जालंधर में अमित शाह का कड़ा संदेश: पंजाब को चाहिए नशामुक्ति का संकल्प
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पंजाब की धरती से नशे के कारोबारियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। जालंधर में आयोजित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के भव्य समापन समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सूबे की आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए इस काले कारोबार का समूल नाश करना बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि कानून का शिकंजा कसते हुए अवैध नशे के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
अपने संबोधन की शुरुआत में गृह मंत्री ने पंजाब के महान इतिहास, मेहनतकश किसानों और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जिस राज्य ने हमेशा पूरे देश के अन्न भंडार भरने और सरहदों की हिफाजत करने में सबसे आगे रहकर बलिदान दिया है, उस पावन धरती पर नशे का जहर फैलना बेहद चिंताजनक और असहनीय है।
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पिछली सरकारों पर फूटा गुस्सा, 'चिट्टे' के कारोबार पर उठाए गंभीर सवाल
अमित शाह ने राज्य की पिछली सरकारों और मौजूदा व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले कुछ दशकों में राजनीतिक संरक्षण के चलते 'चिट्टा' जैसे घातक सिंथेटिक ड्रग्स का व्यापार बेलगाम हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध कारोबार ने पंजाब के हंसते-खेलते नौजवानों को अंधेरे में धकेल दिया है और अनगिनत परिवारों को तबाह कर दिया है।
गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंका जाए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि केंद्र और राज्य की एजेंसियां मिलकर केवल छोटे तस्करों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर इसके वित्तीय स्रोतों और सरगनाओं का पूरी तरह सफाया करेंगी।
2027 का विधानसभा चुनाव और 'नशा मुक्त पंजाब' का मुख्य एजेंडा
राजनीतिक मोर्चे पर बड़ा ऐलान करते हुए अमित शाह ने कहा कि आने वाला पंजाब विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी केवल और केवल 'नशा मुक्त पंजाब' के एकमात्र संकल्प और मुद्दे पर लड़ेगी। उन्होंने राज्य की माताओं, बहनों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस मुहिम में आगे आएं और भाजपा का समर्थन करें।
"मैं आज पंजाब की माताओं और युवाओं से वादा करके जाता हूं कि भाजपा का साथ दीजिए। हम आने वाली 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को इस अभिशाप से पूरी तरह मुक्त कर देंगे और राज्य में नशा मुहैया कराने वाला एक भी शख्स नहीं बचेगा।" — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के शराब घोटाले और अन्य विवादों में घिरे लोग कभी भी पंजाब को नशामुक्त नहीं बना सकते, क्योंकि जिनकी अपनी नीयत और नीतियां संदिग्ध रही हैं, वे जनता का भला नहीं कर सकते।
रैली से पहले सुरक्षा एजेंसियों को मिली धमकी और चाक-चौबंद इंतजाम
इस हाई-प्रोफाइल दौरे और विशाल रैली से ठीक पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप भी देखने को मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जालंधर के कुछ नामचीन निजी स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को अज्ञात ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई थी, जिसमें रैली स्थल पर विस्फोटक होने का दावा किया गया था।
हालांकि, सूचना मिलते ही राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत मोर्चा संभाला और चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु के न मिलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गृह मंत्री का यह दौरा और समापन समारोह पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है।







