआई के लिए यह नमी फायदेमंद साबित हो सकती है, बशर्ते ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान न पहुंचे।





