विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी की तारीखों पर क्यों मचा है असमंजस? जानिए पंचांग का पूरा गणित
राजनीतिपढ़ने में समय: 6 मिनट

शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी की तारीखों पर क्यों मचा है असमंजस? जानिए पंचांग का पूरा गणित

शारदीय नवरात्रि में महाष्टमी और महानवमी की सही तारीख को लेकर श्रद्धालुओं के बीच उलझन बढ़ गई है। पंचांग के जानकारों के अनुसार तिथियों के घटने-बढ़ने से 18 और 19 अक्टूबर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। वहीं कई राज्यों में त्योहार की छुट्टियों को लेकर भी सरकार से मांग उठने लगी है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•16 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•25
🌐Read in English →
शेयर करें:
शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी की तारीखों पर क्यों मचा है असमंजस? जानिए पंचांग का पूरा गणित
📷 शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी की तारीखों पर क्यों मचा है असमंजस? जानिए पंचांग का पूरा गणित — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • शारदीय नवरात्रि में महाष्टमी और महानवमी की सही तारीख को लेकर श्रद्धालुओं के बीच उलझन बढ़ गई है। पंचांग के जानकारों के अनुसार तिथियों के घटने-बढ़ने से 18 और 19 अक्टूबर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। वहीं कई राज्यों में त्योहार की छुट्टियों को लेकर भी सरकार से मांग उठने लगी है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में त्योहारों के मौसम में तिथियों को लेकर अक्सर लोगों में संशय रहता है। इस बार भी शारदीय नवरात्रि में महाष्टमी और महानवमी की तारीख को लेकर भारी भ्रम देखा जा रहा है। आम लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि कन्या पूजन 18 तारीख को करें या 19 तारीख को। मंदिरों के बाहर और बाजारों में लोग पुरोहितों से सही तारीख पूछ रहे हैं। गूगल पर भी इस समय तारीखों से जुड़े सवाल सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहे हैं। त्योहार की तैयारी करने वाले परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल व्रत खोलने और पूजन के शुभ समय का है।

ज्योतिषियों के अनुसार हिंदू पंचांग में तिथियों का घटना और बढ़ना सूर्योदय के समय पर निर्भर करता है। इस बार अष्टमी तिथि एक दिन दोपहर में शुरू हो रही है। यही वजह है कि कुछ लोग उदय तिथि के हिसाब से 19 तारीख मान रहे हैं। वहीं कुछ लोग शाम की तिथि देखकर 18 तारीख को ही पूजा करने की सलाह दे रहे हैं। बनारस और अयोध्या के कई बड़े विद्वानों ने पंचांग खोलकर स्थिति साफ की है। उनका कहना है कि अष्टमी और नवमी का मेल होने से यह स्थिति बनी है।

पंचांग में तिथियों का फेर और पूजा का सही समय

पंचांग के जानकारों का कहना है कि उदया तिथि का हिंदू धर्म में बहुत बड़ा महत्व होता है। जिस दिन सुबह सूर्य निकलते समय जो तिथि होती है, उसी दिन का मान पूरे दिन रहता है। अष्टमी तिथि का आरंभ एक दिन पहले शाम के समय हो रहा है। इसलिए कई साधक रात की निशा पूजा 18 तारीख की रात को ही करेंगे। लेकिन कुल परंपरा के अनुसार कन्या पूजन सुबह के समय किया जाता है। इसलिए 19 तारीख की सुबह कन्या पूजन के लिए सबसे बेहतर मानी जा रही है।

कुछ इलाकों में 19 तारीख को ही नवमी तिथि भी शुरू हो जाएगी। इस वजह से कई घरों में हवन और कन्या भोज एक ही दिन संपन्न होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित राधे मोहन झा ने बताया कि पंचांगों में थोड़ा बहुत मतभेद स्थानीय समय के कारण आता है। मिथिला पंचांग और काशी पंचांग के समय में कुछ मिनटों का अंतर रहता है। इसी अंतर की वजह से हर साल तिथियों को लेकर लोगों में ऐसी बहस शुरू हो जाती है। भक्तों को अपने कुलगुरु और स्थानीय परंपरा के हिसाब से ही व्रत का पालन करना चाहिए।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

स्कूलों और दफ्तरों में छुट्टी को लेकर उठी मांग

त्योहार की तारीखों के इस फेर का असर अब सरकारी कैलेंडरों और स्कूलों की छुट्टियों पर भी पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा है। शिक्षकों का कहना है कि सरकारी सूची में छुट्टी किसी और दिन दर्ज है। जबकि असल में नवमी और दशहरा का पूजन अलग दिन पड़ रहा है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले शिक्षकों और छोटे बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अभिभावकों ने भी जिला प्रशासन से छुट्टी की तारीख बदलने की अपील की है। लखनऊ और कानपुर में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि 19 तारीख को नवमी के दिन पूरे प्रदेश में कन्या पूजन होता है। मातृशक्ति के इस बड़े पर्व पर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम रहती है। इसलिए सरकार को पंचांग के हिसाब से अवकाश की तारीख में तुरंत सुधार करना चाहिए। शासन स्तर पर भी इस मांग पर विचार करने की बात कही जा रही है।

