नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के जंगलों से इन दिनों बाघों को लेकर लगातार बड़ी और अलग-अलग खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क के खापा इलाके में बाघ के हमले से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए नया सत्र शुरू होने जा रहा है। बाघों की यह दुनिया एक साथ रोमांच, डर और नए जीवन की उम्मीदों से भरी हुई है। द फ्रीलान्स की टीम ने इन तमाम घटनाओं की जमीनी हकीकत को टटोला है और जाना है कि देश के अलग-अलग कोनों में बाघों और इंसानों का आमना-सामना किस तरह बदल रहा है।
मध्य प्रदेश के मंडला और बालाघाट जिले में फैले कान्हा टाइगर रिजर्व के खापा क्षेत्र में बाघ का आतंक एक बार फिर सामने आया है। यहां जंगल के पास मवेशी चराने गई एक महिला पर अचानक एक बाघ ने हमला कर दिया। इस भयानक हमले में महिला के हाथ, कमर और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को तुरंत बैहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के मन में भारी डर बैठ गया है। वन विभाग की टीम ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को जंगल के अंदर न जाने की सख्त सलाह दी जा रही है।

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पूरी रिपोर्ट पढ़ें→पीलीभीत में खुलने जा रहा नया पर्यटन सत्र और सफारी के बदले रास्ते
एक तरफ जहां जंगलों के पास इंसानी बस्तियों में खतरे की खबरें हैं, वहीं दूसरी तरफ वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर भी सामने आई है। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आगामी 1 नवंबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होने जा रहा है। इस बार प्रशासन ने पर्यटकों के लिए सफारी रूट से लेकर जंगल के अंदर कई नए बदलाव किए हैं। गर्मियों और मानसून के बाद अब जंगल के दरवाजे फिर से पर्यटकों के स्वागत के लिए खुल रहे हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि इस बार पर्यटकों को बाघों के दर्शन के लिए बेहतर और सुरक्षित रास्ते तैयार किए गए हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और जंगल की सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.
जंगलों और रिजर्व के अलावा देश के चिड़ियाघरों से भी बहुत ही प्यारी और उत्साह बढ़ाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा जू में हाल ही में तीन नन्हे बाघों का जन्म हुआ है। इन तीनों शावकों के आने से जू प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। खास बात यह है कि जू प्रबंधन ने इन नन्हे मेहमानों के नामकरण की प्रक्रिया में आम जनता को भी शामिल करने का फैसला किया है, जिससे लोग इन शावकों के लिए अपने पसंदीदा नाम सुझा सकेंगे। यह पहल लोगों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति रुचि बढ़ाने का एक शानदार तरीका साबित हो रही है, जहां बच्चे से लेकर बड़े तक इस प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं।
सोशल मीडिया पर छाया 'जूनियर बजरंग' और चिड़ियाघर के अनोखे किस्से
इन दिनों इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक खास बाघ चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे लोग प्यार से 'जूनियर बजरंग' बुलाते हैं। इस बाघ का तीखा चेहरा और उसका अनोखा अंदाज लोगों को दूर से ही उसकी पहचान करा देता है। सबसे मजेदार बात यह है कि यह बाघ कैमरे के सामने आते ही एकदम मॉडल की तरह पोज देने लगता है। हालांकि, इसकी एक और अजीब आदत है कि यह पानी के पास बहुत कम ही दिखाई देता है। वन्यजीव फोटोग्राफर और पर्यटक इस अनोखे बाघ की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं। भारत के जंगलों में बाघों का यह विविध रूप और उनका इंसानों के साथ बनता-बिगड़ता रिश्ता देश भर में लगातार चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।






