दिल्ली के मयूर विहार इलाके की रहने वाली 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रेया गुप्ता अकसर खुद को थका-थका महसूस करती थीं। बाल झड़ने और मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायत लेकर जब वे एक जानी-मानी क्लीनिकल डाइटीशियन के पास पहुंचीं, तो सामने आया कि उनकी डाइट में प्रोटीन की भारी कमी है। श्रेया की तरह ही देश के करोड़ों शाकाहारी आज इस दुविधा में हैं कि बिना मांसाहार के वे अपने शरीर को जरूरी पोषण कैसे दें। 'द फ्रीलांस' ने इस गंभीर स्वास्थ्य मुद्दे पर जमीनी पड़ताल की और वरिष्ठ क्लीनिकल डाइटीशियन व 'वनडाइटटुडे' की फाउंडर डॉ. अनु अग्रवाल से विशेष बातचीत की।
शरीर के लिए प्रोटीन क्यों है जरूरी और क्या हैं इसके 10 अहम काम?
डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि हमारे शरीर में अरबों कोशिकाएं हैं, जिन्हें ठीक से काम करने के लिए प्रोटीन की दरकार होती है। यह सिर्फ मसल्स बनाने का काम नहीं करता, बल्कि इसके कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी हैं। हमारी ऑन-द-ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, शरीर में प्रोटीन के 10 प्रमुख काम इस प्रकार हैं:
- मांसपेशियों के निर्माण और रखरखाव में मुख्य भूमिका निभाना।
- शारीरिक टिश्यूज (ऊतकों) के डैमेज होने पर उनकी मरम्मत करना।
- हार्मोन और एंजाइम का उत्पादन सुचारू रखना।
- इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत करना।
- ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना।
- त्वचा, बाल और नाखूनों की सेहत को बरकरार रखना।
- घावों को तेजी से भरने में मदद करना।
- ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में कार्य करना।
- शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखना।
- कोशिकाओं के बीच संदेश वाहक (सिग्नलिंग) का काम करना।
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शाकाहारियों के लिए प्रोटीन के 10 बेस्ट सोर्स और 60 ग्राम की आदर्श थाली
अकसर यह सवाल उठता है कि क्या वेजिटेरियन लोगों में हमेशा प्रोटीन की कमी होती है? इसका जवाब देते हुए डॉ. अग्रवाल स्पष्ट करती हैं कि यदि आपकी डाइट बैलेंस्ड है, तो शाकाहारी लोग भी अपनी दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी कर सकते हैं। ICMR और NIN के मानकों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क को उसके प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर 0.83 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। यानी 60 किलो वजन वाले व्यक्ति को रोज करीब 50 से 60 ग्राम प्रोटीन चाहिए। शाकाहारियों के लिए दाल, सोयाबीन, पनीर, दूध, मटर, चना, और नट्स जैसे मेवे प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं। एक आदर्श शाकाहारी थाली में हर मील (भोजन) में यदि एक प्रोटीन सोर्स जैसे सुबह अंकुरित अनाज, दोपहर में दाल-पनीर और रात में सोया प्रोडक्ट्स शामिल किए जाएं, तो बिना किसी प्रोटीन पाउडर या सप्लीमेंट के आसानी से 60-70 ग्राम प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। बढ़ती उम्र में सार्कोपीनिया (मसल मास कम होने की प्रक्रिया) से बचने के लिए भी सही मात्रा में प्रोटीन लेना बेहद जरूरी है।







