सिनेमा जगत की एक हैरान करने वाली अनसुनी प्रेम कहानी
बॉलीवुड के दिग्गज और मंजे हुए अभिनेता अनुपम खेर की प्रोफेशनल लाइफ से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी के कई पन्ने आज भी अनसुने और रहस्यमयी हैं। अभिनेता की वर्तमान पत्नी किरण खेर के साथ उनकी प्रेम कहानी और मजबूत रिश्ते के बारे में तो सभी जानते हैं, मगर बहुत कम लोग यह जानते हैं कि किरण से पहले अनुपम खेर ने पहली शादी किससे की थी और वह रिश्ता कितनी जल्दी बिखर गया था।
हाल ही में अभिनेता के भाई और खुद एक जाने-माने कलाकार राजू खेर ने एक इंटरव्यू के दौरान इस पुराने और दबे हुए राज से पर्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि अनुपम खेर की पहली शादी अभिनेत्री मधुमालती कपूर के साथ हुई थी, लेकिन यह रिश्ता शुरू होने के साथ ही चंद घंटों में ही समाप्त हो गया था। इस खुलासे के बाद से ही सोशल मीडिया और गलियारों में इस पुराने किस्से की चर्चा फिर से तेज हो गई है।
सिनेमा प्रेमियों के लिए यह जानना बेहद दिलचस्प है कि आखिर किन परिस्थितियों में दो लोगों ने अचानक शादी करने का फैसला किया और ऐसा क्या हुआ कि शादी के अगले ही दिन सब कुछ खत्म हो गया। इस मामले में दोनों ही कलाकारों ने अपने जीवन के इस दौर को बहुत निजी रखा है, लेकिन हालिया खुलासों ने कई पुरानी परतों को उधेड़ कर रख दिया है।
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लखनऊ के मंदिर में चुपचाप रचाई थी शादी
मीडिया रिपोर्ट्स और पारिवारिक बयानों के मुताबिक, अनुपम खेर और मधुमालती कपूर एक-दूसरे को काफी समय से जानते थे। दोनों के बीच लगभग दो से तीन साल तक प्रेम संबंध रहा था। उस दौर में जब अनुपम ने फिल्मों में अपनी पहचान भी नहीं बनाई थी, तब उन्होंने लखनऊ में एक मंदिर के अंदर अचानक शादी करने का बड़ा फैसला लिया था।
यह शादी पूरी तरह से गोपनीय और पारिवारिक सहमति के बिना हुई थी। हालात ऐसे थे कि इस विवाह समारोह में परिवार का कोई भी सदस्य या रिश्तेदार मौजूद नहीं था। दोनों ने अपने स्तर पर ही एक-दूसरे को जीवनसाथी चुन लिया था। उस समय अनुपम खेर शिमला में थे जबकि मधुमालती लखनऊ में थीं, और अचानक लिए गए फैसले ने दोनों को मंदिर के मंडप तक पहुंचा दिया था।
"एक दिन अचानक उन्होंने फोन करके कहा कि भैया ऐसा सब मुझे करना पड़ेगा और अगले ही दिन वह वहां से भाग आए। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं इस रिश्ते में नहीं रह सकता। उस जमाने में तलाक के नियम भी काफी जटिल हुआ करते थे।" — राजू खेर, अभिनेता (सिद्धार्थ कन्नन के साथ साक्षात्कार में)
महज एक दिन में कैसे टूट गया यह बंधन?
पहले मीडिया में अक्सर यह कयास लगाए जाते रहे कि अनुपम और मधुमालती का यह वैवाहिक जीवन लगभग एक साल तक चला था। हालांकि, इस भ्रम को दूर करते हुए राजू खेर ने स्पष्ट किया कि यह रिश्ता एक साल तो दूर, एक दिन भी ठीक से नहीं टिक पाया था। शादी के अगले ही दिन अनुपम खेर उस रिश्ते से बाहर आ गए और वापस लौट आए।
राजू खेर ने बातचीत के दौरान बताया कि उनके भाई उस वक्त काफी सीधे-सादे स्वभाव के थे, जबकि मधुमालती कपूर का व्यक्तित्व काफी मजबूत था। हालांकि उन्होंने इस बात पर कभी खुलकर गहराई से चर्चा नहीं की कि दोनों के बीच ऐसा क्या मतभेद हुआ कि इतनी लंबी मोहब्बत एक दिन में ही दम तोड़ गई। उनके अनुसार, यह उन दोनों का व्यक्तिगत मामला था और इसमें बाहरियों का दखल देना उचित नहीं था।
परिवार के सदस्यों ने भी इस मामले में ज्यादा पूछताछ नहीं की क्योंकि वे जानते थे कि अनुपम अपने जीवन के फैसले खुद लेने में सक्षम हैं। इसके बावजूद, इस तरह अचानक विवाह टूटने से शुरुआती दौर में परिवार को भी एक बड़ा झटका जरूर लगा था, क्योंकि किसी को भी इस शादी के होने की भनक तक नहीं थी।
तलाक के बाद दोनों ने चुनी अपनी अलग राहें
पहली शादी के इस कड़वे और बेहद छोटे अनुभव के बाद अनुपम खेर ने अपने अभिनय करियर पर पूरा ध्यान केंद्रित किया और बाद में किरण खेर के साथ अपना घर बसाया, जो आज तक बहुत मजबूती से चल रहा है। वहीं दूसरी ओर, मधुमालती कपूर ने भी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला किया और मशहूर लेखक तथा निर्देशक रंजीत कपूर के साथ विवाह बंधन में बंध गईं।
मधुमालती कपूर ने अपने अभिनय सफर को जारी रखा और हिंदी सिनेमा के साथ-साथ टेलीविजन की दुनिया में भी कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने 'गदर: एक प्रेम कथा', 'द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई' और 'सोनू के टीटू की स्वीटी' जैसी प्रसिद्ध फिल्मों में बेहतरीन अभिनय कर दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई।
जीवन के इस पड़ाव पर जहां एक तरफ अनुपम खेर अपनी सफल फिल्मी पारी और मजबूत पारिवारिक जीवन का आनंद ले रहे हैं, वहीं मधुमालती भी अपनी कला के जरिए सक्रिय रहीं। अतीत के पन्नों में दबी यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि कई बार जिंदगी योजना के मुताबिक नहीं चलती और रास्ते अलग होने के बाद भी दोनों इंसान अपनी पेशेवर जिंदगी में मुकाम हासिल कर सकते हैं।







