उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्वास्थ्य विभाग और परिवहन निगम की तरफ से एक सराहनीय पहल देखने को मिली है। रोडवेज डिपो परिसर में बस चालकों, परिचालकों और अन्य कर्मचारियों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य और एचआईवी जागरूकता शिविर लगाया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लगातार सफर करने वाले इन कर्मचारियों की सेहत की जांच करना और उन्हें एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना था।
रोडवेज कर्मियों की सेहत पर विशेष जोर
रोडवेज के कर्मचारी अक्सर अपने घरों से दूर लंबी दूरियों की यात्रा करते हैं। लगातार ड्राइविंग, अनियमित खानपान और विश्राम की कमी के कारण इन कर्मचारियों का स्वास्थ्य अक्सर प्रभावित होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने डिपो पहुंचकर रोडवेज कर्मियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। इस दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर और सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ एचआईवी की भी जांच की गई।
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जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा साधन
शिविर में मौजूद चिकित्सा अधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एचआईवी जैसी बीमारी से डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कर्मचारियों को समझाया कि जानकारी के अभाव में यह बीमारी जानलेवा बन सकती है, लेकिन सही समय पर जांच और सावधानी बरतकर इससे पूरी तरह बचा जा सकता है। डॉक्टरों ने कर्मचारियों को सुरक्षित यौन संबंधों और स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी।
"रोडवेज कर्मी दिन-रात यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाते हैं, ऐसे में उनकी खुद की सेहत का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। इस तरह के शिविरों से कर्मचारियों को अपनी सेहत जांचने का अवसर मिलता है और वे जागरूक होते हैं।" — डॉ. रमेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर कराई जांच
शिविर के दौरान रोडवेज डिपो के चालकों और परिचालकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से लाइन में लगकर अपनी जांच कराई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने लोगों के बीच जागरूकता पर्चे भी बांटे, जिनमें एचआईवी के फैलने के कारणों, लक्षणों और इलाज की पूरी जानकारी दी गई थी।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान
परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आगे भी समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे। डिपो स्तर पर इस तरह के आयोजनों से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि वे अपनी सेहत के प्रति ज्यादा जिम्मेदार बनते हैं। सोनभद्र में आयोजित इस शिविर को रोडवेज कर्मियों और स्थानीय लोगों ने एक बहुत ही सकारात्मक कदम बताया है।





