चेन्नई/ग्राउंड ब्यूरो — तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता और राज्य के प्रमुख मंत्री दुरईमुरुगन की अचानक तबीयत बिगड़ गई है। इसके बाद उन्हें तुरंत चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है।
इधर राजनीतिक गलियारों में उनके स्वास्थ्य को लेकर दुआओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। पार्टी के कई बड़े नेता और मंत्री उनका हालचाल जानने के लिए लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से दुरईमुरुगन अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण भी काफी चर्चा में बने हुए थे।
अस्पताल में भर्ती होने के पीछे की असली बात क्या है?
बुधवार को अचानक सीने में हल्की बेचैनी और स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां महसूस होने के बाद उन्हें परिवार के लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद उन्हें कुछ दिनों तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि व्यस्त दिनचर्या और लगातार चुनावी दौरों के कारण उनके शरीर पर थकान का असर पड़ा था। उम्र के इस पड़ाव पर सक्रिय राजनीति में रहने के कारण स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।
द्रमुक पार्टी के आधिकारिक सूत्रों ने मीडिया को शांत रहने की अपील की है और कहा है कि नेता की हालत फिलहाल स्थिर है। पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी फोन पर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली है और डॉक्टरों से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा है। कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं।
राजनीतिक बयानों और विवादों के बीच चर्चा में दुरईमुुरुगन
अपने तीखे तेवर और बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले दुरईमुरुगन हाल ही में कई राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहे हैं। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया में उनके पुराने बयानों और विरोधी दलों के नेताओं के साथ जुबानी जंग के वीडियो खूब वायरल हुए हैं। विपक्षी दलों और नए राजनीतिक मोर्चों की ओर से उन पर लगातार राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं। कुछ यूट्यूबर और विश्लेषक उनके बयानों को लेकर तीखी बहस करते नजर आए हैं।
इसके अलावा तमिलनाडु की स्थानीय राजनीति में अन्य दलों के नेताओं के साथ उनकी बयानबाजी ने माहौल को काफी गर्म कर रखा है। चाहे वह स्कूली दौरों के दौरान मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा का मामला हो या फिर नए राजनीतिक दलों के उभार पर प्रतिक्रिया, दुरईमुरुगन हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। इन तमाम राजनीतिक सरगर्मियों के बीच अचानक उनका अस्पताल में भर्ती होना राज्य की राजनीति में एक बड़ा चर्चा का विषय बन गया है।
पार्टी और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
द्रमुक पार्टी के भीतर दुरईमुरुगन एक बेहद वरिष्ठ और अनुभवी स्तंभ माने जाते हैं। पार्टी संगठन और सरकार के बीच तालमेल बिठाने में उनकी भूमिका हमेशा से अहम रही है। ऐसे समय में जब तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, उनका अस्वस्थ होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे में एक मजबूत नेता का अस्पताल में होना पार्टी के लिए चिंता का विषय है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वस्थ होने के बाद दुरईमुरुगन एक बार फिर पूरे दम-खम के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे। फिलहाल उनके समर्थकों की नजरें पूरी तरह से अस्पताल से आने वाले अगले स्वास्थ्य बुलेटिन पर टिकी हुई हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया आधिकारिक अपडेट आएगा, पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाया जाएगा।






