बुराड़ी विकास कार्यों के शिलान्यास पर गरमाई सियासत
राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। ताजा मामला बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र का है, जहां विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेता आमने-सामने आ गए हैं। 'आप' विधायक संजीव झा ने भाजपा के सांसद मनोज तिवारी पर कड़ा पलटवार करते हुए तीखे आरोप लगाए हैं। संजीव झा का कहना है कि बुराड़ी के केशव नगर इलाके में रविवार को जिस 66 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया है, उसकी पटकथा बहुत पहले लिखी जा चुकी थी और यह पूरी तरह से आम आदमी पार्टी की सरकार की देन है।
स्थानीय विधायक का आरोप है कि भाजपा सांसद केवल वाहवाही लूटने के लिए उन कामों का फीता काटने पहुंच रहे हैं, जिन्हें प्रशासनिक औपचारिकताओं और लंबी दौड़-धूप के बाद 'आप' सरकार ने धरातल पर उतारने की रूपरेखा तैयार की थी। इस राजनीतिक भिड़ंत ने एक बार फिर दिल्ली में विकास कार्यों के श्रेय की राजनीति को गरमा दिया है, जहां दोनों दल जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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अटके हुए टेंडर और प्रशासनिक बाधाओं का उठाया मुद्दा
संजीव झा ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि 66 करोड़ रुपये की यह बड़ी परियोजना साल 2024 में ही आम आदमी पार्टी की सरकार के समय स्वीकृत हो चुकी थी। हालांकि, इसके टेंडर की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कई तरह की रुकावटें आईं। विधायक का दावा है कि उपराज्यपाल कार्यालय और संबंधित विभागों के चक्कर काटने तथा लगातार फॉलोअप करने के बाद जाकर इन कार्यों के टेंडर पास हो सके। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कागजी कार्रवाई और फंडिंग का सारा काम पहले ही पूरा हो चुका था, तो अब आकर इसका श्रेय लेने की होड़ क्यों मचाई जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि केशव नगर और सुशांत विहार जैसे इलाकों में विकास कार्य लंबे समय से उनकी प्राथमिकता सूची में रहे हैं। इसके बावजूद, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते इन कामों में जानबूझकर देरी कराई गई। संजीव झा ने कहा कि टेंडर होने के बाद भी उद्घाटन का तामझाम खड़ा करके यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि सारा काम मौजूदा केंद्र सरकार या स्थानीय भाजपा नेताओं के प्रयासों से हुआ है, जो कि सरासर झूठ और भ्रामक है।
सांसद मनोज तिवारी पर गोद लिए गांवों की उपेक्षा का आरोप
विधायक संजीव झा ने केवल शिलान्यास तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि सांसद मनोज तिवारी द्वारा अतीत में लिए गए फैसलों पर भी सवालिया निशान खड़े किए। उन्होंने याद दिलाया कि सांसद ने बड़े ही दावे के साथ इब्राहिमपुर और कादीपुर गांवों को गोद लिया था। लेकिन धरातल पर स्थिति यह है कि सांसद निधि का एक भी पैसा इन गांवों के विकास पर खर्च नहीं किया गया। जनता ने तो अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूरा समर्थन दिया, लेकिन जनप्रतिनिधि के रूप में इन क्षेत्रों को केवल उपेक्षा ही हाथ लगी।
संजीव झा ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि इन गांवों में सांसद निधि से कोई ठोस कार्य हुआ है, तो उसका सार्वजनिक हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े वादे करना और चुनाव के समय वादों की फेहरिस्त गिनाना आसान होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता की तकलीफों को दूर करने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है, जो भाजपा के प्रतिनिधियों ने कभी नहीं की।
"मनोज तिवारी को शायद यह भी याद नहीं होगा कि बुराड़ी में आम आदमी पार्टी की सरकार आने से पहले पानी की एक बूंद तक नहीं मिलती थी। आज वे जिन सड़कों और गलियों में खड़े होकर श्रेय ले रहे हैं, वहां की बुनियादी जरूरतों को हमारी सरकार ने पूरा किया है। जनता सब जानती है कि कौन काम कर रहा है और कौन सिर्फ बयानबाजी कर रहा है।" — संजीव झा, विधायक, बुराड़ी
बुराड़ी की पुरानी बदहाली और केजरीवाल सरकार के प्रयास
केशव नगर और आसपास की कॉलोनियों के इतिहास को याद करते हुए संजीव झा ने कहा कि इन इलाकों के हालात पहले बेहद दयनीय थे। उन्होंने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने से पहले इन कॉलोनियों में पीने के पानी की पाइपलाइन तक मौजूद नहीं थी। 'आप' सरकार ने चरणबद्ध तरीके से यहां पानी की लाइनें बिछाईं, पक्की सड़कों का जाल तैयार किया, सीवर व्यवस्था को सुधारा और गैस पाइपलाइन की सुविधा मुहैया कराई।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन इलाकों में पहले पैदल चलना भी मुश्किल था, वहां आज आधुनिक बुनियादी ढांचा खड़ा हो चुका है और इस बदलाव का श्रेय सिर्फ और सिर्फ स्थानीय जनता के संघर्ष और 'आप' सरकार की नीतियों को जाता है। विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है, वे सिर्फ ऐसे मौकों की तलाश में रहते हैं जहां बिना मेहनत किए उद्घाटन की तख्तियों पर अपना नाम लिखवाया जा सके।
आगामी राजनीतिक भविष्य और जनता की अदालत
अपनी बातचीत के अंत में संजीव झा ने दिल्ली की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में जिस तरह से काम रोके गए हैं और जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया गया है, उससे जनता का मोहभंग हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली की जागरूक जनता इन खोखले दावों और प्रोपेगैंडा की राजनीति को अच्छी तरह समझती है। आगामी समय में जनता इन बयानों का करारा जवाब अपने वोटों के जरिए देगी और विकास कार्यों में अटकाव पैदा करने वालों को सत्ता से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखाएगी।







