देशभर में इन दिनों बारिश का मौसम चल रहा है। इस दौरान मैदानों और खेतों में पानी भर जाता है। पानी भरने की वजह से जमीन के अंदर रहने वाले सांप बाहर निकलने लगते हैं। गूगल ट्रेंड्स पर अचानक 'पामुकाटु' यानी सांप के काटने की घटनाओं को लेकर लोगों की खोज बहुत तेज हो गई है। लोग जानना चाहते हैं कि सांप के काटने पर तुरंत क्या करना चाहिए। हमारे फील्ड रिपोर्टर ने जब जमीनी हालात का जायजा लिया, तो पता चला कि हर साल इस मौसम में ऐसे मामलों में भारी उछाल आता है।
ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक करने वालों के पास चले जाते हैं। यह गलती मरीज की जान ले सकती है। डॉक्टर बार-बार यही समझाते हैं कि सांप काटने पर समय सबसे कीमती होता है। अगर मरीज को समय पर सरकारी अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बच सकती है। सभी बड़े अस्पतालों में सांप के जहर को बेअसर करने वाला इंजेक्शन यानी एंटीवेनम मुफ्त में उपलब्ध होता है। इसलिए किसी भी तरह की देरी नहीं करनी चाहिए।
सांप काटने पर तुरंत कौन से कदम उठाने चाहिए
अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो सबसे पहले उसे घबराने से रोकना चाहिए। घबराने से दिल की धड़कन तेज होती है और खून का दौरा तेजी से फैलता है। इससे जहर पूरे शरीर में बहुत जल्दी फैल जाता है। पीड़ित व्यक्ति को बिल्कुल शांत लेटा देना चाहिए। जिस जगह पर सांप ने काटा है, उस अंग को हिलाना-डुलाना नहीं चाहिए। अगर हाथ या पैर पर काटा है, तो वहां घड़ी, कंगन या टाइट कपड़े तुरंत उतार देने चाहिए ताकि सूजन आने पर दिक्कत न हो।
घाव को साफ पानी और साबुन से धीरे से धोना चाहिए। इस बात का खास ध्यान रखें कि घाव पर चीरा बिल्कुल न लगाएं। जहर को मुंह से खींचने की कोशिश कभी न करें। ऐसा करने से जहर खींचने वाले व्यक्ति के शरीर में भी जा सकता है। नीम या किसी जड़ी-बूटी का लेप लगाने में समय बर्बाद न करें। आपकी पहली और इकलौती कोशिश यही होनी चाहिए कि मरीज को जल्द से जल्द किसी नजदीकी डॉक्टर या अस्पताल तक पहुंचाया जाए।
बारिश के दिनों में सांपों से कैसे करें बचाव
सांप अक्सर अंधेरे, नमी और बिलों में छिपकर रहते हैं। बारिश के मौसम में उनके बिलों में पानी भर जाता है। इसी वजह से वे इंसानी बस्तियों और घरों के आसपास आ जाते हैं। रात के समय खेतों या रास्तों पर चलते समय हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल करना चाहिए। कभी भी खाली पैर अंधेरे में न चलें। घर के आसपास झाड़ियों को साफ रखें और कचरा जमा न होने दें। घर के दरवाजों और खिड़कियों को बंद रखें ताकि जहरीले जीव अंदर न आ सकें।
सोते समय जमीन पर सीधे लेटने के बजाय पलंग या चारपाई का इस्तेमाल करें। चारपाई की ऊंचाई जमीन से थोड़ी ज्यादा होनी चाहिए। बिस्तर पर जाने से पहले चादर और रजाई को अच्छी तरह झाड़ लें। यदि घर के आसपास या स्टोर रूम में कोई पुराना सामान पड़ा है, तो उसे हटाते वक्त हाथों में मोटे दस्ताने पहनें। थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी से आप सांप के हमले से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
अस्पताल पहुंचने से पहले किन बातों का रखें ध्यान
अस्पताल जाते वक्त इस बात को याद रखने की कोशिश करें कि सांप किस रंग का था या उसकी बनावट कैसी थी। हालांकि सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं। देश में पाए जाने वाले सांपों में से बहुत कम प्रजातियां ही जानलेवा होती हैं। डॉक्टर को यह बताना आसान हो जाता है कि सांप जहरीला था या नहीं। फिर भी किसी भी सांप के काटने को हल्के में न लें। डॉक्टर की सलाह पर ही इलाज करवाएं और अस्पताल में ही रहें ताकि डॉक्टर मरीज की स्थिति पर नजर रख सकें।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी इस मौसम में लोगों को लगातार जागरूक कर रहे हैं। नुक्कड़ नाटक और पंपलेट के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि झाड़-फूंक के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। यदि आपके इलाके में कोई सांप दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने की कोशिश न करें। किसी पेशेवर स्नेक कैचर यानी सांप पकड़ने वाले को तुरंत फोन करें। सजग रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।











