नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत में इस बार मानसून ने अपनी तय समय सीमा से पहले ही देश के कई हिस्सों में जोरदार दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून की पहली फुहारें गिर चुकी हैं। तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान आम जनता को इस बारिश से काफी सुकून मिला है। मैदानी इलाकों में भी बादलों का डेरा लगना शुरू हो गया है और हवा में नमी बढ़ गई है।
खेती-किसानी के लिहाज से मानसून की यह समय पर शुरुआत बहुत ही शुभ मानी जा रही है। देश भर के किसान लंबे समय से खेतों की जुताई और बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे थे। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस बार बारिश का यह दौर समय पर और सामान्य रहा तो धान और दलहन की पैदावार बहुत अच्छी होगी। इससे बाजार में सब्जियों और अनाजों के दाम भी काबू में रहने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
किसानों के चेहरों पर लौटी चमक और बुवाई की तैयारी
देश के ग्रामीण इलाकों में मानसून के पहुंचने की खबर से किसानों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई जिलों में किसानों ने अपने ट्रैक्टर और बीज तैयार कर लिए हैं। कई जगहों पर हल्की बारिश के बाद किसानों ने तुरंत खेतों में उतरकर बुवाई का काम भी शुरू कर दिया है। सरकार ने भी इस बार खाद और बीज की कोई कमी न होने का पूरा दावा किया है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हालांकि मानसून की इस शुरुआती रफ्तार के साथ ही जलभराव और ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में पहली ही बारिश ने नगर निगमों की पोल खोल दी है। सड़कों पर पानी भरने से दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंप और सफाई कर्मचारियों की टीमें तैनात कर दी हैं ताकि स्थिति को समय रहते संभाला जा सके।
बड़े शहरों में जलभराव और ट्रैफिक की चुनौती
मानसून के आने के साथ ही महानगरों में हर साल की तरह इस बार भी जलभराव की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बारिश के शुरुआती घंटों में ही कई मुख्य सड़कें झीलों में तब्दील हो गईं जिससे गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। मेट्रो और लोकल ट्रेनों पर भी यात्रियों का भारी दबाव देखने को मिला है। नगर निगम के अधिकारी लगातार जल निकासी के कामों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और कंट्रोल रूम से हर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले अगले कुछ दिनों में मानसून देश के बाकी हिस्सों यानी उत्तर भारत और मध्य भारत की तरफ तेजी से आगे बढ़ेगा। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी अगले सप्ताह तक प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की पूरी संभावना है। तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को भीषण गर्मी से पूरी तरह राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने भी बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों से बचने के लिए लोगों को साफ-सुथरा पानी पीने और खानपान का खास ध्यान रखने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन के कड़े इंतजाम
बारिश के इस मौसम में मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों का लारवा न पनप सके। नगर पालिका की टीमें भी समय-समय पर कॉलोनियों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।





