नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने एक बार फिर ऑटोमोबाइल की दुनिया में हलचल मचा दी है। इस बार कंपनी अपनी नई टेस्ला रोडस्टर कार को लेकर सामने आई है। सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल बाजार में इस कार के उड़ने वाले वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कंपनी का दावा है कि यह कार केवल सड़क पर ही नहीं दौड़ेगी बल्कि हवा में छलांग लगाकर गुलाटी भी मार सकती है। इस नई तकनीक को देखने के बाद कार प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। भारत के बाजार में भी इस सुपरकार को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
सामने आई रिपोर्ट के अनुसार इस कार के पीछे एक खास साइंस और रॉकेट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। एलन मस्क ने संकेत दिए हैं कि स्पेसएक्स के सहयोग से इस कार में थ्रस्टर्स जोड़े जाएंगे। इसके कारण यह कार एक सेकंड से भी कम समय में शून्य से संतानवे किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे यह कार हवा में थोड़ा ऊपर उठती है और फिर सुरक्षित तरीके से चारों पहियों पर जमीन पर उतरती है। यह किसी फिल्मी सीन जैसा लगता है लेकिन कंपनी इसे असलियत बनाने का दावा कर रही है।
भारत में बुकिंग शुरू और कीमत की पूरी सच्चाई
टेस्ला की इस नई उड़ने वाली कार की गूंज अब भारतीय बाजार में भी सुनाई देने लगी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर की खबरों के मुताबिक भारत में भी टेस्ला रोडस्टर की बुकिंग शुरू कर दी गई है। हालांकि इसकी कीमत आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस कार के थ्रस्ट मॉडल की कीमत ढाई करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है। भारी भरकम आयात शुल्क और टैक्स के कारण भारत में इसकी फाइनल कीमत और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इसके बावजूद देश के अमीर कार खरीदार और शौकीन इस मॉडल को बुक करने में रुचि दिखा रहे हैं।
कार की लॉन्च डेट और इसके प्रोडक्शन को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। एलन मस्क ने पहले भी इस कार की लॉन्चिंग को कई बार टाला है। इसलिए दुनिया भर के ऑटो एक्सपर्ट्स अभी इस बात को लेकर पशोपेश में हैं कि यह कार सड़क पर कब तक उतरेगी। हालांकि कंपनी के ताजा बयानों से लगता है कि आने वाले महीनों में इसका प्रोडक्शन शुरू हो सकता है। तकनीकी रूप से यह कार इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाने का दम रखती है। पारंपरिक कारों से हटकर यह फ्लाइंग कार भविष्य के परिवहन की एक झलक पेश करती है।
रॉकेट साइंस और सड़कों की असलियत
जब भी कोई नई तकनीक सामने आती है तो सुरक्षा और नियमों को लेकर बहस होना लाजिमी है। ट्रैफिक नियम और सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारी इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि हवा में उड़ने वाली कारें कैसे नियंत्रित होंगी। सामान्य सड़कों पर ऐसी कारों के चलने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा विमानन विभाग और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच भी नियमों को लेकर पेंच फंस सकता है। एलन मस्क भले ही इसे तकनीक का चमत्कार बता रहे हैं लेकिन आम जनता के लिए इसे सड़कों पर उतारना एक बड़ी चुनौती होगी।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल बताती है कि फिलहाल यह गाड़ी अभी शुरुआती चरणों में ही है। भारत में जिन लोगों ने इसकी बुकिंग की है उन्हें भी डिलीवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। टेस्ला के इतिहास को देखें तो उनके कई प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस कार का क्रेज कम नहीं हुआ है। युवा पीढ़ी इस नई तकनीक को लेकर काफी उत्साहित है और हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।
भविष्य का सफर और ऑटोमोबाइल बाजार पर असर
टेस्ला रोडस्टर के आने से दूसरी लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियों पर भी दबाव बढ़ गया है। मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी बड़ी कंपनियां भी अब अपनी इलेक्ट्रिक और आधुनिक तकनीक को बेहतर करने में जुट गई हैं। हालांकि हवा में उड़ने वाली कार का कॉन्सेप्ट अभी शुरुआती दौर में है लेकिन इसने बाजार की दिशा बदल दी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एलन मस्क अपने इस वादे को पूरा कर पाते हैं या यह सिर्फ एक विज्ञापन बनकर रह जाता है।
हमारे ग्राउंड रिपोर्टर्स ने पाया है कि भारत के बड़े महानगरों में सुपरकारों के खरीदार इस नई तकनीक को लेकर उत्सुक हैं। वे केवल कीमत की परवाह किए बिना सबसे पहले इसे अपने गैराज में लाना चाहते हैं। कुल मिलाकर टेस्ला रोडस्टर ने ऑटोमोबाइल बाजार में एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में जैसे ही इसका प्रोडक्शन शुरू होगा, तस्वीर और ज्यादा साफ हो जाएगी कि यह कार वाकई हवा में राज करेगी या केवल सड़कों पर ही दौड़ेगी।












