सोशल मीडिया के दौर में कब कौन सा वीडियो सामने आ जाए और सनसनी फैला दे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। इन दिनों उत्तर प्रदेश के एक ग्रामीण इलाके में एक वीडियो ने ऐसा ही हड़कंप मचा रखा है। तालाब के किनारे एक संदिग्ध और खूंखार दिखने वाले जानवर का वीडियो सामने आने के बाद से आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं, खासकर पशुपालकों की नींद उड़ गई है क्योंकि उन्हें अपने मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। आइए जानते हैं क्या है इस वायरल वीडियो का पूरा सच और वन विभाग ने इस पर क्या कहा है।
तालाब के पास दिखा संदिग्ध जीव, वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
मामला गौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डेंगरहा और सौरहा ग्राम पंचायत की सीमा का है। यहां स्थित एक तालाब के पास शाम के वक्त एक जानवर को घूमते हुए देखा गया। इसका आकार और रूप-रंग कुछ ऐसा था कि देखने वाले को पहली नजर में वह तेंदुआ या बाघ का बच्चा लगा। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। किसी तरह इस जानवर का वीडियो बना लिया गया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही इलाके के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और दहशत फैल गई।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के जंगली जानवरों के खुलेआम घूमने से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगता है। शाम ढलते ही लोग अकेले बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। खासकर जिनके घरों में बकरियां, भेड़ और अन्य पालतू पशु हैं, वे खासे डरे हुए हैं। पशुपालकों को डर है कि कहीं उनका यह मवेशी इस अज्ञात जानवर का शिकार न बन जाए।
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मजदूर ने बनाया था वीडियो, पिछले दस साल से रह रहा है परिवार
मिली जानकारी के अनुसार, इस वायरल वीडियो को डेंगरहा ग्राम पंचायत में पिछले करीब दस वर्षों से रहकर मजदूरी करने वाले एक शख्स ने बनाया था। वीडियो बनाने वाला राजेश मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और यहीं रहकर अपनी आजीविका चलाता है। उसने बताया कि जब वह देर शाम तालाब के पास था, तब उसकी नजर इस अजीबोगरीब जीव पर पड़ी। अंधेरा होने और जानवर की बनावट के कारण उसे समझने में समय नहीं लगा और उसने तुरंत इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
जब यह वीडियो स्थानीय लोगों और ग्राम पंचायत के प्रशासक तक पहुंचा, तो स्थिति गंभीर हो गई। डेंगरहा ग्राम पंचायत के प्रशासक एजाज अहमद ने इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वीडियो सामने आने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया है। लोग लगातार फोन पर एक-दूसरे से संपर्क कर रहे हैं और बच्चों को घरों के अंदर ही रहने की हिदायत दी जा रही है।
पशुपालकों की बढ़ी चिंता, बकरियों और भेड़ों पर मंडराया खतरा
ग्रामीण इलाकों में आजीविका का एक बड़ा साधन पशुपालन होता है। लोग बड़ी मेहनत से बकरियां, भेड़ और गाय पालते हैं। जब से तेंदुए जैसे दिखने वाले इस जानवर का वीडियो वायरल हुआ है, तब से इन पशुपालकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बकरियों और भेड़ों को खुले में चराने वाले किसानों का कहना है कि यदि यह जानवर सचमुच कोई बड़ा शिकारी जीव है, तो उनके पालतू जानवर आसानी से इसका निवाला बन सकते हैं।
गांव के बुजुर्गों और किसानों ने तुरंत पंचायत स्तर पर बैठक कर इस बात की मांग उठाई कि वन विभाग को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि यह जानवर कौन सा है और कहां से आया है, तब तक चैन से बैठना मुश्किल है। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि वन विभाग की टीम को तुरंत मौके पर भेजा जाए ताकि जानवर को ट्रेस कर पकड़ा जा सके।
वन विभाग की बड़ी राहत: वीडियो वाला जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि फिशिंग कैट है
ग्रामीणों की दहशत और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग हरकत में आया। रामनगर रेंज की वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) सोनल वर्मा ने मामले का संज्ञान लिया और वायरल वीडियो की गहनता से जांच कराई। वन विभाग के अधिकारियों ने वीडियो में दिख रहे जानवर की चाल-ढाल, शरीर की बनावट और अन्य शारीरिक लक्षणों का बारीकी से विश्लेषण किया।
जांच के बाद वन विभाग ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रहा जानवर कोई तेंदुआ या बड़ा खूंखार शिकारी नहीं है, बल्कि यह एक 'फिशिंग कैट' (मछुआरा बिल्ली) है। अधिकारियों के मुताबिक, फिशिंग कैट मुख्य रूप से पानी के स्रोतों जैसे तालाब, नदी और झीलों के आसपास पाई जाती है और इसका मुख्य भोजन मछली होता है। यह दिखने में जंगली बिल्ली जैसी या थोड़ी बड़ी होती है, जिसके शरीर पर तेंदुए जैसे धब्बे हो सकते हैं, इसी वजह से ग्रामीण भ्रमित हो गए और इसे तेंदुआ समझ बैठे।
"वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा जानवर तेंदुआ नहीं, बल्कि फिशिंग कैट है। यह मुख्य रूप से मछलियां और जलीय जीव खाती है। हालांकि एहतियात के तौर पर ग्रामीण और पशुपालक सतर्क रहें और किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें।" — सोनल वर्मा, वन क्षेत्राधिकारी, रामनगर रेंज
वन विभाग की अपील: घबराएं नहीं, लेकिन पूरी सतर्कता बरतें
भले ही वन विभाग ने यह साफ कर दिया हो कि वह जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि फिशिंग कैट है, फिर भी प्रशासन ने लोगों को पूरी तरह से लापरवाह न होने की सलाह दी है। फिशिंग कैट भी एक वन्यजीव है और खुद को खतरे में महसूस करने पर हमला कर सकती है। खासकर छोटे बच्चों और पालतू मवेशियों को इससे दूर रखने की जरूरत है।
वन विभाग की टीम ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे रात के समय अकेले तालाब या सुनसान रास्तों पर जाने से बचें। यदि किसी को दोबारा ऐसा कोई जीव दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने की कोशिश न करें बल्कि तुरंत वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। इस पूरी घटना के बाद से हालांकि गांव वालों ने थोड़ी राहत की सांस ली है, लेकिन एहतियात के तौर पर अभी भी सतर्कता बरती जा रही है।