बाजारों में खरीदारी और त्योहार की तैयारियां

तारीखों के इस असमंजस के बीच बाजारों में रौनक अपने पूरे चरम पर पहुंच गई है। फल, फूल और पूजन सामग्री की दुकानों पर सुबह से ही भारी भीड़ जुट रही है। चुनरी, नारियल और हवन सामग्री के दाम भी इस समय बढ़ गए हैं। दिल्ली के चांदनी चौक से लेकर पटना और लखनऊ के बाजारों में व्यापारी खुश नजर आ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि तारीख चाहे 18 हो या 19, लोग दोनों ही दिन खरीदारी कर रहे हैं। इससे व्यापार को काफी सहारा मिला है।

हलवाई की दुकानों पर भी कन्या भोज के लिए सूखे मेवे और हलवे के सामान के ऑर्डर लिए जा रहे हैं। माता के मंदिरों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बल को सुबह चार बजे से ही मंदिरों के प्रवेश द्वारों पर तैनात रहने को कहा गया है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से भीड़ पर नजर रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई दिक्कत न आए।

भक्तों को क्या सलाह दे रहे हैं धर्मगुरु?

इस पूरे मामले पर विभिन्न अखाड़ों और शक्तिपीठों के संतों ने भी अपनी राय दी है। संतों का कहना है कि भक्ति में तारीख से ज्यादा मन का भाव जरूरी होता है। यदि कोई साधक 18 तारीख की शाम को संधि पूजा कर रहा है तो वह भी शास्त्र सम्मत है। वहीं जो लोग 19 तारीख को नवमी मानकर कन्या खिला रहे हैं, उनका व्रत भी पूर्ण माना जाएगा। किसी भी भ्रम में आकर मन को छोटा करने की जरूरत नहीं है।

सनातन परंपरा में स्थानीय परंपरा और संप्रदाय की मान्यताओं को हमेशा ऊंचा स्थान दिया गया है। बंगाली समाज में दुर्गा पूजा की महाअष्टमी और संधि पूजा का समय अलग तरीके से निकाला जाता है। वहीं उत्तर भारत में लोग नवमी को हवन के बाद व्रत का पारण करते हैं। इसलिए जानकारों का सुझाव है कि लोग अपने घर के बुजुर्गों और पुरोहितों के निर्देश का पालन करें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और श्रद्धापूर्वक मां दुर्गा की आराधना करें।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

शारदीय नवरात्रि 2026: 18 या 19 अक्टूबर, महाष्टमी की सही तारीख पर उलझन बरकरार

शारदीय नवरात्रि 2026: 18 या 19 अक्टूबर, महाष्टमी की सही तारीख पर उलझन बरकरार

Navratri Day 2 Vrat Katha: क्यों पड़ा मां ब्रह्मचारिणी नाम, जानिए दूसरे दिन की पूजा और कथा

Navratri Day 2 Vrat Katha: क्यों पड़ा मां ब्रह्मचारिणी नाम, जानिए दूसरे दिन की पूजा और कथा

आज है शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन : कब करें पूजा? जानें मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र, रंग, भोग

आज है शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन : कब करें पूजा? जानें मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र, रंग, भोग

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम, एक तरफ कारीगरों की मेहनत तो दूसरी तरफ राजनीतिक घमासान तेज

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम, एक तरफ कारीगरों की मेहनत तो दूसरी तरफ राजनीतिक घमासान तेज

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान को मेरठ नहीं मथुरा जेल में क्यों दी जा सकती है फांसी, जानिए वजह

सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान को मेरठ नहीं मथुरा जेल में क्यों दी जा सकती है फांसी, जानिए वजह

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘शारदीय नवरात्रि’ व राजनीति से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

शारदीय नवरात्रि 2026: 18 या 19 अक्टूबर, महाष्टमी की सही तारीख पर उलझन बरकरारPOLITICS

शारदीय नवरात्रि 2026: 18 या 19 अक्टूबर, महाष्टमी की सही तारीख पर उलझन बरकरार

16 अक्टू॰27
Navratri Day 2 Vrat Katha: क्यों पड़ा मां ब्रह्मचारिणी नाम, जानिए दूसरे दिन की पूजा और कथाPOLITICS

Navratri Day 2 Vrat Katha: क्यों पड़ा मां ब्रह्मचारिणी नाम, जानिए दूसरे दिन की पूजा और कथा

13 अक्टू॰45
आज है शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन : कब करें पूजा? जानें मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र, रंग, भोगPOLITICS

आज है शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन : कब करें पूजा? जानें मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र, रंग, भोग

12 अक्टू॰51
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम, एक तरफ कारीगरों की मेहनत तो दूसरी तरफ राजनीतिक घमासान तेजPOLITICS

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम, एक तरफ कारीगरों की मेहनत तो दूसरी तरफ राजनीतिक घमासान तेज

12 अक्टू॰26
विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवालPOLITICS

विद्या बालन की नई फिल्म को लेकर गूगल पर क्यों मचा है बवाल

16 अक्टू॰39
आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोपPOLITICS

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

16 अक्टू॰51
यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेताPOLITICS

यूपी मेगा सर्वे: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे, जनता ने किसे माना सबसे दमदार नेता

16 अक्टू॰39
सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान को मेरठ नहीं मथुरा जेल में क्यों दी जा सकती है फांसी, जानिए वजहPOLITICS

सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान को मेरठ नहीं मथुरा जेल में क्यों दी जा सकती है फांसी, जानिए वजह

17 अक्टू॰31
विज्ञापन • ADVERTISEMENT