मुंबई/ग्राउंड ब्यूरो — मराठी सिनेमा और लोक कला जगत ने अपनी एक और चमकती हुई हस्ती को हमेशा के लिए खो दिया है। दिग्गज अभिनेत्री और प्रसिद्ध लावणी कलाकार मधु कांबीकर का निधन हो गया है। वह पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थीं और 73 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर आते ही मराठी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक छा गया।
मधु कांबीकर ने अपने अभिनय सफर में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। उन्होंने अपनी कला और सादगी से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी। उन्हें सबसे ज्यादा प्रसिद्धि अभिनेता नाना पाटेकर की ऑनस्क्रीन मां का किरदार निभाकर मिली। परदे पर मां और बेटे की इस जोड़ी को दर्शकों ने बहुत पसंद किया था। उनका यह अभिनय आज भी लोगों के जेहन में ताजा है।
मराठी लोक कला लावणी की जानी-मानी शान
अभिनय के अलावा मधु कांबीकर एक बेहतरीन लावणी कलाकार भी थीं। उन्होंने महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक कला लावणी को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने में अपना बड़ा योगदान दिया। मंच पर उनकी अदाकारी और नृत्य के लोग दीवाने हुआ करते थे। उन्होंने अपनी कला के दम पर पारंपरिक मंचों पर एक नया मुकाम हासिल किया था। उनके जाने से लोक कला जगत में एक बड़ा खालीपन आ गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा।
पिछले कुछ वर्षों से वह स्वास्थ्य समस्याओं के कारण फिल्मों और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर चल रही थीं। बढ़ती उम्र और बीमारी के चलते उनका इलाज चल रहा था। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर मिलते ही कई दिग्गज कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
टैक्सी चालकों के लाइसेंस रद्द करने के मामले में बड़ी राहत
दूसरी ओर, महाराष्ट्र में मराठी से जुड़े एक अन्य बड़े घटनाक्रम में टैक्सी चालकों को बड़ी राहत मिली है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गैर-मराठी टैक्सी चालकों के लाइसेंस रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। सरकार के इस कदम से उन हजारों चालकों को राहत मिली है जो अपनी आजीविका के लिए मुंबई और अन्य शहरों में टैक्सी चलाते हैं। इस फैसले के बाद से राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। नियमों और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। तब तक चालकों को अपने काम में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार के इस संतुलित कदम की हर तरफ चर्चा हो रही है।
कला जगत में शोक और श्रद्धांजलि का सिलसिला
मधु कांबीकर के निधन के बाद मराठी सिनेमा के तमाम कलाकारों ने उनके घर पहुंचकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कलाकारों का कहना है कि मधु जी ने अपने काम से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल कायम की है। उनका जीवन संघर्ष और कला के प्रति समर्पण से भरा हुआ था।
द फ्रीलान्स की टीम इस दुख की घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है। मराठी सिनेमा और लावणी कला में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा। उनके द्वारा निभाए गए किरदार और उनकी कला की महक हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेगी।









