नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने जा रहा है। मौसम विभाग यानी आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कल यानी गुरुवार को दिल्ली समेत देश के 22 राज्यों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान साठ से सत्तर किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान भी चल सकता है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक मौसम की इस अचानक करवट ने आम जनजीवन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के बाद अब इस बारिश से ठंड के तेजी से दस्तक देने के पूरे आसार बन गए हैं।
राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में कल बादलों के गरजने के साथ तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के कई हिस्सों में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में भी झमाझम बारिश के साथ ओले गिरने का पूर्वानुमान जताया गया है। किसानों और आम लोगों को इस दौरान खुले में जाने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि अचानक चलने वाली तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उत्तर प्रदेश और हिमाचल में ओलावृष्टि का यलो अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मौसम पर नजर डालें तो पश्चिमी इलाकों में कल का दिन काफी तूफानी रह सकता है। मौसम विभाग ने मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और आसपास के जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बदल रहे इस मौसम के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को सुबह और शाम के वक्त सिहरन महसूस होने लगेगी। उधर पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। हिमाचल के कम से कम चार जिलों में आज और कल भारी बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी दी गई है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है।
मैदानी राज्यों में हो रही इस हलचल का असर केवल कृषि और यात्रा पर ही नहीं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह के वक्त हल्की धुंध और ठंडी हवाओं ने यह जताना शुरू कर दिया है कि अब गर्म कपड़ों को बाहर निकालने का वक्त आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि कल होने वाली इस बारिश के बाद उत्तर भारत के तापमान में कम से कम दो से चार डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके बाद सर्दियों का असली दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद है, जो इस साल समय से पहले अपनी ठंडक का अहसास कराएगा।
प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी को देखते हुए कई राज्यों के स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नगर निगमों को जलभराव वाले इलाकों में पानी निकालने के लिए पंप तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभागों को भी यह चेतावनी दी गई है कि आंधी के दौरान यदि लाइनें ट्रिप होती हैं, तो उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि आम जनता को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े। ट्रैफिक पुलिस ने भी वाहन चालकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सड़कों पर धीमी गति से वाहन चलाएं और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
हमारी ग्राउंड टीम ने जब दिल्ली और नोएडा की सड़कों पर लोगों से बात की, तो ज्यादातर नागरिकों का यही कहना था कि वे इस बदलते मौसम के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, अचानक आने वाले आंधी-तूफान को लेकर हर कोई थोड़ी सावधानी बरत रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपने-अपने शहर का ताजा मौसम अपडेट जरूर चेक कर लें। यदि अगले चौबीस घंटों के दौरान स्थिति ज्यादा बिगड़ती है, तो जिला प्रशासन द्वारा स्कूल और अन्य जरूरी सेवाओं के संबंध में भी नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
सर्दियों के स्वागत के लिए तैयार रहें लोग
कुल मिलाकर देखा जाए तो कल का दिन देश के बड़े हिस्से में मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। एक तरफ जहां बारिश और आंधी-तूफान से कुछ पलों के लिए जनजीवन प्रभावित हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ यह बदलाव लंबे समय से गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत भी देगा। अक्टूबर के मध्य में आ रही यह मानसूनी और पश्चिमी विक्षोभ की मिली-जुली गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि इस साल सर्दी अपने तय समय पर या उससे थोड़ा पहले ही दस्तक देगी। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही नया अपडेट आएगा, हम आप तक सबसे पहले पहुंचाएंगे।








