घर के बाहर नई टाइल्स लगानी थीं। इसके लिए एक शख्स अपने बगीचे की जमीन खोद रहा था। काम ज्यादा मुश्किल भी नहीं था। घास, पत्थर और बजरी हटानी थी। लेकिन करीब आधे घंटे बाद फावड़ा या औजार जमीन के अंदर किसी चीज से टकराया और अजीब सी आवाज आई।
पहले लगा कि शायद कोई पुराना लोहे का टुकड़ा या तार होगा। लेकिन जब उसने हाथ से मिट्टी हटाई तो एक के बाद एक धातु की चीजें निकलने लगीं। कुछ देर बाद उसे समझ आया कि ये कोई कबाड़ नहीं, बल्कि चांदी के गहने, सिक्के और चांदी की छड़ें हैं।
और सबसे हैरानी की बात? ये कोई कुछ साल पुराना सामान नहीं था। जमीन के अंदर करीब 1000 साल से दबा वाइकिंग दौर का खजाना छिपा हुआ था। इसमें करीब 700 प्राइसलेस एंटीक चीजें और टुकड़े मिले हैं। सभी चीजें चांदी की थीं। इस खजाने में चांदी का कुल वजन करीब 18.5 किलो है। यह सिर्फ चांदी नहीं बल्कि हजार साल पुरानी एक ऐतिहासिक धरोहर है, जिससे इसका मूल्य और बढ़ जाता है। इसे डेनमार्क का अब तक का सबसे बड़ा ज्ञात वाइकिंग सिल्वर होर्ड बताया जा रहा है।
बस टाइल्स के लिए खोदी थी जमीन
यह हैरान करने वाली खोज एक निजी घर के आंगन में हुई। घर का मालिक नई टाइल वाला चबूतरा बनाना चाहता था। इसके लिए वह जमीन तैयार कर रहा था। उसका इरादा सिर्फ कुछ घंटों में घास, पत्थर और बजरी हटाने का था। लेकिन करीब आधे घंटे की खुदाई के बाद उसे जमीन के अंदर से किसी चीज से टकराने की आवाज सुनाई दी। शुरुआत में उसे लगा कि शायद पुराना लोहा या बाड़ का तार होगा। साथ में मिट्टी में कुछ पुराने बर्तनों के टुकड़े भी दिखे।
लेकिन जैसे-जैसे उसने हाथ से मिट्टी हटाई, उसे एक के बाद एक धातु की चीजें मिलने लगीं। फिर उसे समझ आया कि उसके हाथ कोई सामान्य सामान नहीं, बल्कि गहने, सिक्के और चांदी की छड़ें लगी हैं। उस समय तक शायद उसे अंदाजा भी नहीं था कि वह डेनमार्क के सबसे बड़े वाइकिंग खजानों में से एक के ऊपर खड़ा था।
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मिट्टी के बर्तन में छिपाकर रखा गया था खजाना
पुरातत्वविदों के मुताबिक यह खजाना करीब 900वीं सदी में जमीन के अंदर छिपाया गया था। चांदी का बड़ा हिस्सा एक मिट्टी के बर्तन में रखा गया था। करीब 320 वस्तुएं, जिनका वजन लगभग 6.4 किलो था, उसी मूल मिट्टी के बर्तन में मिलीं। बाकी सामान उसके आसपास की मिट्टी में बिखरा हुआ था।
पूरे खजाने में करीब 700 वस्तुएं और उनके टुकड़े शामिल हैं। इनमें चांदी की छड़ें, कंगन, सिक्के, कटे हुए चांदी के टुकड़े और थॉर का छोटा हथौड़ा भी मिला है। यानी एक हजार साल पहले किसी ने अपनी बड़ी दौलत को जमीन के अंदर छिपाया था और फिर वह उसे लेने वापस नहीं आ सका।
खजाने में अरब और इंग्लैंड के सिक्के भी
इस खोज की खासियत सिर्फ इसकी मात्रा नहीं है। खजाने में अरब दुनिया और एंग्लो-सैक्सन इलाकों के सिक्के भी मिले हैं। इससे पता चलता है कि वाइकिंग दौर में डेनमार्क का संपर्क काफी दूर-दराज के इलाकों से था। उस समय चांदी सिर्फ गहने बनाने के काम नहीं आती थी। चांदी को वजन के हिसाब से भी संपत्ति और भुगतान के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था।
खजाने में मिली एक चांदी की छड़ पर कुछ रुनिक निशान खुदे हुए हैं, जिसे संभवतः 'hutu' पढ़ा जा सकता है। यह किसी व्यक्ति का नाम या मालिक की पहचान हो सकती है। इसके अलावा थॉर का हथौड़ा भी मिला है, जो वाइकिंग संस्कृति में उनके प्रमुख देवता का प्रतीक माना जाता है।
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