नई दिल्ली के सीमापुरी इलाके से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। यहां एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभरा कर नीचे गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए और पुलिस को इसकी जानकारी दी। शुरुआती रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि यह इमारत तीन से पांच मंजिला थी। मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी राहत कार्यों में जुट गई हैं। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक कुछ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल में भेजा गया है। बचाव दल लगातार बाकी लोगों की तलाश कर रहा है।
राहत और बचाव कार्य में जुटी प्रशासन की टीमें
घटनास्थल पर इस समय भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का पूरा ध्यान मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। जिस समय यह इमारत गिरी, उस वक्त वहां आसपास काफी हलचल थी। इस वजह से हादसे की गंभीरता और ज्यादा बढ़ गई है। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कर्मियों का काम थोड़ा आसान हुआ है।
इमारत के अचानक गिरने के असली कारणों का अभी आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि इमारत काफी पुरानी हो सकती है। इसके अलावा निर्माण कार्य या सीलन की वजह से भी ऐसा हादसा होने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। इमारत के मालिक और आसपास के अवैध निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में इमारत गिरने के कई मामले सामने आए हैं। इस तरह की घटनाएं शहरी सुरक्षा और नियमों पर बड़ा सवालिया निशान लगाती हैं। पुराने मकानों की समय पर मरम्मत न होना एक बड़ी समस्या बन चुका है। कई जगहों पर बिना अनुमति के अवैध निर्माण भी धड़ल्ले से चल रहे हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से ऐसे खतरनाक मकानों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सीमापुरी की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सरकार और निगम अधिकारियों को अब ऐसे इलाकों में विशेष सर्वे कराना चाहिए। जिन इमारतों की हालत जर्जर हो चुकी है, उन्हें समय रहते खाली कराया जाना चाहिए। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरी घटना पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही अस्पताल और प्रशासन की तरफ से कोई नया आधिकारिक बयान आएगा, सबसे पहले आप तक पहुंचाया जाएगा।
घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे अधिकारी
हादसे में घायल हुए लोगों को दिल्ली के नजदीकी सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है। कुछ लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रशासन के कई बड़े अधिकारी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा प्रशासन की तरफ से दिया गया है।



